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यूहन्ना के जन्म की भविष्यवाणी

जकर्याह को एक स्वर्गदूत दिखाई देता है जो उसे एक पुत्र देने का वादा करता है।
CC BY-NC-ND
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यहूदिया के राजा हेरोदेस के शासन काल में... – स्लाइड 1
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… जकर्याह नाम का एक याजक रहता था, जो अबिय्याह के याजक दल का था, और उसकी एक पत्नी थी, जिसका नाम एलिजाबेथ था, जो हारून की सन्तान थी। – स्लाइड 2
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वे दोनों परमेश्वर की दृष्टि में धर्मी थे, और यहोवा की सब आज्ञाओं और विधियों पर निर्दोष रीति से चलते थे। – स्लाइड 3
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परन्तु उनके कोई सन्तान न था, क्योंकि इलीशिबा बांझ थी, और वे दोनों बहुत बूढ़े थे। – स्लाइड 4
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अब जब जकर्याह परमेश्वर के सामने याजक का काम कर रहा था, और उसका दल काम पर था... – स्लाइड 5
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... याजकपद की रीति के अनुसार वह चिट्ठी डालकर यहोवा के पवित्र स्थान में प्रवेश करने और धूप जलाने के लिए चुना गया। – स्लाइड 6
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धूप जलाने के समय लोगों की सारी भीड़ बाहर प्रार्थना कर रही थी। – स्लाइड 7
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यहोवा का एक दूत धूप की वेदी की दाहिनी ओर खड़ा हुआ उसे दिखाई दिया। और जब जकर्याह ने स्वर्गदूत को देखा, तो वह डर गया। – स्लाइड 8
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परन्तु स्वर्गदूत ने उस से कहा, 'हे जकर्याह, मत डर, क्योंकि तेरी प्रार्थना सुन ली गई है... – स्लाइड 9
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... और तेरी पत्नी इलीशिबा से तेरे लिये एक पुत्र उत्पन्न होगा; तुम उसका नाम यूहन्ना रखोगे। तुझे आनन्द होगा, और उसके जन्म के कारण बहुत से लोग आनन्दित होंगे, क्योंकि वह यहोवा की दृष्टि में महान होगा। – स्लाइड 10
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'वह कभी भी दाखमधु या मदिरा न पिए, और वह अपने जन्म से पहिले ही पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो जाएगा। वह इस्राएल के बहुत से लोगों को उनके परमेश्वर यहोवा की ओर फेरेगा। – स्लाइड 11
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और वह एलिय्याह की आत्मा और सामर्थ्य में होकर यहोवा के साम्हने अगुवा होकर जाएगा, कि पितरों का मन उनके सन्तान की ओर फेर दे, और आज्ञा न माननेवालों को धर्मी की समझ पर लाए, और यहोवा के लिए एक प्रजा तैयार करे जो उसके लिए तैयार हो।' – स्लाइड 12
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जकर्याह ने स्वर्गदूत से कहा, 'मैं यह कैसे जान सकता हूँ? क्‍योंकि मैं तो बूढ़ा हूं, और मेरी पत्‍नी भी बूढ़ी है। स्‍वर्गदूत ने उसको उत्तर दिया, कि मैं जिब्राईल हूं, जो परमेश्वर के साम्हने खड़ा रहता हूं; और मुझे तुम से बातें करने और यह सुसमाचार सुनाने को भेजा गया है। – स्लाइड 13
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'और अब, क्योंकि तुमने मेरे वचनों पर विश्वास नहीं किया, जो उनके समय में पूरे होंगे, तुम बोल नहीं सकोगे, जब तक ये बातें पूरी नहीं हो जातीं।' – स्लाइड 14
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अब लोग जकर्याह की बाट जोह रहे थे, और अचम्भा करने लगे कि उसे पवित्र स्थान में क्यों देर हो गई। – स्लाइड 15
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जब वह बाहर आया तो वह बात नहीं कर पा रहा था। वे जान गए, कि उस ने पवित्रस्थान में कोई दर्शन पाया है, क्योंकि वह उन को संकेत के द्वारा बात कर रहा था। – स्लाइड 16
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जब उसकी सेवा का समय पूरा हुआ, तो वह अपने घर चला गया। कुछ समय बाद उसकी पत्नी एलिज़ाबेथ गर्भवती हुई और पाँच महीने तक उसने अपने आप को एकांतवास में रखा। – स्लाइड 17
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उसने कहा, 'यहोवा ने मुझ पर अनुग्रह किया, और लोगों के बीच में मेरी नामधराई दूर की है।' – स्लाइड 18
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