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युसुफः फिरौन के स्वप्न

यूसुफ को फिरौन के स्वप्नों का अर्थ बताने के लिये छोड़ दिया गया।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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पिलानेहारे को क्षमा करने के दो साल बाद फिरौन को एक अजीब स्वप्न आया और वह जाग उठा। वह फिर से सो गया और उसे एक और अजीब स्वप्न आया। – स्लाइड 1
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फिरौन अपने सपनो के कारण परेशान हो गया, उसने अगली सुबह उसने सारे मिस्र के जादूगरों और पंडि़तों को बुलवाया। जब फिरौन ने उन्हें अपने स्वप्न के बारे में बताया तो कोई भी उसे उसके स्वप्न का फल नहीं बता सका। – स्लाइड 2
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अंत में पिलानेहारा बोला, ‘जब मै बंदीगृह में था मुझे और रसोइए को अजीब स्वप्न आये तो बंदीगृह में एक इब्रानी ने हमें उनका अर्थ बताया और जैसा उसने कहा था वैसा ही हुआ। – स्लाइड 3
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युसुफ को तुरंत बदीगृह से फिरौन के पास लाया गया, जब उसने कपड़े बदल लिए और बाल बना लिए तो उसे फिरौन के सामने पेश किया गया। फिरौन ने उससे कहा, ‘मुझे बीती रात एक विचित्र स्वप्न आया, जिसका अर्थ यहाँ पर कोई नहीं बता सका। लेकिन मैने सुना है कि तू सपनो का अर्थ बताता है। युसुफ ने कहा, मेरे पास सपनों का अर्थ बताने की शक्ति नहीं लेकिन परमेश्वर के पास है।’ – स्लाइड 4
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फिरौन कहने लगा, ‘मैं स्वप्न में नील नदी के किनारे पर खड़ा हुआ था। मैने सात मोटी गाय देखीं जो नील नदी से बाहर आ रही थी वे  आकर किनारे पर घास चरने लगी। इसके बाद मैंने सात पतली गाय देखीं जो नील नदी से उनके पीछे बाहर आई इन सात पतली गायो ने मोटी गायों को खा लिया लेकिन उसके बाद भी वे पतली ही दिख रहीं थी। इसके बाद मैं जाग उठा। – स्लाइड 5
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कुछ देर बाद मैं फिर से सो गया, मुझे एक और स्वप्न आया।’ ‘मैंने गेंहूँ की सात बालें देखी जो भरी हुई और सुंदर थी। उनके बाद सात और गेंहूँ की बालें प्रकट हुई लेकिन ये सूखी हुई थी और पूर्वाई से झुलसी हुई थी। इसके बाद सूखी बालों ने सात भरी हुई बालों को खा लिया। मैंने ये स्वप्न जादूगरों को बताए लेकिन कोई मुझे उनका अर्थ न बता सका।’ – स्लाइड 6
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परमेश्वर ने युसुफ को सपनों का हल बताने में सहायता की। उसने कहा, दोनों स्वप्न एक हीं है। सात मोटी गाय और सात अच्छी बालें दोनों बहुतायत के सात सालों को दर्शाती है। – स्लाइड 7
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सात पतली गाय, और सात पतली बालें अकाल के सात सालों को दर्शाती हैं। – स्लाइड 8
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‘अगले सात साल फसल की बहुतायत के होंगे और उसके बाद आने वाले इतने भयंकर अकाल के होंगे कि अच्छे वर्षों का स्मरण भी न रहेगा।’ – स्लाइड 9
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युसुफ ने फिरौन को आगे के कार्यों के लिए सलाह दी, आप एक बुद्धिमान व्यक्ति को मिस्र देश का प्रधान बनाने के लिए ढूँढ़ना चाहिए। फसल के ऊपर सात अच्छे सालों के लिए निरक्षक नियुक्त किया जाए ताकि वे भोजन को भंडार में जमा करें और उसके ऊपर एक पहरेदार को रखवाली के लिए नियुक्त किया जाए। इसक प्रकार भरपूरी के सात वर्षो के बाद जब अकाल के सात वर्ष आएं तो मिस्र के लोगों के पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन होगा।’ – स्लाइड 10
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युसुफ के सुझावों ने फिरौन और उसके कर्मचारियों को प्रसन्न कर दिया। फिरौन ने युसुफ से कहा, ‘परमेश्वर ने तुझ पर इन बातों को प्रकट किया है, तेरे समान कोई बुद्धिमान नहीं। तू मेरी कचहरी का प्रधान होगा, मेरे सारे लोग तुझसे आदेश प्राप्त करेंगे। केवल मेरा पद तुझसे ऊॅंचा होगा। – स्लाइड 11
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इसके बाद फिरौन ने अपनी अंगूठी उतारी और उसे युसुफ को पहना दिया। फिरौन ने उसे उत्तम बैंजनी वस्त्र पहनाएं और उसके गले में सोने का हार पहना दिया। – स्लाइड 12
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इसके बाद उसने युसुफ को को अपने रथ पर बिठाया और उसे सारे मिस्र में घुमाया, और जहाँ कहीं भी वो गया। लोगों को युसुफ के सामने घुटनों पर झुकने को कहा। – स्लाइड 13
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युसुफ अब तीस साल का हो चुका था उसे फिरौन ने सापन तपानेह नाम दिया। फिरौन ने उसे एक पत्नी भी दी उसका नाम आसनत था। और युसुफ सारे मिस्र का प्रधानमंत्री बन चुका था। – स्लाइड 14
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