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आकान की अनाज्ञाकारिता इस्राएलियों के हार का कारण बनता है

आकान की अनाज्ञाकारिता इस्राएलियों की सेना ऐ में हार जाती है
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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जब इस्राएलियों ने यरीहो पर विजय प्राप्त की तो परमेश्वर ने निर्देश दिया कि कोई भी व्यक्ति कुछ भी न लूटे अन्यथा इस्राएलियों के लिए बहुत बुरा होगा। चाँदी, सोना, काँसा या लोहे की बनी हर चीज़ यहोवा के पास लाकर उसके भण्डार में रख दी जाती थी। लेकिन एक व्यक्ति ने चुपचाप कुछ वस्तुएं चुराकर उसे छिपा दिया। – स्लाइड 1
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यहोशू ने आदमियों को उस अगले शहर की जासूसी करने के लिए भेजा, जिस पर उन्हें कब्ज़ा करने की ज़रूरत थी। यह यरीहो के पश्चिम में ऐ नाम का एक नगर था। – स्लाइड 2
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जब वे वापस लौटे, तो उन्होंने यहोशू से कहा, 'ऐ को जीतने के लिए पूरी सेना की कोई आवश्यकता नहीं है। शत्रुओं की संख्या बहुत कम है, ऐ पर आक्रमण करने में दो या तीन हजार से अधिक व्यक्ति नहीं लगेंगे।' – स्लाइड 3
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तब यहोशू ने नगर पर अधिकार करने के लिये तीन हजार पुरूष भेजे। – स्लाइड 4
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परन्तु ऐ के लोगों ने नगर के फाटक से इस्राएलियों का पीछा किया, और लगभग छत्तीस लोगों को मार डाला, क्योंकि वे हारकर पीछे हट गए। – स्लाइड 5
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इस्राएलियों में बदले हुए हालातों के कारण भय छा गया और उनका साहस चकनाचूर हो गया। – स्लाइड 6
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यहोशु और अन्य बुजुर्गों ने हताशा के मारे अपने कपड़े फाड़े और अपने सिरों पर धूल ड़ालकर शाम होने तक परमेश्वर के संदूक के सामने सिर झुकाए बैठे रहे। – स्लाइड 7
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तब यहोशू ने पुकार कर कहा, हे परमेश्वर यहोवा, तू ने एमोरियोंको हम को घात करने क्यों दिया? जब कनानी और अन्य लोग हमारी हार के बारे में सुनेंगे, वे हमें घेर लेंगे और हमें हमेशा के लिए नष्ट कर देंगे। और तब तेरे बड़े नाम की प्रतिष्ठा का क्या होगा? – स्लाइड 8
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यहोवा ने उत्तर दिया, 'उठो! तुम इस तरह मुंह के बल क्यों लेटे हो? इस्राएल ने पाप किया है और कुछ वस्तुओं को चुरा लिया है जिन्हें मैंने आज्ञा दी है कि वे मेरे लिए अलग रखी जाएँ। उन्होंने न केवल चीज़ों की चोरी की है और उसके बारे में झूठ बोला है बल्कि लूट को अपने सामान में छिपा रखा है। जब तक तू इन वस्तुओं को अपने बीच से दूर न करेगा तब तक तू अपके शत्रुओं को कभी न हरा सकेगा। – स्लाइड 9
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अगले दिन सवेरे यहोशू ने इस्राएलियों को आज्ञा दी कि वे गोत्र गोत्र करके यहोवा के साम्हने हाजिर हों। यहूदा के गोत्र को चुना गया। तब यहूदा के गोत्र आगे आए, और जेरह का गोत्र गिना गया। तब जेरह के घराने समीप आए, और जिम्री के कुल के लोग गिने गए। – स्लाइड 10
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ज़िमरी के परिवार के प्रत्येक सदस्य को व्यक्तिगत रूप से सामने लाया गया था, और आकान को चुना गया था। यहोशू ने आकान से कहा कि वह सच्चाई बताए और उसने जो किया है उसे स्वीकार करे। – स्लाइड 11
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'ये सच है! मैंने पाप किया है, 'आकान ने कबूल किया। 'लूट में मुझे बाबुल का एक सुन्दर वस्त्र, दो सौ चाँदी के सिक्के, और एक तोले से भी अधिक सोने की एक ईंट दिखाई पड़ी। मैं उन्हें इतना चाहता था कि मैंने उन्हें ले लिया। वे मेरे तम्बू के नीचे भूमि में गड़े हैं, और चांदी सब से अधिक गहिरी है। – स्लाइड 12
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यहोशू ने आदमियों को खोजबीन करने भेजा और उन्हें चोरी का माल मिल गया। उन्होंने उन्हें यहोवा के सामने भूमि पर लिटा दिया। – स्लाइड 13
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यहोशू और इस्राएलियों ने आकान, चांदी, ओढ़ना, सोने की ईंट, और उसके बेटे-बेटियां, गाय-बैल, गदहे, भेड़-बकरियां, तम्बू, और जो कुछ उसका था, सब कुछ ले लिया। वे उन्हें आकोर नाम तराई में ले गए, और वहां पत्थरवाह करके उन्हें मार डाला। – स्लाइड 14
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उन्होंने आकान के ऊपर पत्थरों का बड़ा ढेर लगा दिया। तब से इस जगह को मुसीबत की घाटी कहा जाता है। इसके बाद इस्राएलियों पर परमेश्वर का क्रोध शांत हो गया। – स्लाइड 15
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