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मिस्र की दस विपत्तियाँ

जब फिरौन परमेश्वर के आज्ञा को मानने से इंकार करता है, तो परमेश्वर मिस्रियों पर विपत्तियां भेजता है।
योगदानकर्ता एज ग्रुप - लायन हडसन
CC BY-NC-ND
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परमेश्वर ने मूसा से कहा कि वह फिरौन के पास यह संदेश लेकर जाए कि इब्रानी दासों को जाने दिया जाए ताकि वे जंगल में परमेश्वर की उपासना कर सकें। – स्लाइड 1
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परन्तु फिरौन ने इब्री दासों को जाने देने से इन्कार कर दिया। तब परमेश्वर ने कहा कि वह मिस्र पर विपत्तियां भेजेगा। परमेश्वर ने मूसा और हारून से कहा कि वे नील नदी की ओर जाएं, जहां फिरौन भोर को गया था। – स्लाइड 2
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हारून ने  लाठी को नील नदी के जल पर मारा। और नदी का सब जल लोहू बन गया। और नील नदी में जो मछलियां थीं वे मर गई; और नदी से दुर्गन्ध आने लगी, और मिस्री लोग नदी का पानी न पी सके। तब मिस्र के जादूगरों ने भी अपने तंत्र-मंत्रो से वैसा ही किया; फिरौन ने परमेश्वर की आज्ञा मानने से इंकार कर दिया और मुड़कर महल में वापस चला गया। – स्लाइड 3
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सात दिन बाद, यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी, कि हारून से कह दे, कि नदियों, नहरों, और झीलों के ऊपर लाठी के साथ अपना हाथ बढ़ाकर मेंढकों को मिस्र देश पर चढ़ा ले आए। तक फिरौन ने मूसा और हारून को बुलवाकर कहा, यहोवा से बिनती करो कि वह मेंढ़कों को मुझ से और मेरी प्रजा से दूर करे; और मैं इस्राएली लोगों को जाने दूंगा जिस से वे यहोवा के लिये बलिदान करें। जब मूसा ने प्रार्थना की, तो मेंढक मर गए। परन्तु फ़िरौन ने इब्रानी दासों को जाने देने की प्रतिज्ञा को पूरी नहीं की। – स्लाइड 4
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फिर यहोवा ने मूसा से कहा, हारून को आज्ञा दे, कि तू अपनी लाठी बढ़ाकर भूमि की धूल पर मार, जिस से वह मिस्र देश भर में मच्छर बन जाएं। हर जगह लोगों और जानवरों पर मच्छरों का झुंड उमड़ पड़ा। फिरौन का मन अभी भी कठोर था और उसने इब्रियों को जाने और परमेश्वर की आराधना करने से मना किया। – स्लाइड 5
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इसके बाद, मिस्रियों के चारों ओर डांसों के झुंड के झुंड भर गए, लेकिन गोशेन में रहने वाले हिब्रू दासो के वहां कुछ नहीं हुआ। फिरौन ने मूसा से विनती की कि वह इस विपत्ति को रोकने के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करे। मूसा ने प्रार्थना की और डांसों के झुण्ड चले गए, लेकिन फिरौन अपने वादे से मुकर गया और दासों को मुक्त करने से इनकार कर दिया। – स्लाइड 6
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फिर मूसा फिरोन के पास गया, कि इब्रियों का परमेश्वर यहोवा तुझ से इस प्रकार कहता है, कि मेरी प्रजा के लोगों को जाने दे, कि मेरी उपासना करें और यदि तू उन्हें जाने न दे और अब भी पकड़े रहे, तो सुन, तेरे जो घोड़े, गदहे, ऊंट, गाय-बैल, भेड़-बकरी आदि पशु मैदान में हैं, उन पर यहोवा का हाथ ऐसा पड़ेगा कि बहुत भारी मरी होगी। परन्तु दासों के पशुओं को बख्शा किया जाएगा।’ और वही हुआ। लेकिन फिरौन ने फिर भी दासों को रिहा करने से इनकार कर दिया। – स्लाइड 7
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फिर मूसा ने भट्टी में से एक मुट्ठी राख लिया, और मूसा उसे फिरौन के साम्हने आकाश की ओर उड़ा दिया। यहोवा ने कहा, तब वह सूक्ष्म धूल हो कर सारे मिस्र देश में मनुष्यों और पशुओं दोनों पर फफोले और फोड़े बन जाएगी। और उन फोड़ों के कारण जादूगर मूसा के साम्हने खड़े न रह सके, क्योंकि वे फोड़े जैसे सब मिस्रियों के वैसे ही जादूगरों के भी निकले थे। लेकिन फिरौन ने फिर भी परमेश्वर के लोगों को जाने से इनकार कर दिया। – स्लाइड 8
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इसके बाद यहोवा ने एक भयंकर ओलावृष्टि भेजी। आसमान में बिजली गिरी और बड़े-बड़े ओले भी गिरे। जो भी लोग बाहर थे, वे सब मर गए। लेकिन गोशेन में रहने वाले दासों इब्रानियों में से कोई भी नहीं मरा। फिरौन ने मूसा से कहा – ‘मैंने पाप किया है, यहोवा सही है। ‘मैं तुम्हें जाने दूंगा।’ लेकिन जब परमेश्वर ने तूफान को रोका तो फिरौन ने अपना विचार बदल दिया। – स्लाइड 9
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इसलिए मूसा ने अपनी लाठी को मिस्र के ऊपर उठाया। पूरी रात एक पूर्वी हवा चली और टिड्डियों के झुंड से देश भर गया। उन्होंने जमीन को ढँक दिया, जिससे वह काली दिख रही थी और खेतों में उगने वाली हर चीज को तब तक खा गए जब तक कि पौधे या पेड़ पर कुछ भी हरा नहीं रह गया। फिरौन ने मूसा से प्रार्थना करने और प्लेग को रोकने के लिए विनती की और फिर वह दासों को मुक्त कर देगा। मूसा ने प्रार्थना की और हवा ने टिड्डियों को लाल सागर में उड़ाते हुए दिशा बदल दी। लेकिन एक बार फिर फ़िरौन ने अपना मन बदल लिया। – स्लाइड 10
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मूसा ने अपना हाथ आकाश की ओर बढ़ाया और तीन दिन तक मिस्र देश के ऊपर अन्धकार छा गया। केवल गोशेन में जहाँ इब्रानी दास रहते थे वहाँ प्रकाश था। तब फिरौन ने मूसा को बुलवाकर कहा, तुम लोग जाओ, यहोवा की उपासना करो; अपने बालकों को भी संग ले जाओ; केवल अपनी भेड़-बकरी और गाय-बैल को छोड़ जाओ। मूसा ने कहा, तुझ को हमारे हाथ मेलबलि और होमबलि के पशु भी देने पड़ेंगे, जिन्हें हम अपने परमेश्वर यहोवा के लिये चढ़ाएं। तब फिरौन ने उससे कहा, मेरे साम्हने से चला जा; और मुझे अपना मुख फिर न दिखाना; क्योंकि जिस दिन तू मुझे मुंह दिखलाए उसी दिन तू मारा जाएगा। – स्लाइड 11
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मूसा ने कहा, कि तू ने ठीक कहा है; मैं तेरे मुंह को फिर कभी न देखूंगा। लेकिन यहोवा के पास भेजने के लिए एक और विपत्ति थी। आधी रात के लगभग हर एक परिवार और पशु का पहलौठा मर जाएगा, और परमेश्वर के लोगों को छोड़ हर जगह रोना और विलाप करना होगा।' – स्लाइड 12
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मूसा ने इब्रानी दासों से कहा कि वे एक मेमने की बलि चढ़ाएँ और कुछ लहू अपने घरों की चौखट के चारों ओर लगाएं। आधी रात को, मिस्र के परिवार का पहला पुत्र मारा गया, लेकिन सभी घरों जहा पर दरवाजे के चौखट के चारों ओर खून से लथपथ थे बच गए। फिरौन ने मूसा को बुलाया और कहा, तुम इस्राएलियों समेत मेरी प्रजा के बीच से निकल जाओ; और अपने कहने के अनुसार जा कर यहोवा की उपासना करो। अपने कहने के अनुसार अपनी भेड़-बकरियों और गाय-बैलों को साथ ले जाओ; और मुझे आशीर्वाद दे जाओ।<br/>मूसा ने इब्रानी दासों से कहा कि वे एक मेमने की बलि चढ़ाएँ और कुछ लहू अपने घरों की चौखट के चारों ओर लगाएं। आधी रात को, मिस्र के प्रत्येक परिवार का पहला पुत्र मारा गया, लेकिन सभी घरों में दरवाजे के चौखट के चारों ओर खून से लथपथ थे बच गए। फिरौन ने मूसा को बुलाया और कहा, 'मेरे लोगों को छोड़ दो और जाकर यहोवा परमेश्वर की उपासना करो। अपने परिवार और जानवरों को अपने साथ ले जाएं। और मुझे आशीर्वाद दें।' – स्लाइड 13
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हालाँकि, दासों के चले जाने के बाद, फिरौन ने अपना विचार बदल दिया। वह अपने रथ पर चढ़ गया, और भागे हुए इब्रियों का पीछा करने के लिए अपने सभी सैनिकों और 600 रथों को इकट्ठा किया। उसने उन्हें लाल समुद्र के सामने घेर लिया। – स्लाइड 14
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परन्तु परमेश्वर ने लाल समुद्र के बीच से होकर अपने लोगों के लिए उस पार जाने का मार्ग खोल दिया। फिरौन ने अपने सैनिकों और रथों को आदेश दिया कि वे समुद्र के रास्ते का पीछा करें, जिसके दोनों ओर पानी की दीवारें बन गई थी। – स्लाइड 15
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दूसरी ओर इब्री दासों को सुरक्षित रखते हुए परमेश्वर ने मूसा से कहा कि वह अपने हाथ समुद्र के ऊपर उठा ले। भोर में पानी की दीवारें ढह गईं और सूखा रास्ता गायब हो गया। फिरौन की सारी सेना नष्ट हो गई। कोई नहीं बचा। मूसा और किनारे खड़े लोग जानते थे कि परमेश्वर ने उन्हें वैसे ही छुड़ाया है जैसा उसने वादा किया था और उस पर भरोसा किया। – स्लाइड 16
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