हम सामान्य आगंतुक आंकड़े एकत्र करने के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं लेकिन व्यक्तिगत जानकारी नहीं। गोपनीयता नीति

सेनाध्यक्ष यहोशू

यहोशू यरीहो को जीतने के लिए परमेश्वर के निर्देशों का पालन करता है।
योगदानकर्ता योमिनिस्ट्री
CC BY-NC-ND
पर्सनल और टीचिंग इस्तेमाल की इजाज़त है व्यक्तिगत एवं शिक्षण उपयोगव्यावसायिक उपयोग निषिद्ध व्यावसायिक उपयोगव्युत्पन्न कृतियाँ निषिद्ध व्युत्पन्न कृतियाँA.I. रूपांतरण निषिद्ध A.I. रूपांतरण
1
यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा, "मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बाँध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार होकर उस देश को जा जिसे मैं उनको अर्थात् इस्राएलियों को देता हूँ। यहोशू 1:1–2 – स्लाइड 1
2
यहोवा ने यहोशू से कहा: ‘इसलिए हियाव बाँधकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैंने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा। इतना हो कि तू हियाव बाँधकर और बहुत दृढ़ होकर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उससे न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहाँ-जहाँ तू जाएगा वहाँ-वहाँ तेरा काम सफल होगा। यहोशू 1:6–7 – स्लाइड 2
3
तब नून के पुत्र यहोशू ने दो भेदियों को शित्तीम से चुपके से भेज दिया, और उनसे कहा, "जाकर उस देश और यरीहो को देखो।" तुरन्त वे चल दिए, और राहाब नामक किसी वेश्या के घर में जाकर सो गए। यहोशू 2:1 – स्लाइड 3
4
तब किसी ने यरीहो के राजा से कहा, "आज की रात कई एक इस्राएली हमारे देश का भेद लेने को यहाँ आए हुए हैं।" तब यरीहो के राजा ने राहाब के पास यह कहला भेजा, "जो पुरुष तेरे यहाँ आए हैं उन्हें बाहर ले आ; क्योंकि वे सारे देश का भेद लेने को आए हैं।" यहोशू 2:2–3 – स्लाइड 4
5
लेकिन राहाब ने दोनों पुरुषों को छिपा रखा; और इस प्रकार कहा, "मेरे पास कई पुरुष आए तो थे, परन्तु मैं नहीं जानती कि वे कहाँ के थे<br/>और जब अंधेरा हुआ, और फाटक बन्द होने लगा, तब वे निकल गए; मुझे मालूम नहीं कि वे कहाँ गए; तुम फुर्ती करके उनका पीछा करो तो उन्हें जा पकड़ोगे।" यहोशू 2:4–5 – स्लाइड 5
6
तब वह उनको घर की छत पर चढ़ाकर सनई की लकड़ियों के नीचे छिपा दिया था जो उसने छत पर सजा कर रखी थी।और ये लेटने न पाए थे कि वह स्त्री छत पर जाकर इन पुरुषों से कहने लगी, "मुझे तो निश्चय है कि यहोवा ने तुम लोगों को यह देश दिया है, और तुम्हारा भय हम लोगों के मन में समाया है, और इस देश के सब निवासी तुम्हारे कारण घबरा रहे हैं।” यहोशू 2:6,8–9 – स्लाइड 6
7
अब मैंने जो तुम पर दया की है, इसलिए मुझसे यहोवा की शपथ खाओ कि तुम भी मेरे पिता के घराने पर दया करोगे, और इसका सच्चा चिन्ह मुझे दो<br/> तब उन पुरुषों ने उससे कहा, "यदि तू हमारी यह बात किसी पर प्रगट न करे, तो तुम्हारे प्राण के बदले हमारा प्राण जाए; और जब यहोवा हमको यह देश देगा, तब हम तेरे साथ कृपा और सच्चाई से बर्ताव करेंगे।" यहोशू 2:12,14 – स्लाइड 7
8
तब उसने उनको खिड़की से रस्सी के बल उतार के नगर के बाहर कर दिया, क्यूंकि उसका घर शहरपनाह पर बना था। यहोशू 2:15<br/>उन पुरुषों ने उसे उसी खिड़की पर एक लाल रंग के सूत की डोरी बाँधने के लिए कहा और आक्रमण के समय उसके परिवार को उसके घर में इकट्ठा करना और वे वहाँ किसी को घायल नहीं करेंगे। यहोशू 2:17–21 – स्लाइड 8
9
दो भेदियों ने लौटकर यहोशू को सूचना दी और कहा: "निःसन्देह यहोवा ने वह सारा देश हमारे हाथ में कर दिया है; फिर इसके सिवाय उसके सारे निवासी हमारे कारण घबरा रहे हैं।" <br/>यहोशू 2:24 यहोशू सवेरे उठा, और सब इस्राएलियों को साथ ले यरदन के किनारे आया। यहोशू 3:1 – स्लाइड 9
10
फिर यहोशू ने लोगों से कहा, "तुम अपने आप को पवित्र करो; क्योंकि कल के दिन यहोवा तुम्हारे मध्य में आश्चर्यकर्म करेगा।" तब यहोशू ने याजकों से कहा, "वाचा का सन्दूक उठाकर प्रजा के आगे-आगे चलो।" तब वे वाचा का सन्दूक उठाकर आगे-आगे चले। यहोशू 3:5–6 – स्लाइड 10
11
वर्ष के इस समय यरदन  गहरा और चौड़ा था। वह अपने तट के ऊपर-ऊपर बह रहा था<br/>जब याजकों ने जो सन्दूक ले जा रहे थे, अपने पांव जल के किनारे में डुबाए, तब परमेश्वर ने जल को ऊपर की ओर बहने से रोक दिया। याजक सूखी भूमि पर सन्दूक को नदी के बीच में ले गया।<br/> यहोशू 3:14–16 – स्लाइड 11
12
और याजकों ने यहोवा की वाचा का सन्दूक उठाए हुए यरदन के बीचों बीच पहुँचकर स्थल पर स्थिर खड़े रहे, और सब इस्राएली स्थल ही स्थल पार उतरते रहे, इस प्रकार सारे लोग यरदन पार हो गए।। यहोशू 3:17 अब वे यरीहो नगर के नदी के किनारे पहुँच गए। – स्लाइड 12
13
तब यहोवा ने यहोशू से कहा, "प्रजा में से बारह पुरुष, अर्थात्-गोत्र पीछे एक-एक पुरुष को चुनकर यह आज्ञा दे, तुम यरदन के बीच में, जहाँ याजकों ने पाँव धरे थे वहाँ से बारह पत्थर उठाकर अपने साथ पार ले चलो, और जहाँ आज की रात पड़ाव होगा वहीं उनको रख देना'।" यहोशू 4:2–3 – स्लाइड 13
14
और आगे को जब तुम्हारे बेटे यह पूछें, 'इन पत्थरों का क्या मतलब है?' तब तुम उन्हें यह उत्तर दो, कि यरदन का जल यहोवा की वाचा के सन्दूक के सामने से दो भाग हो गया था; क्योंकि जब वह यरदन पार आ रहा था, तब यरदन का जल दो भाग हो गया। अतः वे पत्थर इस्राएल को सदा के लिये स्मरण दिलानेवाले ठहरेंगे।" यहोशू 4:6-7 – स्लाइड 14
15
जब यहोशू यरीहो के पास था तब उसने अपनी आँखें उठाई, और क्या देखा, कि हाथ में नंगी तलवार लिये हुए एक पुरुष सामने खड़ा है; और यहोशू ने उसके पास जाकर पूछा, "क्या तू हमारी ओर का है, या हमारे बैरियों की ओर का?" उसने उत्तर दिया, "नहीं; मैं यहोवा की सेना का प्रधान होकर आया हूँ। यहोशू 5:13–14 – स्लाइड 15
16
तब यहोशू ने पृथ्वी पर मुँह के बल गिरकर दण्डवत् किया, और उससे कहा, "अपने दास के लिये मेरे प्रभु की क्या आज्ञा है?" यहोवा की सेना के प्रधान ने यहोशू से कहा, "अपनी जूती पाँव से उतार डाल, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र है।" तब यहोशू ने वैसा ही किया। यहोशू 5:14B-15 – स्लाइड 16
17
यहोवा ने यहोशू से कहा, "सुन, मैं यरीहो को उसके राजा और शूरवीरों समेत तेरे वश में कर देता हूँ।”...यहोशू 6:2<br/>तब यहोवा ने यहोशू को बताया कि यरीहो को कैसे पराजित करना है। यहोशू 6 – स्लाइड 17
18
युद्ध के बाद उन्होंने शहर को जला दिया और जो इसे फिर से बनाने की कोशिश करेगा उस को श्रापित कहा। और यहोशू ने राहाब वेश्या और उसके पिता के घराने को, वरन् उसके सब लोगों को जीवित छोड़ दिया; और आज तक उसका वंश इस्राएलियों के बीच में रहता है, क्योंकि जो दूत यहोशू ने यरीहो के भेद लेने को भेजे थे उनको उसने छिपा रखा था<br/> यहोशू 6:25 – स्लाइड 18
19
स्लाइड 19