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मूसा और जलती हुई झाड़ी

परमेश्वर ने मूसा से इब्रानियों को दासत्व से स्वतंत्रता की ओर ले जाने के लिए कहा।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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निर्गमन 3<br/>मूसा अपने ससुर यित्रो के पशुओं की रखवाली किया करता था। एक दिन वह उन्हें दूर होरेब पर्वत के पास चराने के लिए ले गया। – स्लाइड 1
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वहाँ उसने पहाड़ पर एक झाड़ी को देखा जो जल तो रही थी लेकिन भस्म नहीं हो रही थी। – स्लाइड 2
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इसलिए मूसा ने उसे नजदीक से जाकर देखने का निर्णय लिया। जब वह झाड़ी के पास पहुंचा तो परमेश्वर ने मूसा को जलती हुई झाड़ी के भीतर से पुकारा, ‘मूसा’ उसने उत्तर दिया, ‘प्रभु मैं यहाँ हूँ।’ – स्लाइड 3
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परमेश्वर ने मूसा से कहा अपनी जूतियां उतार दे, क्योंकि तू पवित्र भूमि पर खड़ा है। इसके बाद परमेश्वर ने उससे कहा, ‘मैं अब्राहम, इसहाक और याकूब का परमेश्वर हूँ।’ यह सुनकर मूसा ने अपना चेहरा छुपा लिया क्योंकि वह परमेश्वर को देखकर भयभीत हो गया था। – स्लाइड 4
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परमेश्वर ने मूसा से कहा कि उसने इब्री दासों की पीड़ा देखी है। वह उन्हें छुड़ाने जा रहा था और उन्हें दूध और मधु के देश में ले जाने वाला था जहाँ वे स्वतंत्र होंगे। – स्लाइड 5
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'फ़िरौन के पास जाओ और मेरे लोगों को मिस्र से बाहर ले आओ', परमेश्वर ने निर्देश दिया। मूसा बहाने बनाने लगा। 'मैं यह करने वाला कौन होता हूं?' – स्लाइड 6
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परमेश्वर ने मूसा से प्रतिज्ञा करके कहा, कि वह उसके संग रहेगा परमेश्वर ने यह भी कहा वह इब्रानियों को इस पहाड़ पर आकर आराधना करने के लिए मार्ग भी तैयार करेगा। – स्लाइड 7
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मूसा ने पूछा, ‘लेकिन जब इब्री लोग मुझसे पूछेंगे कि तुझे किसने भेजा है तो मैं उनसे क्या कहूँगा?’ – स्लाइड 8
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परमेश्वर ने मूसा से कहा, मेरा नाम ‘मैं जो हूँ सो हूँ’ है। मैं अब्राहम इसहाक और याकूब का परमेश्वर हॅूं। तू इब्रानियों से कहना मुझे ‘मैं जो हूँ सो हूँ’ ने भेजा है। – स्लाइड 9
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परमेश्वर ने मूसा को निर्देश दिए कि वह इब्रानियों को जाकर यह बता कि परमेश्वर उन्हें छुड़ाकर प्रतिज्ञा के देश में ले जाएगा। इसके बाद फिरौन के पास जाकर इब्रानियों को जाने की अनुमति मांगे ताकि वे परमेश्वर के पहाड़ पर जाकर परमेश्वर की आराधना करें। – स्लाइड 10
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निर्गमन 4<br/>लेकिन मूसा फिर भी बहाने बनाता ही रहा उसने कहा, ‘यदि वे मेरी न सुने तो क्या होगा?’ – स्लाइड 11
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परमेश्वर ने मूसा से पूछा, -‘तेरे हाथ में क्या है?’ मूसा ने उत्तर दिया ‘एक लाठी है।’ परमेश्वर ने कहा, इसे भूमि पर फेंक दे। – स्लाइड 12
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जब उसने अपनी लाठी को जमीन पर फेंका तो वह सांप बन गई। मूसा डर गया और वहां से कूद गया। 'अपना हाथ बढ़ाओ और साँप को पूंछ से पकड़ लो,' यहोवा ने कहा। – स्लाइड 13
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जैसे ही मूसा ने साँप की पूँछ पकड़ी, वह वापस लाठी बन गया। 'यह चिन्ह उन्हें विश्वास करने में मदद करेगा,' परमेश्वर ने कहा। 'अब अपना हाथ अपने लबादे के अंदर डालो।' – स्लाइड 14
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मूसा ने अपना हाथ अपने लबादे के अंदर रखा लेकिन जब उसने उसे वापस खींचा तो वह कोढ़ नामक भयानक चर्म रोग से सफेद हो गया था। 'अब अपना हाथ वापस अपने लबादे में रखो,' परमेश्वर ने आदेश दिया। – स्लाइड 15
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जब मूसा ने दूसरी बार अपना हाथ अपने लबादे से बाहर निकाला, तो उसका हाथ चंगा हो गया। – स्लाइड 16
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'यदि इब्री अगुवे इन दोनों चिन्हों पर विश्वास न करें, तो नील नदी से कुछ जल लेकर सूखी भूमि पर डालना। मैं जल को लहू में बदल दूंगा, यहोवा ने मूसा से कहा। – स्लाइड 17
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लेकिन मूसा अब भी बहाने बनाता रहा। 'मुझे अच्छी तरह से या बहुत स्पष्ट रूप से बोलना नहीं आता है।' 'किसने लोगों को अपना मुंह दिया?' यहोवा ने उत्तर दिया। 'मैं तुम्हें बोलने में मदद करूँगा और तुम्हें सिखाऊँगा कि क्या कहना है।' – स्लाइड 18
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लेकिन मूसा ने फिर भी बहाना बनाया। 'कृपया इसे करने के लिए किसी और को भेजें।' – स्लाइड 19
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परमेश्वर मूसा से क्रोधित हो गया। 'तुम्हारा भाई हारून लेवी अच्छा बोल सकता है। वह तुझसे मिलने आ रहा है, वह तुम्हारा प्रवक्ता होगा। अपनी लाठी अपने हाथ में ले, कि तू चमत्कार कर सके। – स्लाइड 20
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इसलिए मूसा अपने ससुर यित्रो के पास लौट आया और उसने मिस्र में अपने लोगों के पास लौटने की अनुमति मांगी। 'जाओ, कुशल से जाओ' यित्रो ने उत्तर दिया। – स्लाइड 21
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हारून को परमेश्वर ने पहले ही उनसे मिलने के लिए यात्रा करने के लिए कहा था। मूसा ने अपनी पत्नी और पुत्रों को गदहियों पर यात्रा के लिये तैयार किया। परमेश्वर ने मूसा को आश्वस्त किया, 'जो मिस्री तुझसे बदला लेना चाहते थे और मारना चाहते थे, वे अब मर चुके हैं।' – स्लाइड 22
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वे दोनों भाई परमेश्वर के पर्वत होरेब पर आपस में मिले और दोनों ने मिलकर एक दूसरे का अभिवादन किया। – स्लाइड 23
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मूसा ने हारून को वो सारी बातें बताई जो परमेश्वर ने उससे कही थी इसके बाद वे सभी मिस्र में इब्रानियों को यह बताने के लिए निकल पड़ कि परमेश्वर के पास इब्रानियों को बचाने की एक अद्भुत योजना है। – स्लाइड 24
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