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उनेसिमुस: भगोड़ा गुलाम

उनेसिमुस, एक भगोड़ा गुलाम, फिलेमोन से मिलने के लिए वापस आता है।
योगदानकर्ता हेलेन रीज़न
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क्या आपने कभी किसी परेशानी से छिपना या भागना चाहा है? क्या आपने कभी दूर भाग जाने की इच्छा को महसूस किया है। उनेसिमुस को अच्छी तरह से पता था कि क्रोधित और असहाय होने पर कैसा महसूस होता है? – Slide número 1
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उनेसिमुस एक गुलाम था। उसके नाम का अर्थ ‘उपयोगी’ था। वह बहुत समय पहले रोमी साम्राज्य में रहा करता था उस समय धनी लोगों के पास उनके काम-काज करने के लिए गुलाम हुआ करते थे। एक गुलाम के लिए उसके स्वामी की आज्ञा पूरी करने और कठिन परिश्रम करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होता था। – Slide número 2
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फिलेमोन उनेसिमुस का स्वामी था वह बहुत ही धनी था। वह अपने निर्धन गुलाम उनेसिमुस को बहुत व्यस्त रखता था। उनेसिमुस अक्सर थक जाता और खिन्न हो जाता। – Slide número 3
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परंतु एक दिन, सबकुछ बदल गया। एक धर्मोपदेशक यात्री उनके शहर कुलुस्सै में आया। उस धर्मोपदेशक का नाम पौलुस था। – Slide número 4
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यह एक भगोड़े गुलाम उनेसिमुस की कहानी है। इसका सारांश बाईबल में मिलता है। – Slide número 5
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यह दिन भी सामान्य दिनों की ही तरह था। उनेसिमुस भोर से ही कठिन परिश्रम कर रहा था। और दूसरी तरफ उसका स्वामी अभी जागा ही था और कहीं जाने की जल्दी में था। उसने उनेसिमुस से कहा जा और जाकर मेरे रथ को चमका। – Slide número 6
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उनेसिमुस थका हुआ था लेकिन उसने रथ को चमकाना शुरू किया। वह एक दास था और दास को उसके स्वामी कि आज्ञा का पालन करना होता था नहीं तो उन्हें सजा दी जाती थी। – Slide número 7
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और जब वह रथ को चमका रहा था तो, उनेसिमुस वहाँ से भाग जाने के सपने देखने लगा। परन्तु क्या वह वहाँ से उसके स्वामी फिलेमोन या रोमी सिपाहियों के द्वारा पकड़े जाने से पहले वहाँ से भाग सका? – Slide número 8
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फिलेमोन ने नए आदेश दिए। ‘मेरे रथ को तैयार करो, मैं इस नए प्रचारक पौलुस को देखने कुलुस्सै जा रहा हूँ। वह लोगों को परमेश्वर और उसके पुत्र यीशु के बारे में बताता है और ये भी बताता है कि कैसे परमेश्वर लोगों को स्वतंत्र करता है।’ उनेसिमुस को यह लुभावना लगा लेकिन उसे पता था कि वह पौलुस को देखने नहीं जा सकता क्योंकि फिलेमोन उसे जाने नहीं देगा। – Slide número 9
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और थोड़ी देर के बाद फिलमोन भी उस भीड़ में शामिल हो गया जो पौलुस को सुन रही थी। – Slide número 10
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उसने पौलुस से चिल्लाकर कहा, आप कहते हैं कि परमेश्वर लोगों को स्वतंत्र कर सकता है इससे आपका क्या तात्पर्य है? मैं तो किसी का गुलाम नहीं! – Slide número 11
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पौलुस ने उसको उत्तर दिया चाहे तुम ये सोचते हो कि तुम किसी के गुलाम पर क्या तुम वास्तव में स्वतंत्र हो? चाहे तुम किसी वास्तविक स्वामी के गुलाम नहीं जो तुम्हें कुछ करने की आज्ञा देता है, परंतु तुम उन बातों को करते हो जो बुरी हैं। तुम दूसरों को दुख पहुंचाते हो जो परमेश्वर को दुखी करता है। ये बातें तुम्हें उन बुरी बातों का गुलाम बनाती हैं। – Slide número 12
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फिलेमोन ने कुछ देर सोचा, फिर धीरे से कहा, मेरे विचार से आप सही कह रहे हैं। मैं कुछ हद तक गुलाम हूँ। मैं बहुत सी गलत बातें करता हूँ मैं क्या करूँ? पौलुस ने मुस्कुराकर कहा परमेश्वर हमें क्षमा करना चाहता है यदि हम खेदित हैं और हमें खुद को बदलने में सहायता करता है। यीशु हमें यही दिखाने के लिए हमारें बीच आए। – Slide número 13
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फिलेमोन और अधिक सुनना चाहता था, इसलिए उसने पौलुस को अपने घर में ठहरने के लिए आमंत्रित किया। घमंडी फिलेमोन के लिए यह कहना बिलकुल भी आसान नहीं था कि वह परमेश्वर से क्षमा चाहता था, परंतु उसने ऐसा ही किया। – Slide número 14
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सभी आनन्दित लग रहे थे। उनेसिमुस भी आनन्दित था परंतु किसी अन्य कारण से। उसका स्वामी बहुत व्यस्त था इसलिए ध्यान नहीं दे पा रहा था कि उनेसिमुस क्या कर रहा था। और अंततः वो अवसर आया जिसमें वह भाग सके! – Slide número 15
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उनेसिमुस चोरी-छिपे फिलेमोन के घर से पैसे और कीमती चीजों को चुराने के लिये घुसा। इसके बाद वह दबे पांव घर से बाहर निकलर आंगन को पार करते हुए गली में पहुँच गया। – Slide número 16
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वह तेजी से और शांतिपूर्वक ढंग से चलता रहा, चोरी-छिपे दबे पांव से परछाइयों में छिपता हुआ। वह जानता था कि यदि वह पकड़ा गया तो उसके लिए बहुत बड़ी परेशानी खड़ी हो जाएगी। सैनिक उसे ढूंढ रहे होंगे। इसलिए वह दिन के समय छुपा रहा और रात में अंधकार में वहां से चला गया। – Slide número 17
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उनेसिमुस समुद्र की ओर चला गया। उसे जितना हो सके उतना दूर जाना था! कोई उसे देख सकता था और सैनिकों को उसके बारे में सूचना दे सकता था। – Slide número 18
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एक जहाज जो कि इटली को जाने वाला था उनेसिमुस उस जहाज में चढ़ गया और कप्तान को चोरी के पैसों में से कुछ अपने किराए के लिए दे दिए। और समुद्र में पहुंचने पर उसने चैन की सांस ली - अब आखिरकार वह स्वतंत्र था। लेकिन उसे अंदर से स्वतंत्र अनुभव नहीं हो रहा था। वह खुद को दोषी महसूस कर रहा था और चिंतित था। – Slide número 19
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उसने जहाज से अपने शहर कुलुस्सै से लेकर इटली तक की बहुत ही लंबी यात्रा की। – Slide número 20
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उनेसिमुस रोम के एक प्रसिद्ध नगर में चला गया। लेकिन शीघ्र ही जो धन उसने चुराया था वह समाप्त हो गया। उसे फिर से नौकरी करने का विचार पसंद नही आया, और उसने चोरी करना शुरू कर दिया। – Slide número 21
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पकड़ लिया! तुम्हे गिरफ्तार किया जाता है।’’ एक लंबे-चैड़े रोमी सेवक ने उनेसिमुस को खींचकर जेल में डाल दिया। – Slide número 22
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उनेसिमुस को काल कोठरी में ड़ाला जा चुका था, पूरे रोम में कोई उसे नहीं जानता था कि व कौन है, कोई ये भी नहीं जानता था वह एक भगोड़ा गुलाम था। उसे जेल में अपनी सज़ा पूरी करनी थी, इसके बाद वह फिर से स्वतंत्र हो जाता। – Slide número 23
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कुछ महीनों बाद सुरक्षाकर्मियों ने आकर उसे दूसरी कोठरी में ड़ाल दिया। सुरक्षाकर्मी ने दांत पीसते हुए कहा, ‘तुम्हें एक नए कैदी के साथ रखा जा रहा है।’’ वह कोई अपराधी नहीं है, परंतु वह लोगों से कहता रहता है, कि परमेश्वर तुम्हें क्षमा करेगा और स्वतंत्र करेगा; उसके कारण दंगे हो रहे हैं, इसलिए हमने उसे गिरफ्तार किया है। सम्राट स्वयं उसके मुकदमें की सुनवाई कर रहे हैं। – Slide número 24
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उनेसिमुस ने कोठरी में उस मनुष्य को घूरते हुए कहा। क्या मैं तुम्हें जानता हूँ? – Slide número 25
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पौलुस ने सिर हिलाते हुए कहा, हाँ मैंने तुम्हे फिलेमोन के घर में देखा था। क्या तुम उसके गुलामों में से एक नहीं हो? – Slide número 26
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उनेसिमुस यह सुनकर भयभीत हो उठा। क्या पौलुस ने सैनिकों को बताया, कि उनेसिमुस कौन है? – Slide número 27
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कुछ दिनों तक दोनों कैदी आपस में बातें करते रहे। पौलुस के पास भगोड़े गुलाम के लिए एक अच्छा समाचार था। उसने उससे कहा, ‘यदि तुम वास्तविक रूप से क्षमा चाहते हो, तो तुम्हारें मन में जो बुरें विचार और काम हैं वे तुम्हे परमेश्वर के समक्ष रखने होंगे, तो परमेश्वर तुम्हे क्षमा करेगा और तुम्हारे पाप क्षमा कर दिए जाएंगे।’ उनेसिमुस जानता था कि यह उसके लिए निर्णय का समय था। – Slide número 28
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‘वह प्रार्थना करने लगा, प्रिय परमेश्वर मैंने बहुत सारे ऐसे काम किए हैं जिनके विषय में मैं लज्जित महसूस कर रहा हूँ। कृप्या मुझे क्षमा करें और मुझे बदलने और भलाई के लिए जीने में मेरी सहायता करें।’ – Slide número 29
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पौलुस ने यहीं पर समाप्त नहीं किया। और उससे कहा, उनेसिमुस तुम्हें फिलेमोन के साथ भी मेल मिलाप करना होगा। यह सुनकर उनेसिमुस हताश हो गया। और कहा, जो वस्तुएं मैने चोरी की हैं, उनका क्या? मेरा स्वामी फिलेमोन मुझे कभी क्षमा नहीं करेगा, मेरे पास कुछ भी नहीं बचा, अब मैं उसका नुकसान किस प्रकार भरूँगा? – Slide número 30
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पौलुस ने कुछ क्षण सोचा और कहा, ‘जो मैं कर सकता हूँ वह करूँगा। मैं फिलेमोन को एक पत्र लिखुँगा और उससे कहूंगा कि जो तेरा उधार उनेसिमुस पर है; वह मैं भर दूंगा।’ – Slide número 31
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और बहुत समय नहीं बीता था कि..... एक सैनिक ने उनेसिमुस से कहा अपना सामान बांध और चला जा, तेरी सज़ा पूरी हो चुकी है, इसके बाद उसने उसे जेल से बाहर निकाल दिया। – Slide número 32
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उनेसिमुस ने ताज़ी हवा में सांस ली। अब वह फिर से स्वतंत्र था, उसे तय करना था कि उसे क्या करना चाहिए? क्या रोम में रहे? या फिलेमोन के पास वापस जाने का जोखिम उठाए? और यह समय इस गुलाम के साहस दिखाने का था। उसने उस पत्र को जो पौलुस ने फिलेमान को लिखा था, अच्छी तरह से पकड़ा और पास के समुद्री बंदरगाह की ओर चल पड़ा। – Slide número 33
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वह जहाज पर चढ़ा और वापस कुलुस्सै में आ गया। – Slide número 34
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क्या फिलेमोन उसे क्षमा करेगा? यदि उसने नहीं किया तो ....... वह इन विचारों को सह नहीं पा रहा था। – Slide número 35
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एक समय उसे अपने ही देश में छिपना पड़ा। सैनिक हमेशा भगोड़े गुलामों को ढूंढते रहते थे। उसन सोचा की हर समय उसके स्वामी फिलेमोन ने उससे ज्यादती की थी। क्या फिलेमोन उससे एक भगोड़े गुलाम की तरह व्यवहार करेगा या फिर एक भाई की तरह जैसा कि पौलुस ने अपने पत्र में लिखा था? – Slide número 36
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और दिन के दौरान वह छिपा रहा। और रात के समय वह परछाइयों में छिपता हुआ फिलेमोन के घर की तरफ बढ़ने लगा। वह एक चोर, झूठा और एक भगोड़ा गुलाम था। क्या वह क्षमा के लायक था? – Slide número 37
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और फिलेमोन के घर पर पहुँचकर उसने हाँफते हुए अपनी भौहें पोंछी और कांपते हुए हाथों से अपने झोले में से पौलुस का लिखा हुआ पत्र निकाला। उसमें लिखा था, ‘प्रिय फिलेमोन, कृप्या उनेसिमुस का उसी प्रकार स्वागत करना जिस प्रकार तुम मेरा स्वागत करते...’’ – Slide número 38
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उनेसिमुस ने खटखटाया और प्रतीक्षा करने लगा...और चरचराहट के साथ दरवाजा खुला... फिलेमोन की बड़ी आकृति उनेसिमुस पर परछाई डालते हुए प्रकट हुई और... – Slide número 39
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फिलेमोन एवं उनेसिमुस की कहानी का सारांश बाईबल में मिलता है, लेकिन यह हमें नहीं बताता कि आगे क्या हुआ। आप क्या सोचते हैं कि आगे क्या हुआ होगा? – Slide número 40
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क्या आप सोचते हैं कि फिलेमोन अपने चोर एंव भगोड़े गुलाम से क्रोधित था? क्या आप सोचते है कि उसने उसकी सूचना रोमी सिपाहियों को दी ताकि उसे दंड दिया जाए? क्या आप सोचते हैं कि उसने उनेसिमस को फिर से जेल में फिंकवा दिया? – Slide número 41
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या फिर आप यह सोचते हैं, कि फिलेमोन ने पौलुस के पत्र को पढ़कर उनेसिमुस को क्षमा किया? क्या आप सोचते हैं कि उसने अपने घर में फिर से उसका स्वागत किया? क्या आप सोचते हैं कि फिलेमोन ने उनेसिमुस के साथ एक गुलाम की बजाए एक भाई की तरह व्यवहार करना शुरू कर दिया? – Slide número 42
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यदि आप फिलेमोन होते, तो क्या आप उनेसिमुस को क्षमा करते? – Slide número 43
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