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बीज बोनेवाले का दृष्टांत

एक बोने वाले और बीज के बारे में एक कहानी।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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यीशु गलील की झील के किनारे पर था और लोगों की एक बड़ी भीड़ उसके आस-पास उसके वचनों को उत्सुकतापूर्वक सुनने के लिए एकत्रित थी। – स्लाइड 1
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यीशु नाव पर चढ़ा और  किनारे से थोड़ा पीछे हो  गया। भीड़ किनारे पर खड़े  उसकी सुन रही थी। उसन उनसे यह दृष्टांत कहा। – स्लाइड 2
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एक बीज बोनेवाला बीज बोने  निकला, कुछ बीज मार्ग पर  गिरे। पक्षियों ने आकर मार्ग पर गिरे बीजों को चुग लिया। – स्लाइड 3
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कुछ बीज चट्टानी भूमि पर  गिरे, वे उगने तो लगे लेकि जड़ न पकड़ पाए। जब सूरज निकला तो वे उसकी धूप के कारण झुलस कर जल गए। – स्लाइड 4
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कुछ बीज झाड़ियों में गिरे झाड़ियों ने बढ़कर उन्हें दबा दिया इस कारण वे फल न ला सके। – स्लाइड 5
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बाकि बीज अच्छी भूमि पर  गिरा और अच्छी फसल ले  आया। कुछ बीज 30 गुना तो  कुछ 60 गुना और कुछ 100 गुना फल ले आए। – स्लाइड 6
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यीशु ने भीड़ से कहा, जिसक कान हो वह सुन ले।’ – स्लाइड 7
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बाद में चेले यीशु से पूछने लगे,‘तू दृष्टान्तों में शिक्षा क्यों देता है?’ – स्लाइड 8
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यीशु ने उन्हें यशायाह के वचन बताए, ‘ये लोग देखकर भी नहीं देखते और सुनकर भी नहीं समझते कहीं ऐसा न हो कि मन फिराएं और क्षमा किए जाएं।’ – स्लाइड 9
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‘यीशु ने उनसे कहा, धन्य है तुम्हारी आखें जो देखत हैं, धन्य हैं तुम्हारें कान जो सुनते हैं। इस दृष्टांत का  अर्थ सुनो।’ – स्लाइड 10
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जो बीज बोया जाता है व परमेश्वर के वचन के समान है। कुछ लोग मार्ग पर गिरे बीज के समान होते हैं। वे जैसे ही परमेश्वर का वचन सुनते हैं शैतान आकर उनके दिलों से वचन को चुरा ले जाता है। – स्लाइड 11
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दूसरे उस बीज की तरह हैं जो  चट्टान पर गिरा। वे आंनद से परमेश्वर का वचन सुनते हैं, पर जड़ न पकड़ पाने के कारण मुश्किल और परेशानियों में पड़ने पर जल्द ही गिर जाते हैं। – स्लाइड 12
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कुछ लोग झाड़ियों में गिरे हु बीज के समान हैं, जो परमेश्वर का वचन सुनते तो हैं, पर जीवन की चिंताओं और धन आदि की लालसाओं में पड़कर फल नहीं ला पाते। – स्लाइड 13
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लेकिन अन्य लोग उस बीज  की तरह हैं जो अच्छी भूम पर बोया गया। वे परमेश्व का वचन सुनकर उस प चलते हैं। – स्लाइड 14
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वे एक अच्छी फसल लाते हैं। कुछ 30 गुना, कुछ 60 गुना और कुछ 100 गुना। – स्लाइड 15
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