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परदेशी रूत

मोआबी रूत अपनी सास नाओमी के साथ बेतलेहेम आती है।
योगदानकर्ता एज ग्रुप - लायन हडसन
CC BY-NC-ND
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बोअज़ बेतलेहेम नगर का एक धनी जमींदार था। कटनी के समय उसने परमेश्वर के नियमों का पालन करते हुए गरीबों को जमीन पर गिरे अनाज को बटोरने के लिए अपने काटने वालों के पीछे-पीछे चलने दिया। एक दिन उसने एक अजनबी, विदेशी शरणार्थी, को गरीबों के बीच अनाज की तलाश में देखा। – स्लाइड 1
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तब बोअज ने अपने उस सेवक से जो लवने वालों के ऊपर ठहराया गया था पूछा, वह किस की कन्या है। जो सेवक लवने वालों के ऊपर ठहराया गया था उसने उत्तर दिया, वह मोआबिन कन्या है, जो नाओमी के संग मोआब देश से लौट आई है। बोअज़ नाओमी को जानता था, वह उसका दूर का रिश्‍तेदार था। नाओमी के पति, एलीमेलेक के पास बेतलेहेम में भूमि थी। परन्तु अकाल के समय एलीमेलेक और नाओमी पास के मोआब में रहने के लिए चले गए। उनके दो पुत्रों ने मोआबी स्त्रियों, रूत और ओर्पा से विवाह किया था। – स्लाइड 2
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दुर्भाग्य से त्रासदी हुई। पहले एलीमेलेक की मृत्यु हुई और फिर नाओमी ने अपने दोनों पुत्रों को भी खो दिया। वह दो बहुओं के साथ विधवा हो गई थी। – स्लाइड 3
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नाओमी ने बेतलेहेम लौटने का फैसला किया। पर उसने रूत और ओर्पा को मोआब में रहने को कहा। ओर्पा अपने लोगों के साथ रहना चाहती थी परन्तु रूत ने उत्तर दिया, 'जिधर तू जाए उधर मैं भी जाऊंगी; जहां तू टिके वहां मैं भी टिकूंगी; तेरे लोग मेरे लोग होंगे, और तेरा परमेश्वर मेरा परमेश्वर होगा।' – स्लाइड 4
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रूत अब एक विधवा थी, जो बेतलेहेम में यहूदियों के बीच रहने वाली मोआबी विदेशी थी। वह खाने को कुछ न होने के कारण अपने और नाओमी के लिये अन्न बटोरने के लिये खेतों में गई। नाओमी ने यह समझने में संघर्ष किया कि परमेश्वर ने उसे इतना कष्ट क्यों दिया। उसने अपना नाम नाओमी (अर्थ है सुखद) से बदलकर मारा रखा जिसका अर्थ है 'कड़वा'। – स्लाइड 5
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बोअज ने रूत से कहा, हे मेरी बेटी,  किसी दूसरे के खेत में बीनने को न जाना, मेरी ही दासियों के संग यहीं रहना। जिस खेत को वे लवतीं हों उसी पर तेरा ध्यान बन्धा रहे, और उन्हीं के पीछे पीछे चला करना। क्या मैं ने जवानों को आज्ञा नहीं दी, कि तुझ से न बोलें? और जब जब तुझे प्यास लगे, तब तब तू बरतनों के पास जा कर जवानों का भरा हुआ पानी पीना। तब वह भूमि तक झुककर मुंह के बल गिरी, और उस से कहने लगी, क्या कारण है कि तू ने मुझ परदेशिन पर अनुग्रह की दृष्टि करके मेरी सुधि ली है? बोअज ने उत्तर दिया, जो कुछ तू ने पति मरने के पीछे अपनी सास से किया है, वह सब मुझे विस्तार के साथ बताया गया है। यहोवा तेरी करनी का फल दे, और इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके पंखों के तले तू शरण लेने आई है तुझे पूरा बदला दे। – स्लाइड 6
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जब वह बीनने को उठी, तब बोअज ने अपने जवानों को आज्ञा दी, कि उसको पूलों के बीच बीच में भी बीनने दो, और दोष मत लगाओ। वरन मुट्ठी भर जाने पर कुछ कुछ निकाल कर गिरा भी दिया करो, और उसके बीनने के लिये छोड़ दो, और उसे न घुड़कना। – स्लाइड 7
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सो वह सांझ तक खेत में बीनती रही; तब जो कुछ बीन चुकी उसे फटका, और वह कोई एपा भर जौ निकला। तब वह उसे उठा कर नगर में गई, और उसकी सास ने उसका बीना हुआ देखा, और जो कुछ उसने तृप्त हो कर बचाया था उसको उसने निकाल कर अपनी सास को दिया। उसकी सास ने उस से पूछा, आज तू कहां बीनती, और कहां काम करती थी? धन्य वह हो जिसने तेरी सुधि ली है। तब उसने अपनी सास को बता दिया, कि मैं ने किस के पास काम किया, और कहा, कि जिस पुरूष के पास मैं ने आज काम किया उसका नाम बोअज है। इसलिए रूत ने अपनी सास को बोअज़ ने जो किया सब बाते बताया। – स्लाइड 8
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'यहोवा उसे आशीष दे!' नाओमी ने कहा। 'वह हम पर अपनी दया दिखा रहा है। वह आदमी हमारे सबसे करीबी रिश्तेदारों में से एक है, हमारे परिवार के छुड़ाने वालों में से एक है।' एक पारिवारिक छुड़ाने वाला वह था जो मृत रिश्तेदार की जमीन खरीद सकता था लेकिन उसे मृत रिश्तेदार की विधवा और परिवार की देखभाल करनी थी। – स्लाइड 9
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रूत गेहूँ की कटाई के दौरान बोअज़ के खेतों में अनाज इकट्ठा करती रही। नाओमी ने रूत से कहा, 'बोअज़ हमारा एक करीबी रिश्तेदार है, और उसने तुम्हें अनाज इकट्ठा करने की अनुमति देकर बहुत दयालुता दिखाया है। आज रात वह खलिहान में जौ को फटकेगा। तू स्नान कर तेल लगा, वस्त्र पहिनकर खलिहान को जा। और जब वह लेट जाए, तब तू उस के लेटने के स्थान को देख लेना; फिर भीतर जा उसके पांव उघार के लेट जाना।' – स्लाइड 10
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आधी रात के करीब बोअज़ अचानक उठा और पलट गया। अपने बिस्तर के पैहाने में एक महिला को देखकर वह हैरान रह गया। ‘मैं तुम्हारी सेविका हूँ,’ रूत ने समझाया। 'और तुम मेरे परिवार को छुड़ाने वाले हो।' 'चिंता मत करो रूत,' बोअज़ ने उत्तर दिया। मैं वही करूँगा जो ज़रूरी है, क्योंकि शहर में हर कोई जानता है कि तुम एक गुणी महिला हो। लेकिन जबकि यह सच है कि मैं आपके परिवार के छुड़ाने वालों में से एक हूं, एक और व्यक्ति है जो मुझसे ज्यादा आपके साथ जुड़ा हुआ है। मैं इस मामले को सुबह सुलझा लूंगा।' – स्लाइड 11
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अगली सुबह बोअज़ शहर के फाटक पर गया और उस आदमी से मिला जो परिवार का सबसे करीबी छुड़ानेवाला था। बोअज़ ने समझाया, 'यदि आप नाओमी से भूमि खरीदते हैं तो कानून की आवश्यकता होती है कि आप मोआबी विधवा रूत से विवाह करें। 'इस तरह उसके बच्चे हो सकते हैं जो उसके पति के नाम को आगे बढ़ाएंगे कि मरे हुए का नाम उसके भाग में स्थिर कर दे।' – स्लाइड 12
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वह आदमी जमीन खरीदने में दिलचस्पी रखता था लेकिन मोआबी रूत से शादी करने की जटिलता नहीं चाहता था। ‘मैं उसको छुड़ा नहीं सकता’ उसने जवाब दिया। 'इसलिये मेरा छुड़ाने का अधिकार तू ले ले।' खरीद का अधिकार हस्तांतरित करते समय अपनी चप्पल को दूसरे पक्ष को सौंपने का रिवाज था। तब परिवार के दूसरे छुड़ानेवाले ने अपनी जूती बोअज को दे दी। – स्लाइड 13
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सो बोअज ने नाओमी के पति और उसके पुत्रों की भूमि मोल लिया। इसके बाद उन्होंने रूत से शादी भी कर ली। बाद में रूत ने एक पुत्र को जन्म दिया। – स्लाइड 14
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उन्होंने अपने बेटे का नाम ओबेद रखा। वहां कि महिलाओं ने नाओमी से कहा, 'प्रभु की स्तुति करो, जिसने तुम्हारे परिवार के लिए एक मुक्तिदाता प्रदान किया है! यह बच्चा इज़राइल में प्रसिद्ध होगा और आपके बुढ़ापे में आपकी देखभाल करेगा। बाद में ओबेद यिशै का पिता और राजा दाऊद का दादा बना था। – स्लाइड 15
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