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यीशु मसीह का बचपन।

यीशु परमेश्वर से प्रेम करता है और मरियम और यूसुफ की आज्ञा का पालन करता है।
योगदानकर्ता लैम्बसांग्स
CC BY-NC
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यीशु मसीह एक शिशु के रूप में पैदा हुआ था और आपकी और मेरी तरह ही बड़ा हुआ हैं। – स्लाइड 1
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परमेश्वर ने बाइबल में कहा है कि वह अपने ही पुत्र को पृथ्वी पर भेजेगा। – स्लाइड 2
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लोगों ने देखा और इंतजार किया और जब सही समय आया तो यीशु मसीह का जन्म बेथलहम में हुआ। – स्लाइड 3
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परमेश्वर ने यीशु मसीह को एक परिवार में रखा। परमेश्वर ने यीशु मसीह की देखभाल करने के लिए उसे मरियम नाम की एक माँ और यूसुफ नाम के एक पिता को दिया। क्रिसमस के समय हम यीशु मसीह के जन्मदिन को याद करते हैं। – स्लाइड 4
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यीशु मसीह बड़े हुए और बलवान हो गए। यीशु मसीह परमेश्वर से प्रेम करता हैं और यीशु मसीह मरियम और यूसुफ से प्रेम करता था और उनकी आज्ञा का पालन करता था। यूसुफ एक बढ़ई था और यीशु मसीह ने यूसुफ की मदद की। बाइबल कहती है कि यीशु मसीह बहुत बुद्धिमान थे। – स्लाइड 5
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जब यीशु मसीह बड़ा हुआ तो उसने लोगों को शिक्षा देना शुरू किया। यीशु मसीह को 12 सहायक मिले, जिन्हें 'शिष्य' भी कहा जाता था। यीशु मसीह ने बीमार लोगों को चंगा किया। यीशु मसीह ने परमेश्‍वर के बारे में कहानियां सुनाईं। – स्लाइड 6
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छोटे बच्चे यीशु मसीह को देखने आए। बच्चे परमेश्वर के बारे में उसकी कहानियाँ सुनना पसंद करते थे। परमेश्‍वर बहुत दयालु था और परमेश्‍वर मज़ेदार था। यीशु मसीह  ने कहा, 'सबको मुझे इन बच्चों की तरह प्यार करना चाहिए!' – स्लाइड 7
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परमेश्‍वर ने आपको एक परिवार में रखा है। परमेश्वर चाहते हैं कि आप बड़े होकर उसे जानें और परमेश्वर को भी प्यार करें। यीशु मसीह आपसे प्यार करते हैं ! – स्लाइड 8
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