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शमुएल का शाऊल को राजा बनने के लिए अभिषेक करना

शाऊल इस्राएल का पहला राजा बना।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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शमुएल ने परमेश्वर यहोवा की व्यवस्था के अनुसार इस्राएल के लोगों की अगुवाई की और उन्हें सलाहें दी। वह प्रत्येक कार्य से पहले यहोवा से पूछा करता था। जब वह बूढ़ा हो गया तो उसने अपने स्थान पर अपने पुत्र योएल और अबिय्याह को नये अगुवों के रूप में नियुक्त कर दिया। – स्लाइड 1
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योएल और अबिय्याह ने यहोवा परमेश्वर की व्यवस्था मानने के बजाए बेईमानी की और घूस ली। लोग इस अधार्मिकता की शिकायत करने लगे। इसलिए इस्राएल के पुरनिये रामा में शमुएल से मिलने को एकत्र हुए। – स्लाइड 2
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उन्होंने शमुएल से कहा, तू बूढ़ा हो चुका है, और तेरे पुत्र तेरी राह पर नहीं चलते। इसलिए हमे अन्य राष्ट्रों की तरह एक राजा दे। यह सुनकर शमुएल को अच्छा नही लगा परंतु उसने यहोवा परमेश्वर से विनती की, यहोवा परमेश्वर ने उससे कहा, ‘उन्होंने तेरा नहीं वरन उनके राजा के रूप में मेरा तिरस्कार किया है।’ शमुएल ने उन्हें राजा के चुनने के बाद होने वाले परिणामों के बारें में चिताया। – स्लाइड 3
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उसने लोगों से कहा, ‘राजा तुम्हारे पुत्रों को लेकर अपनी सेना में भर्ती करेगा, अन्य उसके खेतों में और अन्य स्थानों पर कारीगर का काम करेंगे। तुम्हारी पुत्रियाँ उसके महल में दासियों की तरह कार्य करेंगी वे उसके लिए सुगंध द्रव्य और रसोई और रोटी पकाने का काम करेंगी। राजा तुम्हारी सारी उपज का दशवांश लेगा और तुम उसके दास बन जाओगे। ‘जब तुम सहायता के लिए यहोवा परमेश्वर की दुहाई दोगे तो वह तुम्हें नहीं छुड़ाएगा। लोगों ने शमुएल की बात सुनने से मना कर दिया और कहने लगे, ‘हमे अन्य राष्ट्रों की तरह एक राजा दे जो युद्ध में हमारी अगुवाई करे।’ – स्लाइड 4
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शमुएल ने लोगों की बात यहोवा परमेश्वर को बताई। यहोवा परमेश्वर ने उत्तर दिया, लोगों की सुन और उन्हें एक राजा दे। – स्लाइड 5
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इसलिए शमुएल ने इस्राएलियों से कहा, ‘सभी अपने नगरों को चले जाओ।’ – स्लाइड 6
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बिन्यामीन के गोत्र में कीश नाम का एक पुरुष था, उसके पुत्र का नाम शाऊल था। शाऊल एक रूपवान युवक था वह उसके परिवार में सबसे लम्बा था। एक दिन कीश के गधे खो गये तो उसने शाऊल से कहा जा एक सेवक को लेकर जा और पहाड़ी देश में खोये हुए गधों को ढूंढना। – स्लाइड 7
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शाऊल और उसके सेवक ने गधों को बहुत ढूँढा परन्तु वे उन्हें नहीं मिले। शाऊल अपने घर वापस लौटने लगा तो उसके सेवक ने उसे एक सुझाव देकर कहा, इस नगर में यहोवा परमेश्वर का एक पवित्र और आदरणीय जन रहता है संभव है कि वह हमारा मार्गदर्शन कर सके। – स्लाइड 8
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वे नगर में जाकर शमुएल से मिले। वह उस ऊँचे स्थान की ओर जा रहा था जहाँ पर वह यहोवा परमेश्वर की आराधना किया करता था। – स्लाइड 9
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यहोवा परमेश्वर ने शमुएल को एक दिन पहले ही बता रखा था कि, कल इसी समय मैं तेरे पास बिन्यामीन के देश से एक पुरुष को भेजूंगा तू उसको मेरी प्रजा का राजा होने के लिए अभिषेक करना। वह उन्हें पलिश्तियों के हाथों से छुड़ाएगा। – स्लाइड 10
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शाऊल ने शमुएल से पूछा, ‘क्या आप मुझे बता सकते हैं की भविष्यवक्ता का घर कहाँ पर है?’ शमुएल ने उसको उत्तर दिया, ‘मैं ही भविष्यवक्ता हूँ।’ आ मेरे साथ ऊँचे स्थान पर चलकर भोजन कर तू कल अपने पिता के घर वापस लौट जाना। तेरे पिता के गधे मिल चुकें हैं इसलिए उनकी चिंता मत कर, जो कुछ इस्राएल में हैं क्या वह तेरा और तेरे पिता के घराने का नहीं! इसपर शाऊल ने उससे कहा, ‘लेकिन मैं तो सबसे छोटे कुल से हूँ और मेरा घराना भी महत्वपूर्ण नही है। – स्लाइड 11
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शमुएल ने शाऊल और अन्य 30 मेहमानों को भोजन के लिए आमंत्रित किया और बाद में उसके साथ अपने घर की छत पर बातें करने लगा। – स्लाइड 12
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अगली सुबह को जब शाऊल और उसका सेवक जाने के लिए तैयार हुए तो शमुएल ने शाऊल के सेवक को उसके आगे भेजा ताकि वह यहोवा परमेश्वर का संदेश शाऊल को सुना सके। – स्लाइड 13
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जब वे अकेले थे तो, शमुएल ने एक जैतून के तेल की कुप्पी शाऊल के सिर पर उंडेल दी। शमूएल ने उससे कहा, ‘क्या यहोवा परमेश्वर ने तुझे उसकी भूमि का अधिकारी होने के लिए नहीं चुना?’ उसने शाऊल को तीन बातें बताई जो उसके साथ होनी थी। – स्लाइड 14
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ताबोर मे बांजवृक्ष के पास वह बेथेल को जा रहे तीन लोगों से मिलेगा जो उसे दो रोटी के टुकड़े देंगे और गीबा मे वह यहोवा की आराधना कर रहे नबियों के एक झुण्ड से मिलेगा और यहोवा का आत्मा शाऊल पर सामर्थ से उतरेगा और वह उनके साथ भविष्यवाणी करेगा। और सेल्सह मे उसे एक मनुष्य के द्वारा पता चलेगा कि उसके पिता के गधे मिल चुके हैं। – स्लाइड 15
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और सभी बातें उसी प्रकार घटी जैसा शमुएल ने कहा था, और जब शाऊल गीबा पहुंचा एक नबियों की टोली उसे मिली और यहोवा का आत्मा उस पर सामर्थ के साथ उतरा और उसने उनके साथ मिलकर भविष्यवाणी करने लगा, लोग पूछने आपस में लगे कि कीश के पुत्र को ये क्या हो गया है, क्या वह भी अब एक भविष्यवक्ता है? – स्लाइड 16
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शमुएल ने सभी इस्राएली लोगों को एक साथ बुलवाया और चिट्ठी डालने के बाद बिन्यामीन का गोत्र चुना गया, और उसके बाद शाऊल का कुल चुना गया और उसके बाद खुद शाऊल चुना गया लोगों ने यहोवा से पूछा कि वह कहाँ है और यहोवा ने उत्तर दिया कि वह भंडार वस्तुओं के बीच में छिपा हुआ है। – स्लाइड 17
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वे दौडकर उसे बाहर ले आए, वह कड़ में उन सभी से लम्बा था। शमुएल ने घोषणा करके कहा, क्या तुम इस पुरुष को देख रहे हो जिसे यहोवा परमेश्वर ने चुना है? इसके समान कोई नहीं है, इसके बाद लोग चिल्लाए ‘राजा चिरंजीवी रहे! शमुएल ने लोगों को राजा के प्रति उनके कर्तव्य समझाए और उन्हें एक पत्र पर भी लिख दिया। इसके बाद सभी अपने घरों को लौट गये परंतु हर कोई आनन्दित नहीं था। कुछ लोग बुदबुदाये. ‘यह मनुष्य किस प्रकार हमारी सहायता कर सकता है? उन्होंने शाऊल को तुच्छ जाना और उसके लिए कोई उपहार नहीं लाए। – स्लाइड 18
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