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मूसा: परमेश्वर का चुना हुआ अगुवा

परमेश्वर अपने लोगों को गुलामी से बाहर निकालने के लिए मूसा को बुलाता है।
योगदानकर्ता योमिनिस्ट्री
CC BY-NC-ND
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1
एक चरवाहे के रूप में चालीस वर्षों के बाद, '... मूसा अपके ससुर यित्रो नाम मिद्यान के याजक की भेड़-बकरियों को चराता था; और वह उन्हें जंगल के पश्चिम की ओर होरेब नाम परमेश्वर के पर्वत के पास ले गया। निर्गमन 3:1 – स्लाइड 1
2
और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उस ने दृष्टि उठाकर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती। जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा। <br/>निर्गमन 3: 2और 4 – स्लाइड 2
3
उस ने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र भूमि है। फिर उस ने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढ़ाप लिया। निर्गमन 3:5–6 – स्लाइड 3
4
फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्र्म कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है; इसलिए अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं ...<br/>निर्गमन 3:7–8a – स्लाइड 4
5
इसलिए आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए। तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मै कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं? निर्गमन 3:10–11 – स्लाइड 5
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परमेश्वर ने मूसा से कहा: लेकिन मैं जानता हूं कि मिस्र का राजा तुम को जाने न देगा वरन बड़े बल से दबाए जाने पर भी जाने न देगा।इसलिए मैं हाथ बढ़ाकर उन सब आश्चर्यकर्मों से जो मिस्र के बीच करूंगा उस देश को मारूंगा; और उसके पश्चात्‌ वह तुम को जाने देगा।<br/>निर्गमन 3:19–20 – स्लाइड 6
7
तब मैं मिस्रियों से इस प्रजा पर अनुग्रह करवाऊंगा; और जब तुम निकलोगे तब खाली हाथ न निकलोगे। वरन तुम्हारी एक एक स्त्री अपने पड़ोसिन, और उनके घर की  स्त्री से सोने चांदी के गहने, और वस्त्र मांग लेगी, और तुम उन्हें अपके बेटों और बेटियों को पहिनाना; इस प्रकार तुम मिस्रियों को लूटोगे।। निर्गमन 3:21–22 – स्लाइड 7
8
तब यहोवा ने हारून से कहा, मूसा से भेंट करने को जंगल में जा। और वह गया, और परमेश्वर के पर्वत पर उससे मिला और उसको चूमा। तब मूसा ने हारून को यह बतलाया कि यहोवा ने क्या क्या बातें कहकर उसको भेजा है, और कौन कौन से चिन्ह दिखलाने की आज्ञा उसे दी है। <br/>निर्गमन 4:27–28 – स्लाइड 8
9
फिर यहोवा ने, मूसा और हारून से इस प्रकार कहा, कि जब फिरौन तुम से कहे, कि अपने प्रमाण का कोई चमत्कार दिखाओ, तब तू हारून से कहना, कि अपनी लाठी को ले कर फिरौन के साम्हने डाल दे, कि वह अजगर बन जाए। निर्गमन 7:8–9<br/>फिरौन के जादूगरों ने इसे दो और सांपों के साथ दोहराया लेकिन हारून की लाठी ने उन सांपों को निगल लिया। – स्लाइड 9
10
फिरौन का हृदय बहुत कठोर था। परमेश्वर के और भी बहुत से चमत्कार थे जो मूसा और हारून ने इस आशा में किए कि फिरौन इस्राएलियों को जाने देगा। ये निर्गमन 7 से 10 में सूचीबद्ध हैं।अब यहोवा ने मूसा से कहा, मैं फिरौन और मिस्र पर एक और विपत्ति डालूंगा; उसके बाद वह तुम्हें यहां से जाने देगा...' <br/>निर्गमन 11:1a – स्लाइड 10
11
यहोवा इस प्रकार कहता है, कि आधी रात के लगभग मैं मिस्र देश के बीच में हो कर चलूंगा। तब मिस्र में सिंहासन पर विराजने वाले फिरौन से ले कर चक्की पीसने वाली दासी तक के पहिलौठे; वरन पशुओं तक के सब पहिलौठे मर जाएंगे। <br/>निर्गमन 11:4-5 – स्लाइड 11
12
फिर यहोवा ने मिस्र देश में मूसा और हारून से कहा, कि यह महीना तुम लोगों के लिये आरम्भ का ठहरे; अर्थात वर्ष का पहिला महीना यही ठहरे। निर्गमन 12:1–2 परमेश्वर ने मूसा और हारून के द्वारा अपनी प्रजा को निर्देश दिया कि यह अंतिम विपत्ति उन पर से गुजरे और उन्हें हानि न पहुंचे। निर्गमन 12:1-28 – स्लाइड 12
13
परमेश्वर ने अपने लोगों को एक मेमने को मारने की आज्ञा दी। और जिन घरों में तुम रहोगे उन पर वह लोहू तुम्हारे निमित्त चिन्ह ठहरेगा; अर्थात मैं उस लोहू को देखकर तुम को छोड़ जाऊंगा, और जब मैं मिस्र देश के लोगों को मारूंगा, तब वह विपत्ति तुम पर न पड़ेगी और तुम नाश न होगे। <br/>निर्गमन 12:13 – स्लाइड 13
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और जब तुम्हारे बच्चे तुम से पूछें, कि इस काम से तुम्हारा क्या मतलब है? तब तुम उन को यह उत्तर देना, कि यहोवा ने जो मिस्रियों के मारने के समय मिस्र में रहने वाले हम इस्राएलियों के घरों को छोड़कर हमारे घरों को बचाया, इसी कारण उसके फसह का यह बलिदान किया जाता है। तब लोगों ने सिर झुका कर दण्डवत की। <br/>निर्गमन 12:26-27 – स्लाइड 14
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और ऐसा हुआ कि आधी रात को यहोवा ने उठकर मिस्र देश के सारे पहलौठे को घात किया। और फिरौन रात ही को उठ बैठा, और उसके सब कर्मचारी, वरन सारे मिस्री उठे; और मिस्र में बड़ा हाहाकार मचा, क्योंकि एक भी ऐसा घर न था जिसमें कोई मरा न हो। निर्गमन 12:29-30 फिरौन ने मूसा से अपने लोगों के साथ जाने के लिए कहा। – स्लाइड 15
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मिस्रियों ने लोगों से बिनती की, कि उन्हें फुर्ती से देश से निकाल दे, क्योंकि उन्होंने कहा, हम सब मर जाएंगे। यहोवा ने मिस्रियों की दृष्टि में प्रजा पर अनुग्रह किया था, कि वे उन पर अपनी बिनती करें। इस प्रकार उन्होंने मिस्रियों को लूटा।<br/> निर्गमन 12:33 और 36 – स्लाइड 16
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