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खोई हुई भेड़ का दृष्टांत

खोई हुई भेड़ के बारे में दृष्टान्त जो बाद में मिल जाती है।
योगदानकर्ता रॉडरसन रैंजल
CC BY-NC-ND
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अब महसूल लेने वाले और पापी कहलाने वाले लोग यीशु को सुनने के लिए इकट्ठे हो रहे थे। – स्लाइड 1
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परन्तु फरीसी और शास्त्री बुदबुदाने लगे, कि यह मनुष्य पापियों का स्वागत करता है, और उनके साथ भोजन करता है। – स्लाइड 2
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इसलिये यीशु ने उन्हें यह दृष्टान्त सुनाया। 'मान लीजिए कि आप में से किसी के पास सौ भेड़ें हैं और फिर आप पाते हैं कि उनमें से एक गायब है। – स्लाइड 3
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'क्या वह निन्यानवे को सुरक्षित छोड़कर खोई हुई भेड़ों की तलाश में नहीं जाता? – स्लाइड 4
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और क्या वह तब तक खोजता नहीं रहता जब तक उसे खोई हुई भेड़ नहीं मिल जाती? – स्लाइड 5
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'और जब उसे खोई हुई भेड़ मिल जाती है, तो वह खुशी से उसे अपने कंधों पर रख लेता है और घर चला जाता है। फिर वह अपने दोस्तों और पड़ोसियों को एक साथ बुलाता है और कहता है, "चलो जश्न मनाएँ - मुझे मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है।" – स्लाइड 6
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यीशु ने फिर कहा, 'इसी तरह स्वर्ग में एक पश्चाताप करने वाले पापी के लिए उन निन्यानवे धर्मियों के बनिस्बत, जिन्हें पश्चाताप करने की आवश्यकता नहीं है, अधिक जश्न मनाया जाएगा।' – स्लाइड 7
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