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स्वर्ग के राज्य के दृष्टान्त l

छिपे हुए खजाने, एक मूल्यवान मोती और मछली पकड़ने के बारे में दृष्टांत।
CC BY-NC-ND
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यीशु ने कहा, ‘स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है... – स्लाइड 1
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....जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, – स्लाइड 2
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और मारे आनन्द के जाकर उसने सब कुछ बेच दिया और उस खेत को मोल ले लिया।’ – स्लाइड 3
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फिर से, स्वर्ग का राज्य एक व्यापारी की तरह है जो अच्छे मोतियों की खोज में था। – स्लाइड 4
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जब उसे एक बहुमूल्य मोती मिला, तो उसने बाहर जाकर अपना सब कुछ बेच दिया और उसे खरीद लिया। – स्लाइड 5
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फिर से, स्वर्ग का राज्य उस जाल के समान है जो समुद्र में डाला गया था, जिसमें सब प्रकार की मछलियाँ पकड़ी जाती थीं। जब वह भर गया, तो उन्होंने उसे किनारे खींच लिया, और बैठ गए, और अच्छी मछलियों को पात्रों में रखकर बुरी मछलियों को फेंक दिया। – स्लाइड 6
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जगत के अन्त में ऐसा ही होगा: स्वर्गदूत आकर दुष्टों को धमिर्यों से अलग करेंगे... – स्लाइड 7
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..... और उन्हें आग के भट्टी में डालेंगे। वहां रोना और दांत पीसना होगा। – स्लाइड 8
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क्या तुम इन सब बातों को समझ गए हो?’ यीशु ने कहा। उन्होंने उत्तर दिया, 'हाँ।' – स्लाइड 9
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तब यीशु ने उनसे कहा, 'इसलिये व्यवस्था का हर एक शास्त्री जो स्वर्ग के राज्य के लिए प्रशिक्षित किया गया है, उस मालिक के समान है, जो अपने भण्डार से नई और पुराने सत्य निकालता है l – स्लाइड 10
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