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यीशु मसीह जी उठा है!

कब्र खाली है और यीशु मसीह जी उठे हैं।
योगदानकर्ता योमिनिस्ट्री
CC BY-NC-ND
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यीशु मसीह के क्रूस पर मरने के बाद, यूसुफ नाम का एक धनी मनुष्य (जो यीशु का चेला था) ने पीलातुस के पास जाकर यीशु मसीह का शरीर मांगा l यूसुफ ने शरीर को लेकर उसे उज्ज़वल चादर में लपेटा और उसे अपनी नई कब्र में रखा, जो उस ने चट्टान में खुदवाई थी, और कब्र के द्वार पर बड़ा पत्थर लुढ़काकर चला गया। <br/>और मरियम मगदलीनी और दूसरी मरियम वहां कब्र के साम्हने बैठी थीं l मत्ती 27:57–61 – स्लाइड 1
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दूसरे दिन प्रधान याजकों और फरीसियों ने पीलातुस के पास जाकर उस से कहा, कि कब्र मोहर लगा कर उस पर पहरेदार रख दे। वे डरते थे कि यीशु मसीह के चेले कब्र पर जाकर यीशु मसीह के शरीर को चुरा लेंगे। उसके बाद वे दावा कर सकते हैं कि यीशु मसीह मरे हुओं में से जी उठा।<br/> (मत्ती 27:62–66) – स्लाइड 2
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और देखो एक बड़ा भुईंडोल हुआ, क्योंकि प्रभु का एक दूत स्वर्ग से उतरा, और पास आकर उसने पत्थर को लुढ़का दिया, और उस पर बैठ गया। उसका रूप बिजली के समान और उसके वस्त्र हिम के समान श्वेत था। उसके भय से पहरेदार कांप उठे, और मृतक समान हो गए।  मत्ती 28:2–4 – स्लाइड 3
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रविवार को महिलाओ ने सुगन्धित वस्तुएं मोल लीं, कि आकर यीशु मसीह के शरीर पर मलें। जब वे कब्र के पास पहुँचे तो वे सोच रहे थे कि वे अंदर कैसे जाएंगे। उन्होंने पाया कि पत्थर लुढ़का हुआ है। जैसे ही उन्होंने प्रवेश किया, उन्होंने देखा कि यीशु मसीह का शरीर जा चुका था।<br/> (मरकुस 16:1–4) – स्लाइड 4
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स्वर्गदूत ने कब्र में प्रवेश करके उन से कहा चकित मत हो, तुम यीशु नासरी को, जो क्रूस पर चढ़ाया गया था, ढूंढ़ती हो: वह जी उठा है; यहां नहीं है; देखो, यही वह स्थान है, जहां उन्होंने उसे रखा था।परन्तु तुम जाओ, और उसके चेलों और पतरस से कहो, कि वह तुम से पहिले गलील को जाएगा; जैसा उस ने तुम से कहा था, तुम वहीं उसे देखोगे। <br/>मरकुस 16:5–7 – स्लाइड 5
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उस सुबह पहरेदार महायाजकों के पास गए और जो कुछ हुआ था, सब उन्हें बता दिया। जब वे इकट्ठे हुए, तो उन्होंने पहरेदारो को एक बड़ी रकम दी और कहा; 'तू कहना, "उसके चेले रात को आए और जब हम सो रहे थे, तो उसे चुरा ले गए।<br/>(मत्ती 28:11-14) – स्लाइड 6
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शाम को एक बंद कमरे में यीशु अचानक अपने शिष्यों के सामने प्रकट हुए और उन्हें आशीर्वाद दिया। वे सभी उत्साहित थे और उन्होंने थोमा के साथ खुशखबरी साझा की, जो वहां नहीं था। थोमा ने कहा, 'मैं विश्वास नहीं करूँगा जब तक कि मैं अपनी आँखों से न देख लूँ।' (यूहन्ना 20:19–25) – स्लाइड 7
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आठ दिन बाद यीशु मसीह फिर उनके साथ प्रकट हुए और थोमा को अपने घायल हाथ और बाजू दिखाए l थोमा ने कहा हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर! यीशु मसीह ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया l' (यूहन्ना 20:26-29) – स्लाइड 8
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शिष्यों के लिए गलील जाने और यीशु मसीह को उनके निर्देशानुसार देखने का समय आ गया था। यीशु मसीह अभी तक नहीं आया था और एक रात पतरस ने गलील के समुद्र में मछली पकड़ने जाने का फैसला किया। कुछ शिष्य उनके साथ हो लिएl<br/> (यूहन्ना 21:1–3) – स्लाइड 9
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पतरस सहित कुछ शिष्य अनुभवी मछुआरे थे। वे सारी रात मछली पकड़ने गए और एक भी मछली नहीं पकड़ी। जैसे ही सुबह हुई, वे निराश होकर वापस किनारे पर आ गए। यह शायद उनके समय की एक बड़ी बर्बादी की तरह लग रहा था। (यूहन्ना 21:3b) – स्लाइड 10
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यीशु मसीह तट पर खड़ा हुआ, तब यीशु मसीह ने उन से कहा, हे बालको, क्या तुम्हारे पास कुछ खाने को है? उन्होंने उत्तर दिया कि नहीं। उस ने उन से कहा, नाव की दाहनी ओर जाल डालो, तो पाओगे,<br/>यूहन्ना 21:4–6a – स्लाइड 11
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उन्होंने वैसा ही किया जैसा किनारे पर खड़े आदमी ने निर्देश दिया था, हालाँकि उन्हें अभी तक इस बात का एहसास नहीं था कि यह यीशु मसीह ही उन्हें निर्देश दे रहे थे। जब उन्होंने यीशु मसीह की आज्ञा के अनुसार किया तो उन्होंने इतनी मछलियाँ पकड़ीं कि वे उन सभी को अंदर खींच न सके।<br/> (यूहन्ना 21:6b) – स्लाइड 12
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अब यूहन्ना ने जान लिया कि यह यीशु मसीह तट पर था जिसने उन्हें निर्देश दिया था कि क्या करना है। उसने पतरस से कहा, 'यह प्रभु है।' पतरस ने उनके नाव के किनारे पर जाने की प्रतीक्षा नहीं की, इसके बजाय वह नाव से कूद गया और तैरकर अपने प्रभु के पास गया। (यूहन्ना 21:6–7) – स्लाइड 13
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जब वे सब किनारे पर उतरे, यीशु मसीह ने उनसे कहा, आओ और नाश्ता करो। यीशु मसीह ने तो पहले से ही कोयले की आग, और उस पर मछली रखी हुई थी l यीशु मसीह ने उन को प्रोत्साहित किया , कि जो मछिलयां तुम ने अभी पकड़ी हैं, उन में से कुछ लाओ और भोजन करो l<br/>यूहन्ना 21:9–14 – स्लाइड 14
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नाश्ता करने के बाद यीशु मसीह ने पतरस से बात की। तीन बार यीशु मसीह ने पूछा कि क्या पतरस उससे प्रेम करता है। यीशु मसीह ने ये प्रश्न इसलिए पूछे क्योंकि वह जानता था कि पतरस कलिसिया में उसका महत्वपूर्ण हिस्सा होगा और पतरस अपने विश्वास के लिए कैसे मरेगा।<br/> (यूहन्ना 21:15–18) – स्लाइड 15
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यीशु मसीह के स्वर्ग जाने से पहले उसने अपने चेलों से कहा; 'स्वर्ग और पृथ्वी पर सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिए जाकर सब जातियों को चेला बनाओ, और उन्हें पिता,पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और जो कुछ मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है उन सब को मानना ​​सिखाओ; और देखो, मैं युग के अन्त तक सदा तुम्हारे संग हूं।' (मत्ती 28:18b-19) – स्लाइड 16
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