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क्रिसमस की कहानी : स्वर्गदूत का यूसुफ को दर्शन देना

क्रिसमस की कहानी: एक स्वर्गदूत यूसुफ से मिलने आता है।
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जब यूसुफ ने अपनी होनेवाली पत्नी को गर्भवती पाया तो वह सोच में पड़ गया कि अब वह क्या करे? – स्लाइड 1
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वह परमेश्वर की आज्ञा का पालन करनेवाला और उसके नियमों को मानने वाला व्यक्ति था। – स्लाइड 2
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... पर वह नहीं चाहता था कि मरियम किसी भी बदनामी और सर्वजनिक रूप से लज्जा का सामना करे। – स्लाइड 3
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हलाकि काफी देर सोच विचार के बाद उसने यह निर्णय लिया कि उसे विवाह की सहमती को तोड़ देना चाहिए। – स्लाइड 4
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तब, परमेश्वर का एक स्वर्गदूत उसके स्वप्न में आया। स्वर्गदूत ने उससे कहा ‘यूसुफ, ’ मरियम को अपनी पत्नी बनाकर अपने घर में लाने से मत डर क्योंकि जो बालक उसके गर्भ में है वह पवित्रात्मा की ओर से है।’ – स्लाइड 5
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‘मरियम परमेश्वर के पुत्र को जन्म देगी और तू उसको यीशु नाम यीशु रखना, क्योंकि वह अपने लोगों का उनके पापों से छुड़ाएगा।’ – स्लाइड 6
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तब यूसुफ नींद से जाग उठा और परमेश्वर के स्वर्गदूत की आज्ञानुसार जो उसने उसे करने के लिए कहा था उसने वैसा ही करने का निर्णय लिया। – स्लाइड 7
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वह मरियम को ढूँढने चला गया। – स्लाइड 8
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विवाह की सहमति पूरी हो गई ... – स्लाइड 9
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... और वह मरियम को अपनी पत्नी बनाकर अपने घर ले आया। – स्लाइड 10
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वह तब तक मरियम के पास नहीं गया जब तक कि मरियम ने एक पुत्र को जन्म नहीं दे दिया और उसने उसका नाम यीशु रखा। – स्लाइड 11
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