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महासभा के सामने यीशु

महायाजक और महासभा ने यीशु पर झूठा आरोप लगाया।
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हन्ना के द्वारा पूछताछ के बाद, यीशु को कैफा नामक महायाजक और यहूदी अगुवों (महासभा) जो उस रात इक्कठा हुई उनके सामने पेश किया। – स्लाइड 1
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यीशु पर दोष लगाने के लिए झूठे गवाहों को लाया गया। एक ने कहा, ‘इस मनुष्य ने कहा था कि वह परमेश्वर के मंदिर को गिरा सकता है और तीन दिनों में बना सकता है।’ – स्लाइड 2
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यीशु चुप रहा। – स्लाइड 3
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महायाजक कैफा ने हस्तक्षेप किया। ‘मैं तुझे जीवते परमेश्वर की शपथ देता हूँ, अगर तू परमेश्वर का पुत्र, मसीह है, तो हमें बता।’ – स्लाइड 4
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यीशु ने उत्तर दिया, ‘तू ने आप ही कह दिया: अब से तुम मनुष्य के पुत्र को परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठे और आकाश में बादलों पर आता हुआ देखोगे। <br/> ‘ – स्लाइड 5
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इस पर महायाजक अपने कपड़े फाड़ कर बोला, ‘उसने परमेश्वरकी निंदा की है।’ ‘क्या हमें और गवाहों की ज़रूरत है? तुम ने यह निंदा सुनी है। तुम क्या सोचते हो?’ – स्लाइड 6
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‘वह मृत्यु के योग्य है,’ उन्होंने उत्तर दिया। फिर उन्होंने यीशु के मुँह पर थूका और उसे घूँसे मारे। उन्होंने उसकी आँखों पर पट्टी बांधी और फिर उसे थप्पड़ मार कर कहा, ‘मसीह हम को भविष्यवाणी करके बता कि तुझे किसने मारा?’ – स्लाइड 7
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सवेरे, यीशु को रोमी शासक पिलातुस के सामने पेश करने के लिए ले जाया गया। – स्लाइड 8
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