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युहन्ना बपतिस्मा देनेवाले का जन्म

परमेश्वर ने जकर्याह और इलीशिबा को यूहन्ना नाम का एक पुत्र देने का वादा किया।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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यहूदियों के राजा हेरोदेस के समय अबिय्याह के दल मे जकर्याह नाम का एक याजक था, और उस की पत्नी का नाम इलीशिबा था। उन दोनो की कोई संतान नहीं थी और वे बहुत बूढ़े हो चुके थे। – स्लाइड 1
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जकर्याह जब पवित्रस्थान में था और धूप जलाने के समय प्रभु का एक स्वर्गदूत धूप की वेदी की दाहिनी ओर खड़ा हुआ उस को दिखाई दिया। जकर्याह घबरा गया। – स्लाइड 2
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परन्तु स्वर्गदूत ने उस से कहा, हे जकर्याह, भयभीत न हो क्योंकि तेरी प्रार्थना सुन ली गई है और तेरी पत्नी इलीशिबा से तेरे लिये एक पुत्र उत्पन्न होगा और तू उसका नाम यूहन्ना रखना। – स्लाइड 3
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क्योंकि वह प्रभु के सामने महान होगा और दाखरस और मदिरा कभी न पिएगा और अपनी माता के गर्भ ही से पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो जाएगा। वह एलिय्याह की आत्मा और सामर्थ में हो कर उसके आगे आगे चलेगा, कि प्रभु के लिये एक योग्य प्रजा तैयार करे। – स्लाइड 4
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जकर्याह ने स्वर्गदूत से पूछा यह मैं कैसे जानूं? क्योंकि मैं तो बूढ़ा हूं और मेरी पत्नी भी बूढ़ी हो गई है। स्वर्गदूत ने उस को उत्तर दिया कि मैं जिब्राईल हूं, जो परमेश्वर के सामने खड़ा रहता हूं और मै तुझ से बातें करने और तुझे यह सुसमाचार सुनाने को भेजा गया हूं और देख जिस दिन तक ये बाते पूरी न हो लें, उस दिन तक तू मौन रहेगा, और बोल न सकेगा इसलिये कि तू ने मेरी बातों की जो अपने समय पर पूरी होंगी प्रतीति न की। – स्लाइड 5
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और लोग जकर्याह का इन्तजार करते रहे और अचम्भा करने लगे कि उसे मन्दिर में इतनी देर क्यों लगी? जब वह बाहर आया, तो उन से बोल न सका और वह उन से संकेत करता रहा, सो वे जान गए, कि उस ने मन्दिर में कोई दर्शन पाया है। – स्लाइड 6
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इन दिनों के बाद उस की पत्नी इलीशिबा गर्भवती हुई। वह कहने लगी परमेश्वर कितना दयालु है। – स्लाइड 7
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तब इलीशिबा के प्रसव का समय पूरा हुआ, और वह पुत्र जनी और ऐसा हुआ कि आठवें दिन वे बालक का खतना करने लाये और उसका नाम उसके पिता के नाम पर जकर्याह रखने लगे और उस की माता ने उत्तर दिया कि नहीं वरन उसका नाम यूहन्ना रखा जाए। और उन्होंने उस से कहा, तेरे कुटुम्ब में किसी का यह नाम नहीं। – स्लाइड 8
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तब उन्होंने उसके पिता से संकेत करके पूछा कि तू उसका नाम क्या रखना चाहता है? और उस ने लिखने की पट्टी मंगाकर लिख दिया, कि उसका नाम यूहन्ना है और सभो ने अचम्भा किया तब उसका मुंह और जीभ तुरंत खुल गई और वह बोलने और परमेश्वर का धन्यवाद करने लगा और अपने पुत्र के बारे मे भविष्यवाणी करने लगा। (लूका 1 68-79) – स्लाइड 9
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और युहन्ना बढ़ता और पवित्रात्मा में बलवन्त होता गया, और इस्राएल पर प्रगट होने के दिन तक जंगलों मे रहा। ताकि यीशु के आने का मार्ग तैयार कर सके। – स्लाइड 10
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