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अब्राम (अब्राहम) और लूत का अलग होना

अब्राहम और लूत कनान में रहने के लिए नए स्थान चुनते हैं।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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अब्राहम और उसका भतीजा लूत अपने परिवारों, मवेशियों और अन्य घरेलु पशुओं को लेकर कनान देश के बेतेल में कनानी जनजातियों के पास बस गये थे। अब्राहम सोने चांदी और घरेलु पशुओं के मामले मे बहुत ही धनी हो गया था। – स्लाइड 1
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लूत के पास भी, मवेशी भेड़ बकरियों के झुण्ड और तंबू थे। – स्लाइड 2
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लेकिन अब्राहम और लूत दोनों के पशुओं के चरने के लिए वहाँ पर पर्याप्त चारागाह नहीं थी। – स्लाइड 3
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और सारे पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी भी नहीं था। – स्लाइड 4
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और अब्राहम और लूत के पशुओं की देखभाल करने वाले चरवाहों के बीच झगडे होने लगे। – स्लाइड 5
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इसलिए अब्राहम ने लूत से कहा ‘चरवाहों के कारण हम आपस में न झगडे़ं। ये सारी भूमि हमारे सामने पड़ी है, इसलिए हम अलग हो जाते हैं और अपने-अपने रास्ते पर चले जाते हैं। अगर तू बाएं जाएगा, तो मैं दाएं जाऊॅंगा; अगर तू दाए जाएगा, तो मैं बाएं जाऊॅंगा।’ – स्लाइड 6
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लूत ने यरदन का मैदान देखा (उस क्षेत्र के चारों ओर के क्षेत्र को अब हम मृत सागर कहते हैं) वह बहुत ही हर भरा था और वहाँ चारागाह के लिए अच्छी भूमि थी। – स्लाइड 7
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लेकिन इस प्रदेश के लोग बहुत ही ज्यादा अनाज्ञाकारी थे। सदोम और अमोरा दोनों नगर दुष्टता से भरे पड़े थे। लेकिन लूत ने अपने परिवार के रहने के लिए इस अच्छे और उपजाउ स्थान को चुना। – स्लाइड 8
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और लूत अपने परिवार और मवेशियों और भेड़-बकरियो को लेकर पूर्व में यरदन के मैदान में रहने के लिए निकल पड़ा। उन्होंने सदोम नगर के पास अपने तंबू  खड़े किए। – स्लाइड 9
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और जब लूत चला गया परमेश्वर ने अब्राम से कहाः ‘अपने चारों ओर दृष्टि कर। जितनी भूमि तू देख रहा है वे तेरे और तेरी संतानों के लिए है।’ – स्लाइड 10
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‘मै तेरी संतानों को रेत के समान अनगिनत कर दूंगा। जो भूमि मै तुझे दे रहा हूँ उसमें जाकर घूम-फिर। – स्लाइड 11
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अब्राहम लूत के निवासस्थान से पश्चिम की ओर हेब्रोन में जाकर रहने लगा। – स्लाइड 12
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उसने कुछ बड़े पेड़ों के पास अपने तंबू को खड़ा किया। – स्लाइड 13
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और इस नई जगह पर जहाँ वह अपने परिवार के साथ रह रहा था उसने वहां परमेश्वर की आराधना करने के लिए एक वेदी बनाई। – स्लाइड 14
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