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यीशु मसीह 5000 लोगों को खिलाता है

यीशु पाँच रोटियों और दो मछलियों से 5000 से अधिक लोगों को खिलाते हैं।
योगदानकर्ता रेव. हेनरी मार्टिन
CC BY-NC-ND
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चेले अपनी सेवकाई के यात्रा से यीशु मसीह के पास लौटे और उन्होंने जो कुछ किया और सिखाया था वह सब यीशु मसीह को बताया। तब यीशु मसीह ने कहा, 'आओ, हम कुछ देर के लिए भीड़ से दूर हो जाएं और विश्राम करें।' तो वे नाव से एक शांत स्थान के लिए निकल गए। – स्लाइड 1
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परन्‍तु लोगों ने उन्‍हें जाते हुए देखा, और किनारे कि ओर से दौड़े, और उतरते ही उन से मिले। नाव से उतरते ही भारी भीड़ ने यीशु मसीह और चेलो को स्वागत किया। यीशु मसीह को उन पर तरस आया क्योंकि वे उन भेड़ों के समान थे जिनका कोई चरवाहा न हो। – स्लाइड 2
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तो यीशु मसीह अपने चेलों के साथ बैठ गया और उस विशाल भीड़ को जो इकट्ठी हुई थी, उपदेश देने लगा। – स्लाइड 3
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दोपहर में चेले यीशु मसीह के पास आए और बोले, 'देर हो रही है। भीड़ को विदा करो ताकि वे पास के खेतों और गांवों में जाकर भोजन खरीद सकें।' लेकिन यीशु मसीह ने कहा, 'तुम उन्हें खिलाओ।' – स्लाइड 4
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फिलिप ने पूछा, 'किस से खिलाये?'। 'इन सभी लोगों के लिए भोजन ख़रीदने में बहुत खर्चा होगा!' यीशु ने पूछा, 'तुम्हारे पास कितना खाना है?'। – स्लाइड 5
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शमौन पतरस के भाई अन्द्रियास ने कहा। 'यहाँ एक जवान लड़का है जिसके पास पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ हैं। – स्लाइड 6
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'लेकिन वह इस विशाल भीड़ को कैसे खिला सकते है?' – स्लाइड 7
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यीशु ने कहा, 'लड़के से कहो कि वह मेरे पास रोटियाँ और मछलियाँ लाएँ।' फिर उसने चेलों से कहा कि सबको बैठने के लिए कहो। – स्लाइड 8
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यीशु ने पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ लीं। स्वर्ग की ओर देखते हुए, उसने धन्यवाद दिया और उन्हें तोड़ा। फिर उसने चेलों को टुकड़े दिए ताकि वे घूमें और बड़ी भीड़ को खाना खिलाएं - कम से कम 5,000 पुरुष और महिलाएं और बच्चे शामिल थे। – स्लाइड 9
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और वे सब तब तक खाते रहे जब तक उनका पेट नहीं भर गया। यीशु मसीह ने अपने चेलों से कहा, 'अब बचा हुआ सामान इकट्ठा करो, ताकि कुछ भी बर्बाद न हो।' – स्लाइड 10
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चेलों ने बचे हुए टुकड़ों की बारह टोकरियाँ उठाईं। – स्लाइड 11
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छोटा – बड़ा हो जाता है और थोड़ा – बहुत हो जाता है, जब परमेश्वर के हाथों में रखा जाता है! – स्लाइड 12
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