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राजा शाऊल का अमालेकियों पर आक्रमण

राजा शाऊल, अमालेकियों और एक आज्ञा का उल्लंघन।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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जब शाऊल राजा बना तब वह 30 साल का था। उसने पलिश्तियों के विरूद्ध सेना को इकट्ठा किया। हरेक मजबूत और साहसी व्यक्ति को उसके योद्धाओं में मिला लिया जाता था। – स्लाइड 1
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शमूएल यहोवा कि ओर से एक संदेश लेकर शाऊल के पास आया। उसने कहा कि यहोवा अमालेकियों को दंड देना चाहता है क्योंकि जब मूसा इस्राएलियों को जंगल में से होकर ले जा रहा था तब अमालेकियों ने इस्राएलियों पर आक्रमण किया था और कुछ को मार डाला था। तू उन पर आक्रमण कर और उन्हें नष्ट कर, तू उनके जानवरों को भी नष्ट कर डालना कोई भी जीवित न रहने पाए। – स्लाइड 2
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शाऊल ने अपने 200,000 से ज्यादा लोगों को तेलैम में बुलवाया। – स्लाइड 3
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और वे दक्षिण में अमालेकियों कि सीमा के ओर चल पड़े। और मार्ग में उन्होंने आसपास रहने वाले केनियों को चिताया कि वे युद्ध से दूर रहें तो उनके जीवन बख्श दिए जायेंगे। इस्राएली जब मिस्र से बाहर निकले तब केनियों ने उनसे कृपा भरा व्यवहार किया था। – स्लाइड 4
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राजा शाऊल और उसकी सेना अमालेकियों के विरूद्ध एक दर्रे में घात लगाकर बैठ गए। – स्लाइड 5
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और जैसा कि यहोवा ने आज्ञा दी थी इस्राएलियों ने अमालेकियों पर आक्रमण कर दिया। – स्लाइड 6
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और जैसे ही अमालेकी भागने लगे शाऊल की सेना ने उनका मिस्र की सीमा तक पीछा किया और सभी को मार डाला। – स्लाइड 7
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उन्होंने अमालेकियों के राजा अगाग को पकड़ लिया। परन्तु यहोवा कि आज्ञा मानने के बजाए शाऊल ने अगाग का जीवित रखा और उसे कैदी बना लिया । – स्लाइड 8
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उन्होंने सारे कमजोर जानवरों को मार डाला लेकिन अच्छे और बेहतर भेड़ और मवेशी अपने पास रखकर यहोवा कि आज्ञा का उल्लंघन किया। उन्होंने कुछ को लूट समझकर और कुछ को यहोवा के लिए बलि चढ़ाने के लिए रखने का निर्णय किया । – स्लाइड 9
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यहोवा ने शमूएल से कहा मुझे शाऊल को राजा बनाने पर खेद है क्योंकि वह मेरी ओर से फिर गया है और उसने मेरे निर्देशों को नहीं माना। – स्लाइड 10
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शमूएल क्रोधित हुआ और सारी रात यहोवा से विनती करता रहा। – स्लाइड 11
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सुबह के शुरू होते ही शमूएल शाऊल से मिलने के लिए निकल पड़ा। उसे बताया गया कि शाऊल अपने आदर के लिए कर्मेल में स्मारक बनाने के लिए गया और फिर वहाँ से वह गिलगाल को चला गया। – स्लाइड 12
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और जब शमूएल ने राजा शाऊल को ढूँढ लिया तो राजा ने उससे कहा, कि मैंने यहोवा के सारे निर्देशों का पालन किया है।  शमूएल ने उत्तर दिया ‘फिर क्यों मेरे कानों में भेड़ के मिमियाने कि आवाज़ आ रही है? और ये मवेशियों के बोलने का शब्द जो मैं सुन रहा हूँ क्या है? – स्लाइड 13
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शाऊल समझाने लगा कि ये पशु अमालेकियों से लूटे गए हैं परन्तु उन में से उत्तम यहोवा को बलि चढ़ाने के लिए हैं।  शमुएल ने उत्तर दिया, यहोवा ने तुझे दुष्ट अमालेकियों को नष्ट करने के लिए भेजा था तुने क्यों आज्ञा उल्लंघन किया और लूटमारी की? – स्लाइड 14
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शाऊल ने विरोध करते हुए कहा कि मैंने आज्ञा का पालन किया है? मैंने सम्पूर्ण रीति से अमालेकियों को नष्ट कर दिया और उनके राजा अगाग को बंदी बनाकर ले आया । सैनिकों ने उत्तम भेडें और मवेशी ले लिए लेकिन इनमे से सर्वोत्तम यहोवा के बलिदान के लिए है। – स्लाइड 15
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शमूएल ने उत्तर दिया क्या यहोवा आज्ञा के माने जाने से ज्यादा बलिदानों के चढ़ाने से प्रसन्न होता है? बलिदान से उत्तम आज्ञा का माना जाना है। तूने उसके विरूद्ध जाकर जो कि तुझसे कहा गया था जादू-टोने और झूठे देवताओं कि आराधना करने जैसा पाप किया है। तू यहोवा के वचन से पलट गया इसलिए यहोवा भी तुझे राजा बनाये रखने से पलट गया है। शाऊल ने अपना पाप मान लिया, और कहा कि मैं भयभीत हो गया था इसलिए मैने लोगों की सुनी। – स्लाइड 16
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और जैसे ही शमूएल जाने के लिए मुड़ा और शाऊल ने हाथ बढाकर शमुएल का बागा पकड़ लिया और वह फट गया। इस पर शमूएल ने उससे कहा ‘आज यहोवा ने तुझसे इस्राएल का राज्य लेकर तुझसे अधिक योग्य व्यक्ति को दे दिया है’ इसके बाद शमूएल ने खुद ही अमालेकियों के राजा अगाग को घात कर दिया । – स्लाइड 17
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शमूएल अपने घर वापस लौट आया और फिर कभी शाऊल से मिलने नही गया । – स्लाइड 18
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