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अब्राहम का कनान की ओर पलायन

अब्राम ने परमेश्वर की आज्ञा मानी और ऊर से कनान चला गया।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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उत्पत्ति 12:1-3<br/>अब्राम और उसकी पत्नी सारै कसदियों के देश (वर्तमान ईराक) के ऊर नगर में रहा करते थे। यहोवा ने उसे अपना नगर छोड़कर कनान देश में बसने के लिए एक लंबी यात्रा पर जाने के लिए कहा। – स्लाइड 1
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यहोवा ने अब्राम से प्रतिज्ञा की और कहा कि वह उसे आशीष देगा और उसे एक महान देश का पिता बनाएगा। जो उसके वंश को आशीष देगा उसके वंश को यहोवा द्वारा आशीष दी जाएगी और जो उसके वंश को श्राप देगा वह श्रापित हो जाएगा। – स्लाइड 2
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उत्पत्ति 11:27-32<br/>अब्राम ने यहोवा की आज्ञा मानकर अपनी पत्नी सारै अपने पिता तेराह और भतीजे लूत को लेकर निकल पड़ा। – स्लाइड 3
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और जब वे हारान पहुंचे और वहा बसने के लिए रूके। इस दौरान अब्राम का पिता तेराह मर गया। – स्लाइड 4
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उत्पत्ति 12:4,9<br/>और इस समय तक अब्राम 75 साल का हो चुका था। यहोवा ने उस कनान की ओर अपनी यात्रा जारी रखने के लिए कहा। – स्लाइड 5
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अब्राम ने आज्ञा का पालन किया और उन्होनों दक्षिण में कनानियों के देश की ओर यात्रा की। – स्लाइड 6
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और वे शेकेम में एक बड़े पेड़ के पास पहुंचे और वहाँ पर बस गये। – स्लाइड 7
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यहोवा ने अब्राम से कहा, ‘यह भूमि मैं तेरे वंशजों को दूंगा।’ – स्लाइड 8
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अब्राम ने शेकेम में यहोवा के लिए एक वेदी बनाई और परमेश्वर का आराधना किया। – स्लाइड 9
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इसके बाद अब्राम और जो उसके साथ थे, वे दक्षिण में बेतेल की ओर चल पड़े। – स्लाइड 10
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जब वह वहाँ पहुंचा तो उसने यहोवा के नाम के आदर के लिए वहाँ पर एक वेदी बनाई। – स्लाइड 11
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उत्पत्ति 12:10-20<br/>वहाँ पर अकाल पड़ा हुआ था। – स्लाइड 12
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अब्राम और उसके परिवार ने भोजन ढूँढने के लिए दक्षिण मे रेगिस्तान से होकर मिस्र जाने क निर्णय लिया। – स्लाइड 13
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और जैसे ही उन्होने मिस्र में प्रवेश किया अब्राम को चिंता होने लगी। उसकी पत्नी सारै बहुत सुंदर थी। उसे ड़र लग रहा था कि कहीं फिरौन उसकी पत्नी को अपनी पत्नी बनाने के लिए उसे मार न ड़ाले। इसलिए उसने सारै से कहा कि वह उसकी पत्नी नहीं बल्कि उसकी बहन होने का दिखावा करे। – स्लाइड 14
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फिरौन के दूतों ने फिरौन को बताया कि अब्राम की बहन बहुत सुंदर है इसलिए वह उसे अपन महल में ले आया। उसने अब्राम को मवेशी, गधे और बहुत से उपहार दिए। – स्लाइड 15
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लेकिन यहोवा ने फिरौन और उसके कुटुम्ब को भयानक रोगों से ग्रस् कर दिया। और जब फिरौन को पता चला कि सारै शादीशुदा थी उसन अब्राम को बुलवाया। उसने कहा, तूने मुझे क्यों नहीं बताया कि ये तेरी पत्नी है? इसे ले और चला जा! – स्लाइड 16
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फिरौन ने अपने अधिकारियों को ये आदेश देकर अब्राम के पास भेजा कि वे जाकर अब्राम को उसके परिवार, साथियों और संपत्ति के साथ मिस्र से बाहर भेज दें। – स्लाइड 17
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वे सारे मवेशी, दास और उपहार जो कि फिरौन ने उन्हें दिए थे लेकर कनान की ओर चल पड़े। – स्लाइड 18
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और वे वापस बेतेल में पहुंच गये। और वहाँ पर रहने के लिए बस गए। अब्राम ने यहोवा का नाम लेकर उससे प्रार्थना की । – स्लाइड 19
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अब अब्राम कनान देश में बस सकता था जिस देश् की प्रतिज्ञा यहोवा ने उसे और उसके वंशजों को देने के लिए की थी। हालांकि उसे और उसकी पत्नी सारै की कोई संतान न थी और वे बूढ़े होते जा रहे थे। – स्लाइड 20
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