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अच्छा सामरी

एक यहूदी के जीवन को बचाने वाले एक सामरी के बारे में एक दृष्टांत।
योगदानकर्ता रेव. हेनरी मार्टिन
CC BY-NC-ND
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यीशु ने इस दृष्टांत के द्वारा यह समझाया की हमें अपने पडोसी से अपने समान प्रेम करना है। एक बार एक यहूदी व्यक्ति यरूशलेम से यरीहो जा रहा था। रास्ते में लुटेरों ने उस पर हमला कर दिया। – स्लाइड 1
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उन्होंने उसके कपड़े और पैसे छीन लिए, उसे पीटा, और उसे सड़क के किनारे अधमरा छोड़ दिया। – स्लाइड 2
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एक पुरोहित उसी रास्ते से जा रहा था, लेकिन जब उसने उस आदमी को अधमरा देखा, तो वह सड़क के दूसरी तरफ से चला गया। – स्लाइड 3
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तभी एक मंदिर के सहायक ने उसे वहीं पड़ा देखा, लेकिन वह भी दूसरी तरफ से गुजर गया। – स्लाइड 4
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तभी एक सामरी आया। (यहूदियों और सामरियों के बीच घृणा का एक लंबा इतिहास रहा है)। जब सामरी ने यहूदी व्यक्ति की दशा देखी, तो उसका मन पिघल गया। – स्लाइड 5
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सामरी ने घायल व्यक्ति के घावों को साफ किया और उस पर पट्टी बांध दी। तब वह उसे अपने गदहे पर उठाकर सराय में ले गया, जहां वह उसकी देखभाल करता था। – स्लाइड 6
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सुबह उसने दो चाँदी के सिक्के निकाले और सरायवाले को दे दिए। उन्होंने कहा, 'उसकी अच्छी देखभाल करें'। 'अगर इसकी और कीमत है, तो इसे मेरे बिल पर डाल दो। वापस जाते समय मैं तुम्हें भुगतान करूंगा।' फिर यीशु मसीह ने पूछा, 'तो इन तीनों में से कौन आपके विचार से उस व्यक्ति का पड़ोसी था जिस पर चोरों ने हमला किया था?' – स्लाइड 7
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