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खोई हुई भेड़ का दृष्टान्त

एक अच्छे चरवाहे के बारे में दृष्टांत।
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यीशु को सुनने के लिए सभी चुंगी लेनेवाले और पापियों ने उसे घेर लिया। परन्तु फरीसियों और सिद्दांतों के शिक्षको ने फुसफुसाकर कहा, ‘यह मनुष्य पापियों का स्वागत करता है, और उनके साथ खाता है। – स्लाइड 1
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यीशु ने उन्हें एक चरवाहे के बारे में यह दृष्टान्त कहा: – स्लाइड 2
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‘मान लो कि तुम में से एक के पास सौ भेड़ें हों... – स्लाइड 3
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‘... और उसमें से एक खो जाए। – स्लाइड 5
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‘क्या वह बाकि की निन्यानवे भेड़ों को खुले में नहीं छोड़ देगा ... – स्लाइड 6
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‘... और उस एक खोई हुई भेड़ को ढूंढना शुरू नहीं कर देगा?’ – स्लाइड 7
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‘और जब वह उसे ढूंढ लेगा... – स्लाइड 11
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‘..वह आनंद से उसे अपने कंधे पर उठा लेगा... – स्लाइड 13
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‘... और घर को चला जाएगा। – स्लाइड 14
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‘तब वह अपने मित्रों और पड़ोसियों को साथ बुलाएगा और कहेगा, “मेरे साथ आनंद मनाओ! मुझे मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है।” – स्लाइड 15
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‘यीशु ने अंत में कहा, ‘मैं तुमसे कहता हूँ,’ ‘कि इसी रीती से एक मन फिरानेवाले पापी के बारे में भी स्वर्ग में बहुत आनंद मनाया जाएगा जितना कि निन्यानवे ऐसे धर्मी मनुष्य के विषय में नहीं होगा जिन्हें मन फिराने की जरूरत नहीं। – स्लाइड 16
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