हम सामान्य आगंतुक आंकड़े एकत्र करने के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं लेकिन व्यक्तिगत जानकारी नहीं। गोपनीयता नीति

राजा दाऊद का वाचा के सन्दूक को यरूशलेम लाना

दाऊद सीखता है कि उसे सन्दूक को यरूशलेम में कैसे लाना चाहिए।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
पर्सनल और टीचिंग इस्तेमाल की इजाज़त है व्यक्तिगत एवं शिक्षण उपयोगवाणिज्यिक उपयोग की अनुमति व्यावसायिक उपयोगव्युत्पन्न कार्यों की अनुमति है व्युत्पन्न कृतियाँA.I. अनुकूलन की अनुमति A.I. रूपांतरण
1
और युद्ध में शाऊल और योनातान कि मृत्यु के बाद, दाऊद यहूदा से पहला अभिषिक्त राजा बना और इसके बाद वह समस्त इस्राएल के गोत्रों का राजा बन गया। और जब दाऊद राजा बना तब वह ३० वर्ष का था। – स्लाइड 1
2
और उसके राज्य के पहले सात वर्षों में दाऊद ने हेब्रोन से राज्य किया। उसके बाद उसने येबुस {जो बाद में यरूशलेम कहलाया} जो कि यबूसिओं के रहने का स्थान था उसे अपनी राजधानी के रूप में लेने का निश्चय किया। – स्लाइड 2
3
यरूशलेम, सिय्योन पर्वत पर एक किला था जो बहुत ही सुरक्षित था इसलिए यबूसिओं ने घमंड करके कहा। तुम इसमें कभी प्रवेश नही कर पाओगे कोई अंधा और लंगड़ा भी तुम्हे भगा देगा। – स्लाइड 3
4
परंतु, दाऊद ने यरूशलेम का किला जीत लिया और यरूशलेम को दाऊद का नगर बना दिया। और उसने यरूशलेम के पास की भूमि का विकास आरम्भ किया और जो वह करता था परमेश्वर उसमें उसके साथ था । – स्लाइड 4
5
शूर के राजा हिराम ने दाऊद के पास अपने दूत केदार की लकड़ी और बढ़ई और पत्थर कारीगर लेकर भेजे और उन्होंने दाऊद के लिए एक महल बनाया। और दाऊद जानता था कि परमेश्वर ने उसके राज्य को स्थापित किया था इसलिए वह यरूशलेम को आराधना का स्थान भी बनाना चाहता था। – स्लाइड 5
6
और वाचा का सन्दूक किरात-ये़रिम {बालाह} में पिछले 12 साल से अबिनादाब के घर में था । और दाऊद उसे यरूशलेम में लाकर उस नए तम्बू में जो उसने खड़ा कराया था उसमे रखवाना चाहता था। – स्लाइड 6
7
और सारे इस्राएली किरात-ये़रिम में एकत्रित हुए और परमेश्वर का सन्दूक एक नई बैलगाड़ी में उज़ियाह के साथ रखा गया और अहियो उसकी अगुवाई कर था। उन्होंने ये नही सोचा था कि परमेश्वर कि आज्ञा मानना महत्वपूर्ण है और सन्दूक केवल लेवियों के द्वारा ही स्थानान्तरित किया जा सकता है। – स्लाइड 7
8
और दाऊद और सभी इस्राएली अपनी सारी सामर्थ से परमेश्वर के समने खुशी मना रहे थे। और गीत गाकर तुरही, झांझ,सारंगी और शहनाई और डफ आदि बजा रहे थे। – स्लाइड 8
9
और जब वे कीदोन कि तराई में पहुंचे उज़ियाह ने हाथ बढ़ाकर सन्दूक को सीधा किया क्योंकि बैल लड़खड़ा गए थे। और प्रभु का क्रोध उज़ियाह के विरूद्ध भडक उठा और प्रभु ने उसे मारा क्योंकि उसने हाथ बढ़ाकर सन्दूक छुआ था और वह वहीं पर मर गया। – स्लाइड 9
10
और दाऊद डर गया और पूछा, कि मैं किस प्रकार परमेश्वर के सन्दूक को अपने पास ला सकता हूँ? और सन्दूक गित्ति ओबेद-एदोम के घर ले जाया गया और वहाँ तीन महीने तक रहा। – स्लाइड 10
11
और जब सन्दूक ओबेद-एदोम के घर पर था तो परमेश्वर ने उसे और उसके परिवार को आशीष दी। और दाऊद ने वाचा के सन्दूक को यरूशलेम लाने का निश्चय किया परंतु ये उसने इस प्रकार किया कि जो आज्ञा परमेश्वर ने मूसा को सन्दूक स्थानांतरित विषय में कही थी सब कुछ उस प्रकार किया गया। – स्लाइड 11
12
दाऊद ने घोषणा की और कहा केवल लेवियों को छोड़कर कोई परमेश्वर के सन्दूक को ना उठाये। परमेश्वर ने केवल उन्हें ही अपने सन्दूक को उठाने और उसकी सेवा करने के लिए चुना है। और जब लेवियों ने सन्दूक को छः कदम तक उठाया, दाऊद ने परमेश्वर के सामने बलिदान चढ़ाये। – स्लाइड 12
13
और दाऊद ने लेवियों से संगीतकारों को चुनने को कहा ताकि वे सारंगी और शहनाई और झांझ बजाकर आनंद कि ध्वनि बजाएँ। और संगीतकारों की अगुवाई हेमाम, आसाप और एतान ने की। – स्लाइड 13
14
और लेवियों और दाऊद ने श्वेत मखमली वस्त्र पहने थे किनान्न्याह गाने वालों के झुण्ड का नेतृत्व कर रहा था। – स्लाइड 14
15
और इस्राएली परमेश्वर के सन्दूक को आनन्द कि जयजयकार और नरसिंगो और तुरहियों और झांझ और बाजों की ध्वनि के साथ यरूशलेम में ले आए। – स्लाइड 15
16
और जैसे ही वाचा का सन्दूक यरूशलेम में प्रवेश कर रहा था, दाऊद कि पत्नी और शाऊल की पुत्री मीकल खिड़की में से देख रही थी। और जब उसने राजा दाऊद को नाचते और आनन्द मनाते देखा तो उसने अपने मन में उसे तुच्छ जाना। – स्लाइड 16
17
और उन्होंने सन्दूक को लाकर दाऊद के खड़े कराये तम्बू के भीतर रख दिया। और दाऊद ने होमबलि और मेलबलि चढ़ाई और प्रभु के नाम में सबको आशीष दी। और उसने भीड़ के हर व्यक्ति को एक टुकड़ा रोटी , और खजूरों और किशमिश की एक-एक टिक्की सि और इसके बाद सभी अपने घरों को लौट गए। – स्लाइड 17
18
और जब दाऊद अपनी पत्नी मीकल के पास घर वापस लौटा तो उसने कहा क्या एक राजा को अपने दास-दसियों के सामने एक तुच्छ व्यक्ति के जैसा व्यवहार करना उचित है ? दाऊद ने उत्तर दिया ‘ मै परमेश्वर के सामने था जिसने मुझे इस्राएल का राजा होने के लिए चुना मै उसके सामने आनन्द मनाऊँगा। – स्लाइड 18
19
स्लाइड 19