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यूसुफ का फ़िरौन के सपने का अर्थ बताना

यूसुफ को मिस्र में दूसरा सबसे शक्तिशाली शासक नियुक्त किया गया है।
योगदानकर्ता फ्री बाइबिल इमेजेस
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जब यूसुफ ने फ़िरौन के पिलानेहारे के स्वप्न का अर्थ बताया, तो उसने उसे कहा कि वह फ़िरौन से यह विनती करे कि वह उसे छोड़ दे। परन्तु जब पिलानेहारा अपने काम पर वापस पहुँचा तो वह यूसुफ के बारे में भूल गया। दो साल बीत गए और यूसुफ बंदीगृह में ही रहा। – स्लाइड 1
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एक रात फ़िरौन को एक स्वप्न आया। – स्लाइड 2
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वह नील नदी के किनारे खड़ा था तभी नदी में सात मोटी-मोटी गायें पानी से निकलीं और घास चरने लगीं। – स्लाइड 3
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फिर सात बहुत पतली और दुर्बल गायें नील नदी से निकलीं और दूसरे गायों के निकट नदी के तट पर खड़ी हो गईं। – स्लाइड 4
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फ़िरौन के स्वप्न में, पतली गायें मोटी गायों को खा गयीं। – स्लाइड 5
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फ़िरौन उठा, फिर वापस सो गया। उसने एक दूसरा स्वप्न देखा। – स्लाइड 6
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उसने एक ही डंठल के, भरे और पके, बालों के सात सिरे देखे। – स्लाइड 7
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फिर और सात बालों के सिरे निकले। वे पतली और रेगिस्तान की हवा से झुलसी हुईं थी। – स्लाइड 8
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ये बालों के पतले सिरे भरे बालों को खा गए। – स्लाइड 9
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स्वप्न से राजा बहुत व्याकुल हो उठा, अगली सुबह उसने मिस्र के सब ज्योतिषियों और पण्डितों को बुलावा भेजा। उसने उन्हें अपने स्वप्न बताऐ, परन्तु कोई उसे समझा न सका। – स्लाइड 10
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तब पिलानेहारे ने यूसुफ का स्मरण किया। उसने फ़िरौन को समझाया, ‘जब मैं बंदीगृह में था, एक जवान इब्री ने मेरे स्वप्न का अर्थ बताया और चीज़ें वैसी ही हुई जैसी उसने कहा था। – स्लाइड 11
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तब राजा ने उसे बुलावा भेजा, और उसे तुरंत बंदीगृह से निकाला। उसके बाल बनवाने और कपड़े बदलने के बाद, उसे फ़िरौन के सामने लाया गया। – स्लाइड 12
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‘यूसुफ ने फ़िरौन से कहा, ‘मैंने स्वप्न देखे जिसका अर्थ कोई न समझा सका’। ‘मुझे बताया गया कि तुम इसका अर्थ बता सकते हो।’ – स्लाइड 13
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यूसुफ ने उत्तर दिया, ‘मैं नहीं परन्तु परमेश्वर स्वप्नों का अर्थ बता सकता है।’ – स्लाइड 14
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फ़िरौन ने यूसुफ को अपना स्वप्न बताया। ‘मैं नील नदी के किनारे खड़ा था, जब सात मोटी-मोटी गायें नदी से निकलीं और घास चरने लगीं। – स्लाइड 15
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‘तब सात बहुत पतली गायें, ऐसी कमज़ोर गायें मैंने कभी नहीं देखीं, नदी से निकलीं और मोटी गायों को खा गई। परन्तु वे पतली गायें कुछ बेहतर न दिखीं। – स्लाइड 16
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‘दूसरे स्वप्न में मैंने एक ही डंठल के, भरे और पके, बालों के सात सिरे देखे।’ – स्लाइड 17
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‘फिर पतली और झुलसी हुई बालें, भरी हुई बालों को निगल गई। मैंने अपना स्वप्न ज्योतिषियों को बताया, परन्तु कोई इसे मुझे समझा न सका।’ – स्लाइड 18
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यूसुफ ने उसे समझाया, ‘दोनों स्वप्नों का अर्थ एक ही है।’ ‘परमेश्वर ने तुझे बताया है कि वह क्या करने पर है। सात मोटी गायें सात साल हैं, और भरी हुई बालों के सात सिरे भी सात साल हैं। पूरे मिस्र में सात साल बहुतायत की उपज के होंगे।’ – स्लाइड 19
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‘सात पतली गायें और बालों के सात पतले सिर उनके बाद के सात साल हैं।’ यह सात साल भयंकर अकाल के होंगे जो पूरे देश को नाश कर देंगे। तेरे स्वपन् के दोहराने का अर्थ है कि यह बात परमेश्वर के द्वारा निश्चित ठहराई गई है और वह इसे शीघ्र पूरा करेगा। – स्लाइड 20
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‘तुझे एक बुद्धिमान व्यक्ति चुनना चाहिए और उसे देश का प्रधान नियुक्त करना चाहिए। बहुतायत के सात सालों में, उपज का पंचमांश लेना और उपज को नगर के भण्डारघर में जमा करना। अकाल के सात सालों में तुम उस इकट्ठा की हुए अनाज का उपयोग कर सकते हो ताकि लोग भूखे न मरें।’ – स्लाइड 21
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फ़िरौन और उसके अधिकारियों को यह योजना पसंद आई। फ़िरौन ने यह निष्कर्ष निकाला ‘हम यूसुफ से बुद्धिमान व्यक्ति नहीं ढूंड सकते, एक ऐसा व्यक्ति जिसमें परमेश्वर की आत्मा हो।’ – स्लाइड 22
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फ़िरौन ने अपनी ऊँगली से शाही मुद्रा से खुदी हुई अंगूठी निकाली और यूसुफ की ऊँगली में पहना दी यूसुफ को राज्य के दूसरे शक्तिशाली पुरुषों के रूप में अधिकार दिया गया। उसे एक सुंदर मलमल का वस्त्र, एक सोने की जंजीर और एक शाही रथ दिया गया। – स्लाइड 23
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फ़िरौन ने यूसुफ को एक मिस्री नाम सापनत्पानेह और एक पत्नी आसनत दी। अब यूसुफ बहुतायत के सात साल में अनाज इकट्ठा और जमा करते करते बत्तीस वर्ष का हो गया था। – स्लाइड 24
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