हम सामान्य आगंतुक आंकड़े एकत्र करने के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं लेकिन व्यक्तिगत जानकारी नहीं। गोपनीयता नीति

एलिय्याह नबी

एलिय्याह, कर्मेल पर्वत पर प्रतियोगिता और वर्षा के लिए प्रार्थना।
योगदानकर्ता योमिनिस्ट्री
CC BY-NC-ND
पर्सनल और टीचिंग इस्तेमाल की इजाज़त है व्यक्तिगत एवं शिक्षण उपयोगव्यावसायिक उपयोग निषिद्ध व्यावसायिक उपयोगव्युत्पन्न कृतियाँ निषिद्ध व्युत्पन्न कृतियाँA.I. रूपांतरण निषिद्ध A.I. रूपांतरण
1
ओम्री का पुत्र अहाब बाईस वर्ष तक शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करता रहा। और ओम्री के पुत्र अहाब ने उन सब से अधिक जो उस से पहिले थे, वह कर्म किए जो यहोवा की दृष्टि में बुरे थे। 1 राजा 16:29-30 – स्लाइड 1
2
उसने तो नबात के पुत्र यारोबाम के पापों में चलना हलकी सी बात जानकर, सीदोनियों के राजा एतबाल की बेटी ईजेबेल को ब्याह कर बाल देवता की उपासना की और उसको दण्डवत किया। 1 राजा 16:31 – स्लाइड 2
3
और तिशबी एलिय्याह जो गिलाद के परदेसियों में से था उसने अहाब से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके सम्मुख मैं उपस्थित रहता हूँ, उसके जीवन की शपथ इन वर्षों में मेरे बिना कहे, न तो मेंह बरसेगा, और न ओस पड़ेगी। <br/>1 राजा 17:1 – स्लाइड 3
4
जैसे एलिय्याह ने भविष्यवाणी की थी, तीन साल तक बारिश नहीं हुई। 'बहुत दिनों के बाद तीसरे वर्ष में यहोवा का यह वचन एलिय्याह के पास पहुंचा, कि जाकर अपने आप को अहाब को दिखा, और मैं पृथ्वी पर मेंह बरसाऊंगा। 1 राजा 18:1 – स्लाइड 4
5
एलिय्याह को देखते ही अहाब ने कहा, हे इस्राएल के सताने वाले क्या तू ही है? उसने कहा, मैं ने इस्राएल को कष्ट नहीं दिया, परन्तु तू ही ने और तेरे पिता के घराने ने दिया है; क्योंकि तुम यहोवा की आज्ञाओं को टाल कर बाल देवताओं की उपासना करने लगे। 1 राजा 18:17–18 – स्लाइड 5
6
अब दूत भेज कर सारे इस्राएल को और बाल के साढ़े चार सौ नबियों और अशेरा के चार सौ नबियों को जो ईज़ेबेल की मेज पर खाते हैं, मेरे पास कर्म्मेल पर्वत पर इकट्ठा कर ले। <br/>1 राजा 18:19 – स्लाइड 6
7
तब अहाब ने सारे इस्राएलियों को बुला भेजा और नबियों को कर्म्मेल पर्वत पर इकट्ठा किया। और एलिय्याह सब लोगों के पास आकर कहने लगा, तुम कब तक दो विचारों में लटके रहोगे, यदि यहोवा परमेश्वर हो, तो उसके पीछे हो लो; और यदि बाल हो, तो उसके पीछे हो लो। लोगों ने उसके उत्तर में एक भी बात न कही। <br/>1 राजा 18:20–21 – स्लाइड 7
8
इसलिये दो बछड़े लाकर हमें दिए जाएं, और वे एक अपने लिये चुनकर उसे टुकड़े टुकड़े काट कर लकड़ी पर रख दें, और कुछ आग न लगाएं; और मैं दूसरे बछड़े को तैयार करके लकड़ी पर रखूंगा, और कुछ आग न लगाऊंगा। तब तुम अपने देवता से प्रार्थना करना, और मैं यहोवा से प्रार्थना करूंगा, और जो आग गिराकर उत्तर दे वही परमेश्वर ठहरे। ....1 राजा 18:23–24 – स्लाइड 8
9
बाल के याजक ने उनकी वेदी बनाई, और उनका बैल चुना, और बलि करके वेदी पर रखा। फिर 'वे भोर से दोपहर तक बाल का नाम लेते रहे, और कहते रहे, हे बाल, हमारी सुन ले! परन्तु न कोई आवाज हुई, और न किसी ने उत्तर दिया।' 1 राजा 18:26 – स्लाइड 9
10
दोपहर को एलिय्याह ने यह कहकर उनका ठट्ठा किया, कि ऊंचे शब्द से पुकारो, वह तो देवता है; वह तो ध्यान लगाए होगा, या कहीं गया होगा या यात्रा में होगा, या हो सकता है कि सोता हो और उसे जगाना चाहिए। 1 राजा 18:27 – स्लाइड 10
11
और उन्होंने बड़े शब्द से पुकार पुकार के अपनी रीति के अनुसार छुरियों और बछिर्यों से अपने अपने को यहां तक घायल किया कि लोहू लुहान हो गए। वे दोपहर भर ही क्या, वरन भेंट चढ़ाने के समय तक नबूवत करते रहे, परन्तु कोई शब्द सुन न पड़ा; <br/>1 राजा 18:28–29a – स्लाइड 11
12
तब एलिय्याह ने सब लोगों से कहा, मेरे निकट आओ; और उन पत्थरों से यहोवा के नाम की एक वेदी बनाई; और उस ने वेदी के चारों ओर एक गड्ढा बनाया, तब उसने वेदी पर लकड़ी को सजाया, और बछड़े को टुकड़े टुकड़े काटकर लकड़ी पर रख दिया l<br/>1 राजा 18:30, 32–33 – स्लाइड 12
13
और कहा, चार घड़े पानी भर के होमबलि, पशु और लकड़ी पर उण्डेल दो। तब उसने कहा, दूसरी बार वैसा ही करो; तब लोगों ने दूसरी बार वैसा ही किया। फिर उसने कहा, तीसरी बार करो; तब लोगों ने तीसरी बार भी वैसा ही किया। और जल वेदी के चारों ओर बह गया, और गड़हे को भी उसने जल से भर दिया। 1 राजा 18:33–35 – स्लाइड 13
14
तब एलिय्याह ने कहा, हे इब्राहीम, इसहाक और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! आज यह प्रगट कर कि इस्राएल में तू ही परमेश्वर है, और मैं तेरा दास हूँ, और मैं ने ये सब काम तुझ से वचन पाकर किए हैं। हे यहोवा! मेरी सुन, मेरी सुन, कि ये लोग जान लें कि हे यहोवा, तू ही परमेश्वर है, और तू ही उनका मन लौटा लेता है। 1 राजा 18:36-37 – स्लाइड 14
15
तब यहोवा की आग आकाश से प्रगट हुई और होमबलि को लकड़ी और पत्थरों और धूलि समेत भस्म कर दिया, और गड़हे में का जल भी सुखा दिया। यह देख सब लोग मुंह के बल गिरकर बोल उठे, यहोवा ही परमेश्वर है, यहोवा ही परमेश्वर है! 1 राजा 18:38–39 – स्लाइड 15
16
और एलिय्याह कर्म्मेल की चोटी पर चढ़ गया, और भूमि पर गिर कर अपना मुंह घुटनों के बीच किया। और उसने अपने सेवक से कहा, चढ़कर समुद्र की ओर दृष्टि कर देख, तब उसने चढ़ कर देखा और लौट कर कहा, कुछ नहीं दीखता। एलिय्याह ने कहा, फिर सात बार जा। 1 राजा 18:42-43 – स्लाइड 16
17
सातवीं बार उसने कहा, देख समुद्र में से मनुष्य का हाथ सा एक छोटा बादल उठ रहा है। एलिय्याह ने कहा, अहाब के पास जा कर कह, कि रथ जुतवा कर नीचे जा, कहीं ऐसा न हो कि तू वर्षा के कारण रुक जाए। 1 राजा 18:44 – स्लाइड 17
18
थोड़ी ही देर में आकाश वायु से उड़ाई हुई घटाओं, और आन्धी से काला हो गया और भारी वर्षा होने लगी; और अहाब सवार हो कर यिज्रेल को चला। तब यहोवा की शक्ति एलिय्याह पर ऐसी हुई; कि वह कमर बान्धकर अहाब के आगे आगे यिज्रेल तक दौड़ता चला गया। 1 राजा 18:45–46 – स्लाइड 18
19
स्लाइड 19