हम सामान्य आगंतुक आंकड़े एकत्र करने के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं लेकिन व्यक्तिगत जानकारी नहीं। गोपनीयता नीति

युसुफ का मिस्र में राज करना

यूसुफ मिस्र में शासन करता है और बचे हुए अनाज का भंडारण करता है।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
पर्सनल और टीचिंग इस्तेमाल की इजाज़त है व्यक्तिगत एवं शिक्षण उपयोगवाणिज्यिक उपयोग की अनुमति व्यावसायिक उपयोगव्युत्पन्न कार्यों की अनुमति है व्युत्पन्न कृतियाँA.I. अनुकूलन की अनुमति A.I. रूपांतरण
1
फिरौन के स्वप्न के अनुसार, सात वर्षों तक भूमि में भरपूर फसल हुई। उन वर्षों के दौरान, यूसुफ ने अनाज के भण्डारण के लिए भंडारग्रहों का निर्माण किया। – स्लाइड 1
2
उसने मिस्र में उगाई गई सभी फसलों को इकट्ठा किया और नगरों में आसपास के खेतों से अनाज जमा किया। – स्लाइड 2
3
उसने समुद्र की रेत के समान अनाज का ढ़ेर लगा दिया। – स्लाइड 3
4
उसके बाद उसने हिसाब रखना बंद कर दिया क्योंकि अनाज माप के बाहर था। – स्लाइड 4
5
इस समय के दौरान, युसुफ और उसकी पत्नी आसनत से दो पुत्रों का जन्म हुआ। याकूब ने अपने बड़े पुत्र का नाम मनश्शै रखा जिसका अर्थ है ‘भुला दिया गया’ उसने कहा परमेश्वर ने मुझे मेरे सारे दुख और मेरे पिता के परिवार को भुलने में सहायता की है। उसने अपने दूसरे पुत्र का नाम एप्रैम रखा जिसका अर्थ है ‘फलवन्त’ उसने कहा परमेश्वर ने मुझे इस दुख की भूमि में फलवन्त किया है। – स्लाइड 5
6
जब मिस्र देश में सात वर्ष की अच्छी उपज के वर्ष समाप्त हुए, तब सात वर्ष का अकाल आरम्भ हुआ। अकाल ने आस-पास के सभी देशों को मारा, उस देश को भी जहाँ यूसुफ के भाई रहते थे, परन्तु पूरे मिस्र में भोजन की बहुतायत थी। – स्लाइड 6
7
आखिरकार, अकाल पूरे मिस्र देश में भी फैल गया। जब लोगों ने भोजन के लिये फिरौन की दोहाई दी, तब उस ने उन से कहा, यूसुफ के पास जाओ, और जो कुछ वह तुम से कहे वही करना। – स्लाइड 7
8
सो जब चारों ओर भयंकर अकाल पड़ा, तब यूसुफ ने भण्डार खुलवाकर मिस्रियों को अन्न बांट दिया। – स्लाइड 8
9
चारों ओर से लोग मिस्र में अन्न मोल लेने के लिये यूसुफ के पास आने लगे, क्योंकि सारे क्षेत्र में भारी अकाल था। – स्लाइड 9
10
स्लाइड 10