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खर्चीला बेटा

यीशु दो बेटों के बारे में एक दृष्टांत बताते है।
CC BY-NC-ND
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यीशु ने कहा, ‘किसी मनुष्य के दो पुत्र थे। – स्लाइड 1
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‘उन में से छुटके ने पिता से कहा कि “हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए।” उस ने उन को अपनी संपत्ति बांट दी। – स्लाइड 2
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‘और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा करके एक दूर देश को चला गया... – स्लाइड 3
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‘...और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी। – स्लाइड 4
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‘जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया। – स्लाइड 5
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‘और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा : उस ने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा। – स्लाइड 6
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‘और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था। जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा... – स्लाइड 7
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‘”कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं। मैं अब उठकर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि ‘पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है। अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले।”’ – स्लाइड 8
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‘तब वह उठकर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा। – स्लाइड 9
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‘पुत्र ने उस से कहा “पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।” – स्लाइड 10
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‘परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा “फट अच्छे से अच्छा वस्त्र निकालकर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।<br/>और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें। क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है : खो गया था, अब मिल गया है” और वे आनन्द करने लगे। – स्लाइड 11
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‘परन्तु उसका जेठा पुत्र खेत में था : और जब वह आते हुए घर के निकट पहुंचा, तो उस ने गाने बजाने और नाचने का शब्द सुना।और उस ने एक दास को बुलाकर पूछा; यह क्या हो रहा है? उस ने उस से कहा, “तेरा भाई आया है; और तेरे पिता ने पला हुआ बछड़ा कटवाया है, इसलिये कि उसे भला चंगा पाया है।” यह सुनकर वह क्रोध से भर गया, और भीतर जाना न चाहा। – स्लाइड 12
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‘परन्तु उसका पिता बाहर आकर उसे मनाने लगा। उस ने पिता को उत्तर दिया, कि “देख; मैं इतने वर्ष से तेरी सेवा कर रहा हूं, और कभी भी तेरी आज्ञा नहीं टाली। – स्लाइड 13
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“’तौभी तू ने मुझे कभी एक बकरी का बच्चा भी न दिया, कि मैं अपने मित्रों के साथ आनन्द करता। परन्तु जब तेरा यह पुत्र, जिस ने तेरी संपत्ति वेश्याओं में उड़ा दी है, आया, तो उसके लिये तू ने पला हुआ बछड़ा कटवाया।” – स्लाइड 14
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‘उस ने उस से कहा; पुत्र, तू सर्वदा मेरे साथ है; और जो कुछ मेरा है वह सब तेरा ही है। परन्तु अब आनन्द करना और मगन होना चाहिए क्योंकि यह तेरा भाई मर गया था फिर जी गया है; खो गया था, अब मिल गया है॥’’’ – स्लाइड 15
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