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नमक और ज्योति का दृष्टान्त

यीशु नमक और ज्योति के दृष्टान्त से सिखाते है।
CC BY-NC-ND
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यीशु अपने चेलों को पढ़ाने के लिए एक पहाड़ पर चढ़ गये थे। – स्लाइड 1
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तुम पृथ्वी के नमक हो,’ यीशु ने कहा। ‘परन्तु यदि नमक का स्वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? – स्लाइड 2
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फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए। – स्लाइड 3
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‘तुम जगत की ज्योति हो। – स्लाइड 4
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‘जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता। – स्लाइड 5
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‘और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है। – स्लाइड 6
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‘उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें॥’ – स्लाइड 7
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