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प्रभु यीशु मसीह जीवन का जल देता हैं

प्रभु यीशु ने 'जीवन जल' के अर्थ के बारे में सामरी स्त्री से अपनी बातचीत जारी रखा।
CC BY-NC-ND
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हमारे बाप दादों ने इसी पहाड़ पर आराधना किया: और तुम कहते हो कि वह जगह जहां आराधना करना चाहिए यरूशलेम में है। – स्लाइड 1
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यीशु ने उस से कहा, हे नारी, मेरी बात का विश्वास कर कि वह समय आता है कि तुम न तो इस पहाड़ पर पिता का आराधना करोगे न यरूशलेम में। – स्लाइड 2
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तुम जिसे नहीं जानते, उसकी आराधना करते हो; और हम जिसे जानते हैं उसकी आराधना करते हैं; क्योंकि उद्धार यहूदियों में से है। – स्लाइड 3
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परन्तु वह समय आता है, वरन अब भी है जिस में सच्चे भक्त पिता की आराधना आत्मा और सच्चाई से करेंगे, क्योंकि पिता अपने लिये ऐसे ही आराधकों को ढूंढ़ता है।<br/>परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसकी आराधना करने वाले आत्मा और सच्चाई से आराधना करें। – स्लाइड 4
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स्त्री ने उस से कहा, मैं जानती हूं कि मसीह जो ख्रिस्त कहलाता है, आनेवाला है; जब वह आएगा, तो हमें सब बातें बता देगा। – स्लाइड 5
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यीशु ने उस से कहा, मैं जो तुझ से बोल रहा हूं, वही हूं॥ – स्लाइड 6
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इतने में उसके चेले आ गए, और अचम्भा करने लगे, कि वह स्त्री से बातें कर रहा है; तौभी किसी ने न कहा, कि तू क्या चाहता है? या किस लिये उस से बातें करता है। – स्लाइड 7
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तब स्त्री अपना घड़ा छोड़कर नगर में चली गई, और लोगों से कहने लगी। आओ, एक मनुष्य को देखो, जिस ने सब कुछ जो मैं ने किया मुझे बता दिया: कहीं यह तो मसीह नहीं है? सो वे नगर से निकलकर उसके पास आने लगे। – स्लाइड 8
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इतने में उसके चेले यीशु से यह बिनती करने लगे, कि हे रब्बी, कुछ खा ले। परन्तु उस ने उन से कहा, मेरे पास खाने के लिये ऐसा भोजन है जिसे तुम नहीं जानते। – स्लाइड 9
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तब चेलों ने आपस में कहा, क्या कोई उसके लिये कुछ खाने को लाया है? – स्लाइड 10
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यीशु ने उन से कहा, मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजने वाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं। – स्लाइड 11
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क्या तुम नहीं कहते, कि कटनी होने में अब भी चार महीने पड़े हैं? देखो, मैं तुम से कहता हूं, अपनी आंखे उठाकर खेतों पर दृष्टि डालो, कि वे कटनी के लिये पक चुके हैं।<br/>और काटने वाला मजदूरी पाता, और अनन्त जीवन के लिये फल बटोरता है; ताकि बोने वाला और काटने वाला दोनों मिलकर आनन्द करें। – स्लाइड 12
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क्योंकि इस पर यह कहावत ठीक बैठती है कि बोने वाला और है और काटने वाला और। मैं ने तुम्हें वह खेत काटने के लिये भेजा, जिस में तुम ने परिश्रम नहीं किया: औरों ने परिश्रम किया और तुम उन के परिश्रम के फल में भागी हुए॥ – स्लाइड 13
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और उस नगर के बहुत सामरियों ने उस स्त्री के कहने से, जिस ने यह गवाही दी थी, कि उस ने सब कुछ जो मैं ने किया है, मुझे बता दिया, विश्वास किया। – स्लाइड 14
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तब जब ये सामरी उसके पास आए, तो उस से बिनती करने लगे, कि हमारे यहां रह – स्लाइड 15
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सो वह वहां दो दिन तक रहा। <br/>और उसके वचन के कारण और भी बहुतेरों ने विश्वास किया। – स्लाइड 16
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और उस स्त्री से कहा, अब हम तेरे कहने ही से विश्वास नहीं करते; क्योंकि हम ने आप ही सुन लिया, और जानते हैं कि यही सचमुच में जगत का उद्धारकर्ता है॥ – स्लाइड 17
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