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दो पुत्रो का दृष्टान्त

दो बेटों और उनके क्षमाशील पिता के बारे में यीशु का दृष्टांत।
योगदानकर्ता फ्री बाइबिल इमेजेस
CC BY-SA
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लूका 15 : 11<br/>पिता और उसके दो पुत्र अपने खेतों में काम कर रहे हैं। – स्लाइड 1
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छोटा पुत्र दुखी है और घर छोड़ने की योजना बना रहा है। – स्लाइड 2
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लूका 15 : 12<br/>उसने अपने परिवार की सम्पति में से अपने भाग कि मांग की। – स्लाइड 3
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दुखी पिता ने अपने छोटे बेटे को सम्पति में से उसका भाग उसे सौंप देता है। – स्लाइड 4
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लूका 15 : 13<br/>बेटे ने घर छोड़ दिया। – स्लाइड 5
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उसका पिता छत से उसे देख रहा था, अपने बेटे को जाता देख वह उदास हुआ। – स्लाइड 6
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उसका बेटा दूर देश को चला गया। – स्लाइड 7
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उसने एक नगर में प्रवेश किया। – स्लाइड 8
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वह जल्दी ही मित्रों की उत्सुकता से आकर्षित हो गया जो धन खर्च करने में उसकी मदद करेंगे। – स्लाइड 9
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उसने अपने धन को भोग विलास में उड़ा दिया … – स्लाइड 10
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... और दावतों की जीवन शैली में जिया। – स्लाइड 11
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लूका 15 : 14<br/>उस क्षेत्र पर अकाल आ पड़ा और उसका धन समाप्त हो गया। – स्लाइड 12
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उसके नए मित्रों ने उसे छोड़ दिया। – स्लाइड 13
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वह नगर को छोड़ कर काम की तलाश करने लगा। – स्लाइड 14
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लूका 15 : 15<br/>उसे केवल सूअरों की देख रेख का काम मिला। – स्लाइड 15
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यह बहुत ही गंदे काम में से एक है एक यहूदी लड़का जो यह करने की कल्पना कर सकता है। – स्लाइड 16
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उसे इतनी भूख लगी कि उसे उन फलियों को खाने की ईच्छा होने लगी जो सूअर खाते हैं। – स्लाइड 17
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लूका 15 : 19<br/>वह उस भोजन के बारे में सोचने लगा जो उसके घर में सेवको को मिलता था – स्लाइड 18
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लूका 15 : 19<br/>वह घर की ओर चल पड़ा ताकि अपने पिता से एक सेवक के रूप में उसे स्वीकार करने के लिए वह प्रार्थना कर सके। – स्लाइड 19
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लूका 15 : 20 उसके पिता ने उसे वापस आता हुआ देख लिया और वह अपने अनाज्ञाकारी पुत्र के लिए प्रेम से भर गया – स्लाइड 20
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वह अपने पुत्र का स्वागत करने के लिए दौड़ा... – स्लाइड 21
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... और उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसे बहुत चूमा। – स्लाइड 22
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लूका 15 : 21<br/>पुत्र ने परमेश्वर और अपने पिता के विरोध में किए गए अपने पापों को स्वीकार किया। वह अब उसका पुत्र कहलाने के लायक नहीं था। – स्लाइड 23
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लूका 15 : 22<br/>उसके पिता ने सेवक से कहा कि उसके पुत्र के लिए सबसे अच्छी पोशाक, जूते और उसकी उंगली के लिए अंगूठी लाए। – स्लाइड 24
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लूका 15 : 23<br/>पला हुआ बछड़ा मारा गया और एक आनंद के साथ यह दावत शुरू हुई। – स्लाइड 25
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लूका 15 : 25<br/>इस बीच जेठा पुत्र खेतों से काम करके घर वापस लौटा और अपने किसी सेवक से पूछा कि यह नाच और गाना किस लिए है। यह सुनकर कि उसका छोटा भाई घर वापस आ गया वह क्रोधित हुआ। – स्लाइड 26
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उसका पिता बाहर आकर उस से निवेदन करने लगा कि उसके साथ वह दावत में शामिल हो। पुत्र ने शिकायत की कि यह कितना अनुचित है कि वह बिना किसी दावत के कड़ी मेहनत कर रहा है परन्तु उसके भाई जिसने रुपे लुटाए उसके लिए दावत रखी गई। – स्लाइड 27
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लूका 15 : 32<br/>उसके पिता ने उसे स्पष्ट किया कि जो कुछ उसका है वह सब कुछ उसके जेठे पुत्र का है परन्तु उन्हें आनंद करना चाहिए कि उसका खोया हुआ पुत्र मिल गया है। – स्लाइड 28
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दयालु पिता ने उसके खोए हुए पुत्र के मिल जाने का आनंद मनाया, जेठे पुत्र को निर्णय लेने के लिए छोड़ दिया कि उसे अब कैसे बर्ताव करना चाहिए। – स्लाइड 29
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