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जक्कई चुंगी लेनेवाला

जक्कई यीशु को देखने के लिए एक गूलर के पेड़ पर चढ़ जाता है।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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यीशु और उसके चेले यरूशलेम यरीहो नगर से होकर जा रहे थे। – स्लाइड 1
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यीशु लोगों की एक बड़ी भीड़ में थे, जिनमें से बहुत से लोग उन्हें देखना चाहते थे। यरीहो में एक मनुष्य रहता था, जिसका नाम जक्कई था, जो चुंगी लेनेवालों का सरदार था। वह बहुत धनवान था परन्तु कर संग्राहकों की बदनामी भ्रष्टाचार के द्वारा धन बटोरने के लिए होती थी। – स्लाइड 2
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वह यीशु को देखने के लिए बेताब था, परन्तु भीड़ के कारण देख न सकता था क्योंकि वह नाटा था। – स्लाइड 3
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सो वह आगे दौड़ा और एक गूलर के पेड़ पर चढ़ गया, ताकि जब यीशु आए तो उसे देख सके। – स्लाइड 4
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जब यीशु पेड़ के पास गया, तो उसने ऊपर देखा और कहा, 'ज़क्कई, जल्दी नीचे उतरो। आज मैं तुम्हारे घर में आऊंगा।' – स्लाइड 5
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जक्कई खुश हुआ। यीशु जैसे शिक्षक आमतौर पर चुंगी लेनेवालों से बचते थे क्योंकि उनकी प्रतिष्ठा बहुत खराब थी। उसने अपने घर में यीशु का गर्मजोशी से स्वागत किया। परन्तु लोग कुड़कुड़ाकर कहने लगे, 'यह मनुष्य पापी के घर मेहमान बनकर गया है!' – स्लाइड 6
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जक्कई ने खड़े होकर यीशु से कहा, 'सुन, मैं अपनी आधी संपत्ति कंगालों को दूंगा, और यदि मैंने किसी का विश्वासघात किया है, तो चौगुना भर दूंगा।' – स्लाइड 7
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यीशु ने उससे कहा, 'आज इस घर में एक व्यक्ति का उद्धार हुआ है। यह आदमी यहूदी भी है। मैं खोए हुओं को ढूंढ़ने और उनका उद्धार करने आया हूं। – स्लाइड 8
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