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गिबोनियों का यहोशू को धोखा देना।

गिबोनियों ने यहोशू को सन्धि करने के लिये बहकाया।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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इस्राएलियो के ऐ नगर को ले लेने के बाद, उनकी विजय का समाचार तेजी से चारों और फैल गया। – स्लाइड 1
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हित्तीयों,अमोरियों, कनानियों, परिज्जियों, हिवियों और यबूसियों के राजाओं ने एक साथ मिलकर इस्राएलियों के विरूद्ध हमला करने की योजना बनाने लगे। – स्लाइड 2
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गिबोन नगर और उसके आसपास के कस्बों केपीराह, बीरोत और किरीत-यिरीम के लोग भय के मारे यह सोचने के लिए एकत्रित हुए कि वे क्या कर सकते थे। वे जानते थे कि परमेश्वर न इस्राएलियों को कनान में किसी के साथ कोई व्यवहार करने क मना की थी और उन सब का वहाँ रहने वालों को उनकी दुष्टता के कारण नष्ट कर देने की आज्ञा दी थी। गिबोनियों ने इस्रालियों के साथ लड़ने वालों का साथ देने के बजाए उन्होनें अपने प्राणों को बचाने के लिए एक धोखाधड़ी करने की योजना बनाई। – स्लाइड 3
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गिबोन गिलगाल में इस्राएलियों के ड़ेरे से केवल तीन दिन पैदल यात्रा की दूरी पर था गिबोन और उसके आस-पास के क्षेत्र के लोग हिवी थे। – स्लाइड 4
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राजदूतों का एक दल चुना गया उन्होने आने गधों पर फटी-पुरान काठियां लगाई और, सिली हुई मशकें ली उन्होनें फटे हुए कपड़े पहने। और जो रोटी उन्होंने अपने लिए ली वो सूखी और फफूंद लगी हुई थी। – स्लाइड 5
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और जब वे गिलगाल में इस्राएलियों के ड़ेरे के पास पहुंचे, उन्होंने यहोशू को बताया कि वे दूर देश से उनके साथ शांति की संधि करने आए हैं।’ – स्लाइड 6
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यहोशू ने पूछा, ‘हम कैसे जाने कि तुम लोग हमारे आसपास नहीं रहते?’ अगर तुम रहते हो तो, हम तुम्हारे साथ कोई संधि नहीं कर सकते। उन्होंने उत्तर दिया, ‘जब हम घर से निकले थे तो ये रोटी तंदूर में से गर्मागर्म ली थी, लेकिन अब ये सूख चुकी है। और ये दाखरस की मशकें जब हमने इन्हें भरा था तो एकदम नई थी लेकिन अब ये पुरानी होकर फट चुकी हैं। और हमारे कपड़े लंबी यात्रा के कारण फट चुके हैं।’ – स्लाइड 7
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यहोशू और इस्राएलियों ने उनके भोजन की जांच की और इसके बारे में परमेश्वर से नहीं पूछा इसके बाद यहोशू ने उन लोगों के साथ शांति संधि की स्थापना की और उनकी सुरक्षा करने का आश्वासन दिया। इस्राएल के अगुवों ने शपथ खाकर उनके बीच हुए करार को मजबूत कर दिया। – स्लाइड 8
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संधि करने के तीन दिन बाद, इस्राएलियों को पता चला कि ये असल में लोग पास में ही रहत थे! उन्होनें इस बात की तहकीकात करने के लिए लोगों को भेजा वे तीन दिन के बाद उनके नगर में पहुंच गए – स्लाइड 9
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इस्राएल के लोग अपने अगुवों की उनकी संधि के कारण उनके विरूद्ध दांत पीसने लगे। अगुवों ने उत्तर दिया कि हमने परमेश्वर की उपस्थिति में शपथ खाई है, इस कारण हम गिबोनियों को छू नहीं सकते। अगर हम अपनी प्रतिज्ञा तोड़ेंगे तो हमें परमेश्वर के क्रोध का सामना करना पड़ेगा। – स्लाइड 10
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यहोशू ने गिबोनियों को एक साथ बुलाकर उनसे पूछा? ‘तुम लोंगो न हमसे यह कहकर झूठ क्यों बोला कि हम बहुत दूर से आपके पास आए है जबकि तुम हमारे ही बीच में रहते हो? अब से तुम हमेशा हमारे सेवक बने रहोगे और मेरे परमेश्वर के भवन बनाने के लिए लकडि़यां काटा करोगे और पानी ढ़ोया करोगे। उन्होनें कहा हमने ये इसलिए किया क्योंकि तुम्हारे परमेश्वर ने मूसा को आज्ञा दी थी कि मै ये सारी भूमि तुझे देता हूँ इसमें रहने वाले सभी लोगों को नष्ट कर देना।’ अब हम सभी तुम्हारी दया पर हैं आपको जो सही लगे वह हमारे साथ करो।’ – स्लाइड 11
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यहोशू ने इस्राएल के लोगों को उन्हें मारने की अनुमति नहीं दी। इसके बजाए गिबोनी परमेश्वर के वेदी और इस्राएली समुदाय के लिए पानी ढ़ोनेवाले और लकडि़यां काटनेवाले बन गए। – स्लाइड 12
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