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मूसा और लाल सागर

परमेश्वर लाल समुद्र के बीच से एक रास्ता खोलता है।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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निर्गमन 13:17-20<br/>जैसे ही फिरौन ने इब्रानी दासों को जाने के लिए स्वतंत्र किया, इब्रानी लोग मिस्र छोड़ कर जाने के लिए फुर्ती करने लगे। – स्लाइड 1
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उन्होंने अपना सारा सामान अपने साथ लिया और जो सोना, चांदी और उपहार उन्हें मिस्र के लोगों ने दिए थे वे भी ले लिए। – स्लाइड 2
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परमेश्वर उन्हें तटीय मार्ग से उस देश की ओर नहीं ले गया जहाँ पलिश्ती रहते थे। इससे कठोर पलिश्तियों के साथ युद्ध हो सकता था जिसके बारे में परमेश्वर जानता था कि मुक्त किए गए दास इसके लिए तैयार नहीं थे और बहुत से लोग वापस मिस्र भाग जायेंगे। इसके बजाय वह उन्हें लाल सागर के रास्ते रेगिस्तान में ले गया। – स्लाइड 3
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दिन के समय परमेश्वर ने बादल के खम्भे में उनकी अगुवाई की, जो सदैव उन के साथ था। – स्लाइड 4
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पूरी रात परमेश्वर ने उन्हें अग्नि के एक खम्भे में चलाया जो मार्ग को प्रकाशित करता था। – स्लाइड 5
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निर्गमन 14:1-14 अंततः परमेश्वर उन्हें लाल समुद्र के तट पर ले गया जहाँ उन्होंने डेरा डाला। – स्लाइड 6
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इस बीच, जैसा कि परमेश्वर ने मूसा को चेतावनी दी थी, फिरौन और मिस्रियों ने अपना विचार बदल दिया और इब्रियों को अपने दास के रूप में वापस चाहते थे। – स्लाइड 7
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फिरौन अपने रथ पर चढ़ गया और भागने वाले इब्रानियों का पीछा करने के लिए अपने सभी सैनिकों और 600 रथों को इकट्ठा किया। – स्लाइड 8
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जब लोगों ने सेना को अपनी ओर आते देखा तो वे भय के मारे चिल्लाने लगे। – स्लाइड 9
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उन्होंने मूसा से शिकायत करके कहा, ‘क्या तू हमें मिस्र से इस जंगल मे मरने के लिए लाया है?’ हम रेगिस्तान में मरने की बजाए मिस्र की गुलामी में जिंदा तो रहते। – स्लाइड 10
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मूसा ने कहा, ‘भयभीत मत होओ। सीधे खड़े हो जाओ और देखो परमेश्वर किस प्रकार तुम्हें छुड़ाएगा। परमेश्वर हमारी ओर से मिस्रियों से लड़ेगा और हम उन्हें फिर से न देंखेंगे।’ – स्लाइड 11
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निर्गमन 14:15-31<br/>परमेश्वर ने मूसा से कहा, ‘लोगो को लाल सागर की ओर जाने की लिए कह।‘ इसके बाद अपनी लाठी को हाथ में लेकर समुद्र को दो भाग करने के लिए उस पर बढ़ा ताकि वे सूखी भूमि पर होकर पार उतर जाएं। मूसा ने वैसा ही किया। – स्लाइड 12
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इब्रानियों ने देखा कि जो बादल का खम्बा उनकी अगुवाई कर रहा था वह उनके और मिस्रियों के बीच में खड़ा हो गया। उस रात वे लोग प्रकाश में थे और मिस्री अंधियारे में थे। – स्लाइड 13
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परमेश्वर ने पूर्व की तेज आंधी को चलाया और समुद्र को सूखी भूमि मे बदल दिया। – स्लाइड 14
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लोग सागर के भीतर से होकर पार उतरने लगे, उनके दोनों तरफ पानी की दीवारें खड़ी हुई थी। – स्लाइड 15
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मिस्रियों ने उनका पीछा करने का प्रयास किया लेकिन परमेश्वर ने उनके रथों के पहिए जाम कर दिए और उनकी सेना में गड़बड़ी फैल गई। – स्लाइड 16
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‘वे चिल्लाने लगे, परमेश्वर हमसे युद्ध कर रहा है।’ – स्लाइड 17
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इसके बाद परमेश्वर ने मूसा को लाल सागर के ऊपर अपना हाथ बढ़ाने को कहा। भोर होते ही पानी की दीवारे ढ़ह गई और सूखी भूमि गायब हो गई। फिरौन अपनी सारी सेना समेत समुद्र में डूब गया और उनमें से कोई जीवित नहीं बचा। – स्लाइड 18
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जो लोग सुरक्षित किनारे पर पहुंचे वे जान चुके थे कि परमेश्वर ने उन्हे अपनी प्रतिज्ञा के कारण छुड़ाया था। वे परमेश्वर पर भरोसा करने लगे उन्हें यह भी एहसास हुआ कि मूसा परमेश्वर का दास है और उनकी अगुवाई करने के लिए सबसे अच्छा व्यक्ति है। – स्लाइड 19
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निर्गमन 15:1-21<br/>मूसा और जो लोग मिस्र से बाहर निकले थे वे सभी परमेश्वर के द्वार छुटकारा दिए जाने पर एक गीत गाने लगे। – स्लाइड 20
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हारून की बहन मरियम जो कि एक भविष्यवक्तिन थी उसने और अन्य स्त्रियों ने झांझ ली और नाचते हुए आनंद मनाने लगी। – स्लाइड 21
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