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हन्ना शमूएल को परमेश्वर को समर्पित करती है

हन्ना की प्रार्थना का उत्तर शमूएल के जन्म के द्वारा मिलता है।
योगदानकर्ता एज ग्रुप - लायन हडसन
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एल्काना के दो पत्नियां थीं; एक का नाम हन्ना और दूसरी का पनिन्ना था। और पनिन्ना के तो बालक हुए, परन्तु हन्ना के कोई बालक न हुआ। एल्काना हन्ना से प्रीति रखता था; बावजूद इसके कि उनके बच्चे नहीं थे। – Slide número 1
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पनिन्ना ने हन्ना के साथ निर्दयी व्यवहार किया, और बच्चे न होने पर उसे अत्यन्त चिढ़ाकर कुढ़ाती रहती थीं। – Slide número 2
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जब हन्ना यहोवा के भवन को जाती थी तब पनिन्ना उसको चिढ़ाती थी। इसलिये वह रोती और खाना न खाती थी। – Slide número 3
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इसलिये उसके दयालु पति एल्काना ने उस से कहा, हे हन्ना, तू क्यों रोती है? और खाना क्यों नहीं खाती? और तेरा मन क्यों उदास है? क्या तेरे लिये मैं दस बेटों से भी अच्छा नहीं हूं? – Slide número 4
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एक दिन, हन्ना ने अपनी गहरी पीड़ा में, यहोवा के मन्दिर के चौखट के अलंग के पास बैठकर जहां एली याजक भी कुर्सी पर बैठा हुआ था।<br/>वह मन में व्याकुल हो कर यहोवा से प्रार्थना करने और बिलख बिलखकर रोने लगी और यह मन्नत मानी, कि हे सर्वशक्तिमान यहोवा, यदि तू मुझे को एक पुत्र दे, तो मैं उसे उसके जीवन भर के लिये यहोवा को समर्पित करूंगी, और उसके सिर पर छुरा फिरने न पाएगा। – Slide número 5
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जब एली ने उसके मुंह  हिलते हुए देखा, लेकिन कोई शब्द न सुन पड़ता था, तो उसने उसे नशे में धुत समझा। हन्ना ने कहा, 'हे मेरे प्रभु, मैं तो दु:खिया हूं; मैं ने न तो दाखमधु पिया है और न मदिरा, मैं ने अपने मन की बात खोल कर यहोवा से कही है।' एली ने उत्तर दिया, कुशल से चली जा; इस्राएल का परमेश्वर तुझे मन चाहा वर दे।' तब वह स्त्री चली गई और खाना खाया, और उसका मुंह फिर उदास न रहा। – Slide número 6
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परमेश्वर ने हन्ना की प्रार्थना का उत्तर दिया। कुछ समय बाद हन्ना गर्भवती हुई और उसने एक पुत्र को जन्म दिया। – Slide número 7
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हन्ना ने उसका नाम शमूएल रखा, क्योंकि वह कहने लगी, 'मैंने उसके लिए यहोवा से प्रार्थना की।' हिब्रू में शमूएल नाम का अर्थ है 'मैं ने यहोवा से मांगकर इसे पाया है।' – Slide número 8
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हन्ना ने भी परमेश्वर से अपनी प्रतिज्ञा पूरी की। जब उसने उसका दूध छुड़ाया तब वह उसको संलेकर एली के पास पहुंची, तब हन्ना ने कहा, हे मेरे प्रभु, मैं वही स्त्री हूं जो तेरे पास यहीं खड़ी हो कर यहोवा से प्रार्थना करती थी। यह वही बालक है जिसके लिये मैं ने प्रार्थना की थी; और यहोवा ने मुझे मुंह मांगा वर दिया है। इसी लिये मैं भी उसे यहोवा को समर्पित करती हूं; कि यह अपने जीवन भर यहोवा ही का बना रहे। – Slide número 9
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तब उसने यहोवा को बलिदान चढ़ाए और दण्डवत किया। और हन्ना परमेश्वर को फूट-फूट कर रोते हुए धन्यवाद दिया। पर एली युवा शमूएल को तम्बू में परमेश्वर की सेवा करने के लिए अभ्यास देना शुरू किया। एली के बेटे बहुत ही अवज्ञाकारी और परमेश्वर की आराधना तिरस्कार के साथ करते थे।<br/>इसके विपरीत शमूएल ने अपना सनी का एपोद पहनकर आज्ञाकारी रूप से परमेश्वर की सेवा की। हर साल हन्ना जब अपने पति के साथ वार्षिक बलिदान चढ़ाने जाती थी, तब वह शमूएल को एक छोटा बागा बनाकर उसके पास ले जाती थी। – Slide número 10
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एक रात एली अपने स्थान पर लेटा हुआ था। उसकी आंखें कमजोर हो गई थीं और वह ठीक से देख नहीं पा रहा था। शमूएल यहोवा के भवन में लेटा था, जहां वाचा का सन्दूक रखा गया था। प्रभु ने शमूएल को बुलाया, और शमूएल ने उसे एली समझकर उत्तर दिया, 'मैं यहां हूं।' – Slide número 11
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तब उसने एली के पास दौड़कर कहा, क्या आज्ञा, तू ने मुझे पुकारा है। वह बोला, मैं ने नहीं पुकारा; फिर सो जा। तो वह जा कर लेट गया। – Slide número 12
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तब यहोवा ने फिर पुकार के कहा, हे शमूएल! शमूएल उठ कर एली के पास गया। – Slide número 13
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और कहा, क्या आज्ञा, तू ने मुझे पुकारा है। उसने कहा, हे मेरे बेटे, मैं ने नहीं पुकारा; फिर सो जा। – Slide número 14
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फिर तीसरी बार यहोवा ने शमूएल को पुकारा। और वह उठके एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने मुझे पुकारा है। तब एली ने समझ लिया कि इस बालक को यहोवा ने पुकारा है। इसलिये एली ने शमूएल से कहा, 'जाओ लेट जाओ। यदि यहोवा तुझे बुलाए, तो फिर कहना, “हे प्रभु, बोल, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।” तब शमूएल जाकर फिर लेट गया। – Slide número 15
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यहोवा ने आकर फिर पुकारा, 'शमूएल! शमूएल!' शमूएल ने सब सुन लिया जो परमेश्वर ने एली के पुत्रों के बारे में कहा कि वह एली के पुत्रों को उनके द्वारा किए गए दुष्ट कार्यों के लिए दंडित करने जा रहा था। एली और उसके परिवार को परमेश्वर की सेवा जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शमूएल इस भयानक खबर को एली के साथ साझा करने के लिए अनिच्छुक था लेकिन एली ने जोर दिया। परमेश्वर का न्याय सुनकर एली ने उत्तर दिया, 'यहोवा वही करे जो उसकी दृष्टि में अच्छा हो।' – Slide número 16
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शमूएल बड़ा हुआ और देश के सभी लोग जान गए कि शमूएल परमेश्वर का भक्त है। यहोवा ने उससे और उसके द्वारा बातें कीं। जब एली और उसके पुत्रों की मृत्यु हुई, परमेश्वर ने शमूएल को नबी के रूप में स्थापित किया। – Slide número 17
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