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यीशु का स्वर्गारोहण

यीशु जैतून के पहाड़ से स्वर्गारोहण करते हैं।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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यीशु ने जी उठने के बाद अपने जीवित होने का प्रमाण लोगों को देने के लिए अपने चेलों और अनुयायिओं से मुलाकात की। वे उन पर 40 दिनों तक प्रकट होता रहा और परमेश्वर के राज्य के बार में बातें करता रहा। – स्लाइड 1
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एकबार, जब यीशु उनके साथ भोजन कर रहा था, उसने उन्हे आज्ञा दी, ‘यरूशलेम न छोड़ और उस उपहार की प्रतीक्षा कर जिसकी प्रतिज्ञा मेरे पिता ने की  है, और जिसके बारे में मैंने तुम्हें बताया था। यूहन्ना पानी से बपतिस्मा देता था, लेकिन कुछ ही दिनों में तुम पवित्रात्मा का बपतिस्मा पाओगे।’ – स्लाइड 2
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एक दिन जब यीशु जैतून के पहाड़ पर था तो उसने उन्हे बताया, ‘जब पवित्रात्मा तुम पर आएगा तो तुम सामर्थ पाओगे।’ – स्लाइड 3
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यह कहने के बाद यीशु उनके देखते ही ऊपर उठा लिया गया, और बादल ने उसे उन की दृष्टि से छिपा लिया। – स्लाइड 4
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अभी चेले ऊपर की तरफ ही देख रहे थे, अचानक, दो सफेद वस्त्र पहने हुए पुरूष उनके बीच आ खड़े हुए। उन्होंने पूछा, ‘हे गलील के लोगों, तुम आकाश मे क्यों देख रहे हो?’ वही यीश जो तुम्हारे सामने से स्वर्ग पे उठा लिया गया, वह उसी तरह से वापस आएगा जैसे तुमने उसे स्वर्ग में जाते देखा है।’ – स्लाइड 5
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यीशु के अनुयायी यरूशलेम को वापस चले गए और लगातार प्रार्थना के लिए मिलते रहे। – स्लाइड 6
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पतरस लगभग 120 विश्वासियों के समूह में खड़ा हुआ, यीशु के साथ विश्वासघात करने वाले यहूदा के प्रतिस्थापन के बारे में बात करने के लिए। भजन संहिता 69:25 और भजन संहिता 109:8 में इस घटना के बारे में की गई भविष्यवाणियों में कहा गया है कि 'कोई दूसरा उसका नेतृत्व करे।' – स्लाइड 7
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यहूदा ने चाँदी के उन 30 सिक्कों का उपयोग एक खेत खरीदने के लिए किया था। वह इसी खेत में गिरा था और उसकी मौत हो गई थी। (मत्ती के सुसमाचार मे लिखा है कि उसने खुद को फांसी लगा ली थी)। अब उस खेत का नाम ‘लहू का खेत’ के नाम स जाना जाता था। – स्लाइड 8
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पतरस ने कहा कि नए चेले के  चुनाव उन लोगों में से किया जाएगा, जो यीशु के यूहन्ना द्वारा  बपतिस्मा दिए जाने के समय से उसके पुनरूत्थान तक उसके साथ रहे थे। नया चेला यीशु मसीह के  जिंदा होने की सच्चाई का गवा होगा। दो पुरूष युसुफ जिसे  बरब्बास कहा जाता था (उसक नाम युस्तुस भी था) और मत्तिया को नामांकित किया गया। – स्लाइड 9
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उन्होंने प्रार्थना की, ‘परमेश्वर आप सभी के हृद्य को जानते हैं। आप हमें इन दोनों में से उसे दिखाई जिसे आपने यहूदा के स्थान पे चुना है।’ इसके बाद उन्होंन पर्चियां ड़ाली। – स्लाइड 10
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पर्ची मत्तियाह के नाम पर निकली वह 11 चेलों में मिल गया, अब उनकी संख्या 12 हो चुकी थी। – स्लाइड 11
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