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परमेश्वर का गिदोन को खड़ा करना

गिदोन मिद्यानियों से युद्ध करने से पहले परमेश्वर से चिन्ह माँगता है।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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एक बार फिर परमेश्वर के लोगो ने उससे मुंह मोड़ा और मूर्तियों की पूजा करने लगे। इसलिए परमेश्वर ने उन्हें सात वर्षों तक मिद्यानियों के हाथों दुख सहने दिया। – स्लाइड 1
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जब भी इस्राएली फसल की कटाई करते, तो मिद्यानी और अमालेकी और पूर्व के लोग उन पर धावा बोलकर उनकी फसलों को नष्ट कर ड़ालते थे। – स्लाइड 2
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वे ऊॅंटों पर आते और सारी भूमि के नष्ट होने तक वहीं रहते। मिद्यानी बड़े निर्दयी थे, उनके भय के कारण इस्राएली गुफाओं में जा छिपते। परमेश्वर के लोग भूखे मरने लगे। – स्लाइड 3
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इसके बाद इस्राएली परमेश्वर के सामने मदद के लिए चिल्लाने लगे। परमेश्वर ने उनके पास नबियो को भेजकर मूर्तिपूजा करने से मना किया। लेकिन उन्होंने उनकी नही सुनी। परमेश्वर का एक स्वर्गदूत जाकर ओप्रा में योआश के खेत में पेड़ के पास बैठ गया। – स्लाइड 4
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योआश का पुत्र गिदोन दाख मथने की जगह पर गेंहू झाड़ रहा था। स्वर्गदूत उससे मिला और कहा ‘सामर्थी नायक, परमेश्वर तेरे साथ है।’ गिदोन ने कहा, ‘यदि परमेश्वर हमारे साथ है तो हम मिद्यानियों के गुलामी में क्यों हैं? परमेश्वर के स्वर्गदूत ने कहा, ‘जा जो बल मैं तुझे देता हूँ, उससे तू इस्राएल को मिद्यानियों के हाथ से बचा लेगा। गिदाने कहने लगा, ‘मेरा कुल मनश्शे के गोत्र का सबसे कमजोर कुल है और मैं अपने परिवार में सबसे छोटा हूँ। परमेश्वर ने उससे कहा, ‘मैं तेरे साथ रहूँगा और तू सारे मिद्यानियों को केवल एक मनुष्य की तरह नष्ट कर ड़ालेगा। गिदोन को विश्वास नहीं हो रहा था इसलिए उसने एक चिन्ह मांगा। – स्लाइड 5
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गिदोन ने अजनबी को अपने भोजन बनाने तक ठहरने के लिए कहा। उसके बाद वह ताजी रोटी और ताजा पका हुआ बकरी का मांस ले आया और अजनबी ने उससे कहा रोटी और मांस को उस चट्टान पर रखकर उस पर शोरबा उंडेल दे। – स्लाइड 6
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इसके बाद परमेश्वर के स्वर्गदूत ने अपनी लाठी से उस मांस के छोर को छुआ और पत्थर से आग भड़क उठी और मांस और रोटी को जला कर भस्म कर दिया। इसके बाद स्वर्गदूत गायब हो गया। – स्लाइड 7
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गिदोन ने कहा, ‘मैं नष्ट हुआ मैंने परमेश्वर के स्वर्गदूत को अपनी आंखो से देखा है। परमेश्वर ने कहा, ‘घबरा मत, तू नहीं मरेगा। उस रात परमेश्वर ने गिदोन को कुछ निर्देश दिए। – स्लाइड 8
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उसने उस रात 10 सेवकों के सहायता से अपने पिता द्वारा निर्मित बाल की मूर्ति को अपने पिता के बैल से खिंचवा कर तोड़ दिया और उसने अपने परिवार के अशेरा की लाठी को भी काट ड़ाला। – स्लाइड 9
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इसके बाद उसने परमेश्वर के लिए एक वेदी बनाई और उस पर अशेरा की लाठी की लकडि़यों को रखकर, परमेश्वर के लिए एक बैल बलिदान के रूप में चढ़ाया। – स्लाइड 10
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अगले दिन नगर के लोग मूर्तियो को टूटी देखकर झुंझला उठे। जब उन्हें पता चला कि ये सब गिदोन ने किया था, तो वे योआश के घर बाहर एक भीड़ बनाकर एकत्र हो गये और गिदोन की मृत्यु की मांग करने लगे। योआश ने भीड़ से कहा ‘तुम बाल का पक्ष क्यों लेते हों? यदि वह परमेश्वर है तो वह अपना पक्ष खुद ले और जिसने उसकी वेदी को तोड़ा है उससे अपना बदला आप ले। इसके बाद से गिदोन को ‘यरूबाल कहा जाने लगा जिसका अर्थ है ‘बाल स्वयं अपना बदला ले।’ – स्लाइड 11
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जल्दी ही मिद्यानी, अमालेकी और पूर्व के लोगों ने इस्राएलियों के विरूद्ध एकत्र होकर यिज्रैल के घाटी में छावनी ड़ाल ली। – स्लाइड 12
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गिदोन परमेश्वर के आत्मा से भर गया। उसने एक मेढ़े के सींग से बने नरसिंगे को बजाया और एबियाजर के कुनबे के पुरूष उसके पास आ गए। – स्लाइड 13
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उसने मनश्शे, आशेर और नप्ताली और जूबूलून के योद्धाओं को बुलाने के लिए दूत भेजे। वे सब उसके पास आने को राजी हो गए। – स्लाइड 14
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गिदोन के मन में घाटी की सेना पर विजय प्राप्त करने के बारे में अब भी संदेह था। उसने परमेश्वर से कहा, ‘मुझे साबित कर कि तू मुझे इस सेना को हराने के लिए इस्तेमाल करेगाा। मैं एक रूई के टुकड़े को आज बाहर भूमी पर खुले मे रख दूंगा और यदि केवल रूई पर ओस पड़े और भूमि सूखी रहे तो मैं जान लूंगा कि तू मेरी सहायता करेगा। – स्लाइड 15
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अगली सुबह भूमि एक दम सूखी थी और रूई का टुकड़ा ओस से गीला था, लेकिन गिदोन के मन में अब भी संदेह था। उसने परमेश्वर से विनती की - प्रभु मुझ पर क्रोधित न होना, मुझे इस रूई से एक और परीक्षा करने दे। इस बार यह रूई सूखी रहे और केवल भूमि पर ओस गिरे। – स्लाइड 16
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अगले दिन भूमि पर ओस पड़ी थी लेकिन रूई का टुकड़ा एकदम सूखा पड़ा था। – स्लाइड 17
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गिदोन जानता था कि परमेश्वर ने उसे और उसकी छोटी सी सेना को उन 1,35,000 शत्रुओं से छुड़ाने के लिए चुना था जो यिज्रैल की घाटी में इजराइल के खिलाफ छावनी ड़ाले हुए थे। – स्लाइड 18
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इस कहानी के आगे के भाग के लिए freebibleimages.org से 'गिदोन ने मिद्यानियों को हराया' डाउनलोड करें। – स्लाइड 19