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शमूएल और शाऊल

भविष्यवक्ता शमूएल का राजा शाऊल के साथ संबंध।
योगदानकर्ता योमिनिस्ट्री
CC BY-NC-ND
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एल्काना की दो पत्नियाँ थीं: एक हन्ना और दूसरी पनिन्ना थी। पनिन्ना के तो बच्चे थे और हन्ना के कोई बच्चे नहीं थे। 'तब उसके पति एल्काना ने उस से कहा, हे हन्ना, तू क्यों रोती है और क्यों नहीं खाती और तेरा मन क्यों उदास है? क्या मैं तुम्हारे लिए दस पुत्रों से अच्छा नहीं हूँ?”' शमूएल 1:8 – स्लाइड 1
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उसने मन में व्याकुल हो कर यहोवा से प्रार्थना करने और बिलख बिलखकर रोने लगी। और उसने यह मन्नत मानी, कि हे सेनाओं के यहोवा, यदि तू अपनी दासी के दु:ख पर सचमुच दृष्टि करे, और मेरी सुधि ले, और अपनी दासी को भूल न जाए, और अपनी दासी को पुत्र दे, तो मैं उसे उसके जीवन भर के लिये यहोवा को अर्पण करूंगी, और उसके सिर पर छुरा फिरने न पाएगा। 1 शमूएल 1:10–11 – स्लाइड 2
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हन्ना मन ही मन कह रही थी; उसके होंठ तो हिलते थे परन्तु उसका शब्द न सुन पड़ता था; इसलिये एली ने समझा कि वह नशे में है। तब एली ने उस से कहा, तू कब तक नशे में रहेगी? अपना नशा उतार। हन्ना ने कहा, नहीं, हे मेरे प्रभु, मैं तो दु:खिया हूं; मैं ने न तो दाखमधु पिया है और न मदिरा, मैं ने अपने मन की बात खोल कर यहोवा से कही है। 1 शमूएल 1:13-15 – स्लाइड 3
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और एलकाना अपनी स्त्री हन्ना के पास गया, और यहोवा ने उसकी सुधि ली; तब हन्ना गर्भवती हुई और समय पर उसके एक पुत्र हुआ, और उसका नाम शमूएल रखा, क्योंकि वह कहने लगी, मैं ने यहोवा से मांगकर इसे पाया है। 1 शमूएल 1:19–20 – स्लाइड 4
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हन्ना एली के पास वापस गई, शिलोह के तंबू में l हन्ना ने कहा यह वही बालक है जिसके लिये मैं ने प्रार्थना की थी; और यहोवा ने मुझे मुंह मांगा वर दिया है। इसी लिये मैं भी उसे यहोवा को अर्पण कर देती हूं; कि यह अपने जीवन भर यहोवा ही का बना रहे। तब उसने वहीं यहोवा को दण्डवत किया l1 शमूएल 1:27–28 – स्लाइड 5
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परन्तु शमूएल जो बालक था सनी का एपोद पहिने हुए यहोवा के साम्हने सेवा टहल किया करता था। और उसकी माता प्रति वर्ष उसके लिये एक छोटा सा बागा बनाकर जब अपने पति के संग प्रति वर्ष की मेलबलि चढ़ाने आती थी तब बागे को उसके पास लाया करती थी। 1 शमूएल 2:18–19 – स्लाइड 6
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और शमूएल बड़ा होता गया, और यहोवा उसके संग रहा, और उसने उसकी कोई भी बात निष्फल होने नहीं दी।और दान से बेर्शेबा तक के रहने वाले सारे इस्राएलियों ने जान लिया कि शमूएल यहोवा का नबी होने के लिये नियुक्त किया गया है।और यहोवा ने शीलो में फिर दर्शन दिया, क्योंकि यहोवा ने अपने आप को शीलो में शमूएल पर अपने वचन के द्वारा प्रगट किया l 1 शमूएल 3:19–21 – स्लाइड 7
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और शमूएल जीवन भर इस्राएलियों का न्याय करता रहा। वह प्रति वर्ष बेतेल और गिलगाल और मिस्पा में घूम-घूमकर उन सब स्थानों में इस्राएलियों का न्याय करता था। <br/>तब वह रामा में जहां उसका घर था लौट आया, और वहां भी इस्राएलियों का न्याय करता था, और वहां उसने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई l 1 शमूएल 7:15-17 – स्लाइड 8
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तब सब इस्राएली वृद्ध लोग इकट्ठे हो कर रामा में शमूएल के पास जा कर उस से कहने लगे, सुन, तू तो अब बूढ़ा हो गया, और तेरे पुत्र तेरी राह पर नहीं चलते; अब हम पर न्याय करने के लिये सब जातियों की रीति के अनुसार हमारे लिये एक राजा नियुक्त कर दे। परन्तु जो बात उन्होंने कही, कि हम पर न्याय करने के लिये हमारे ऊपर राजा नियुक्त कर दे, यह बात शमूएल को बुरी लगी। 1 शमूएल 8:4-6 – स्लाइड 9
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और शमूएल ने यहोवा से प्रार्थना की।और यहोवा ने शमूएल से कहा, वे लोग जो कुछ तुझ से कहें उसे मान ले; क्योंकि उन्होंने तुझ को नहीं परन्तु मुझी को निकम्मा जाना है, कि मैं उनका राजा न रहूं। 1 शमूएल 8:6–7 – स्लाइड 10
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इसलिये अब तू उनकी बात मान; तौभी तू गम्भीरता से उन को भली भांति समझा दे, और उन को बतला भी दे कि जो राजा उन पर राज्य करेगा उसका व्यवहार किस प्रकार होगा l 1 शमूएल 8:9 शमूएल के द्वारा परमेश्वर की भविष्यवाणी ने उन्हें उन बुरे परिणामों के बारे में चेतावनी दी जो एक राजा होने के परिणामस्वरूप आ सकते हैं l 1 शमूएल 8:11-18 – स्लाइड 11
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तौभी उन लोगों ने शमूएल की बात न सुनी; और कहने लगे, नहीं! हम निश्चय अपने लिये राजा चाहते हैं, जिस से हम भी और सब जातियों के समान हो जाएं, और हमारा राजा हमारा न्याय करे, और हमारे आगे आगे चलकर हमारी ओर से युद्ध किया करे। 1 शमूएल 8:19–20 – स्लाइड 12
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शमूएल को शाऊल (एक बिन्यामीनी) को पहला राजा घोषित करने के लिए प्रेरित किया गया था। (1शमूएल 10:20) 'शमूएल ने सभी लोगों से कहा, 'क्या तुम उसे देखते हो जिसे यहोवा ने चुना है? निश्चय ही सब लोगों में उसके तुल्य कोई नहीं है।” तब सब लोग ललकार कर कहने लगे, “राजा चिरंजीव दीर्घायु रहे l 1 शमूएल 10:24 – स्लाइड 13
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शमूएल ने शाऊल से कहा, यहोवा ने अपनी प्रजा इस्राएल पर राज्य करने के लिये तेरा अभिषेक करने को मुझे भेजा था; इसलिये अब यहोवा की बातें सुन ले। सेनाओं का यहोवा यों कहता है, कि जो कुछ उस ने इस्राएल से किया उसके लिये मैं अमालेक को दण्ड दूंगा l इसलिये अब तू जा कर अमालेकियों को मार, और सब कुछ सत्यानाश कर l<br/>1 शमूएल 15:1–3 – स्लाइड 14
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युद्ध में शाऊल ने परमेश्वर के निर्देशों का पालन नहीं किया जो शमूएल ने उसे बताया था। इसलिये अब तू जा कर अमालेकियों को मार, और जो कुछ उनका है उसे बिना कोमलता किए सत्यानाश कर; क्या पुरूष, क्या स्त्री, क्या बच्चा, क्या दूधपिउवा, क्या गाय-बैल, क्या भेड़-बकरी, क्या ऊंट, क्या गदहा, सब को मार डाल l 1 शमूएल 15:3 – स्लाइड 15
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युद्ध के बाद शमूएल ने शाऊल से भेंट करके कहा, फिर भेड़-बकरियों का यह मिमियाना, और गय-बैलों का यह बंबाना जो मुझे सुनाई देता है, यह क्यों हो रहा है? शाऊल ने कहा, वे तो अमालेकियों के यहां से आए हैं; अर्थात प्रजा के लोगों ने अच्छी से अच्छी भेड़-बकरियों और गाय-बैलों को तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये बलि करने को छोड़ दिया है; .. 1 शमूएल 15:14-15 – स्लाइड 16
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शमूएल ने कहा, क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन आज्ञा मानना तो बलि चढ़ाने और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है। तू ने जो यहोवा की बात को तुच्छ जाना, इसलिये उसने तुझे राजा होने के लिये तुच्छ जाना है। 1 शमूएल 15:22-23 – स्लाइड 17
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यहोवा ने शमूएल को बेतलेहेम जाने और इस्राएल के अगले राजा का अभिषेक करने का निर्देश दिया। तब यहोवा ने कहा, उठ कर इस का अभिषेक कर: यही है। तब शमूएल ने अपना तेल का सींग ले कर उसके भाइयों के मध्य में उसका अभिषेक किया; और उस दिन से ले कर भविष्य को यहोवा का आत्मा दाऊद पर बल से उतरता रहा। 1 शमूएल 16:12-13 – स्लाइड 18
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