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लाजर मौत से जी उठा

यीशु के आने से 4 दिन पहले लाजर की मृत्यु हो जाती है।।
CC BY-NC-ND
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जब यीशु बैतनिय्याह के निकट पहुंचा, लाजर को कब्र में रखे चार दिन हो चुके हैं।  यीशु ने मारथा से कहा, ‘तेरा भाई जी उठेगा।’<br/>मारथा ने उस से कहा, ‘मैं जानती हूं, कि अन्तिम दिन में पुनरुत्थान के समय वह जी उठेगा।’ – स्लाइड 1
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यीशु ने उस से कहा, ‘पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा।<br/>और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?’ – स्लाइड 2
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उस ने उस से कहा, ‘हां हे प्रभु, मैं विश्वास कर चुकी हूं, कि परमेश्वर का पुत्र मसीह जो जगत में आनेवाला था, वह तू ही है।’ – स्लाइड 3
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यह कहकर वह चली गई, और अपनी बहिन मरियम को चुपके से बुलाकर कहा, ‘गुरू यहीं है, और तुझे बुलाता है।’ – स्लाइड 4
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वह सुनते ही तुरन्त उठकर उसके पास आई।(यीशु अभी गांव में नहीं पहुंचा था, परन्तु उसी स्थान में था जहां मारथा ने उस से भेंट की थी।) तब जो यहूदी उसके साथ घर में थे, और उसे शान्ति दे रहे थे, यह देखकर कि मरियम तुरन्त उठके बाहर गई है और यह समझकर कि वह कब्र पर रोने को जाती है, उसके पीछे हो लिये। – स्लाइड 5
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जब मरियम वहां पहुंची जहां यीशु था, तो उसे देखते ही उसके पांवों पर गिर के कहा, ‘हे प्रभु, यदि तू यहां होता तो मेरा भाई न मरता।’ – स्लाइड 6
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जब यीशु न उस को और उन यहूदियों को जो उसके साथ आए थे रोते हुए देखा, तो आत्मा में बहुत ही उदास हुआ, और घबरा कर कहा, ‘तुम ने उसे कहां रखा है?’ उन्होंने उस से कहा, ‘हे प्रभु, चलकर देख ले।’ यीशु के आंसू बहने लगे। – स्लाइड 7
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तब यहूदी कहने लगे, ‘देखो, वह उस से कैसी प्रीति रखता था।’ परन्तु उन में से कितनों ने कहा, ‘क्या यह जिस ने अन्धे की आंखें खोली, यह भी न कर सका कि यह मनुष्य न मरता?’ – स्लाइड 8
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यीशु मन में फिर बहुत ही उदास होकर कब्र पर आया, (वह एक गुफा थी, और एक पत्थर उस पर धरा था।)<br/>यीशु ने कहा; ‘पत्थर को उठाओ:’ उस मरे हुए की बहिन मारथा उस से कहने लगी, ‘हे प्रभु, उस में से अब तो र्दुगंध आती है क्योंकि उसे मरे चार दिन हो गए।’<br/>यीशु ने उस से कहा, ‘क्या मैं ने तुझ से न कहा था कि यदि तू विश्वास करेगी, तो परमेश्वर की महिमा को देखेगी?’ – स्लाइड 9
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तब उन्होंने उस पत्थर को हटाया, फिर यीशु ने आंखें उठाकर कहा, ‘हे पिता, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं कि तू ने मेरी सुन ली है। और मै जानता था, कि तू सदा मेरी सुनता है, परन्तु जो भीड़ आस पास खड़ी है, उन के कारण मैं ने यह कहा, जिस से कि वे विश्वास करें, कि तू ने मुझे भेजा है।’ – स्लाइड 10
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यह कहकर उस ने बड़े शब्द से पुकारा, कि ‘हे लाजर, निकल आ।’ – स्लाइड 11
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जो मर गया था, वह कफन से हाथ पांव बन्धे हुए निकल आया और उसका मुंह अंगोछे से लिपटा हुआ तें – स्लाइड 12
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यीशु ने उन से कहा, ‘उसे खोलकर जाने दो॥’ तब जो यहूदी मरियम के पास आए थे, और उसका यह काम देखा था, उन में से बहुतों ने उस पर विश्वास किया। – स्लाइड 13
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