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राजा अबिय्याह का यारोबाम के विरुद्ध युद्ध

यद्यपि यारोबाम की सेना संख्या में अधिक थी, राजा अबिय्याह जीत के लिए परमेश्वर पर भरोसा करता है।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
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जब रहूबियाम राजा बना, तब यारोबाम ने उसके विरुद्ध विद्रोह किया। परिणामस्वरूप राष्ट्र दो राज्यों में विभाजित हो गया। उत्तर में यारोबाम के नेतृत्व में इस्राएल में दस गोत्र थे, और दक्षिण में दो गोत्र थे, जो यहूदा कहलाया, जो रहूबियाम द्वारा शासित था। – स्लाइड 1
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राष्ट्र के विभाजन के 18 वर्ष बाद राजा रहूबियाम की मृत्यु हो गई और उसके पुत्र अबिय्याह को राजा बनाया गया। वह यरूशलेम से शासन करता था, जहां परमेश्वर का मंदिर बनाया गया था और परमेश्वर के याजक सेवा करने के लिए आते थे। – स्लाइड 2
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यारोबाम उत्तर में शासन करता था और इस्राएल में लोगों को यहूदा में मंदिर में आराधना करने के लिए लौटने से रोकने के लिए उनके लिए नए आराधना के स्थान बनाए थे। एक बेतेल में था और दूसरा दान में। – स्लाइड 3
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यारोबाम ने लोगों को आराधना  करने के लिए बेतेल और दान में सोने के बैलों की मूरतें रखी थीं, जिन्हें परमेश्वर ने मना किया था। उसने उन लोगों को भी जो लेवी के गोत्र से नहीं थे, याजकों के रूप में सेवा करने और झूठी उपासना की अगुवाई करने की अनुमति दी। – स्लाइड 4
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जब यारोबाम को पता चला कि अबिय्याह ने राजा के रूप में पदभार संभाल लिया है, तो उसने 800,000 योद्धाओं की एक सेना इकट्ठी की। – स्लाइड 5
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अबिय्याह अपनी सेना में उस संख्या का आधा ही इकट्ठा कर सका - 400,000 लड़ाके। – स्लाइड 6
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अबिय्याह ने अपनी सीमा की रक्षा के लिए उत्तर की ओर अपनी सेना का नेतृत्व किया। – स्लाइड 7
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वह और उसके लोग समारैम पर्वत पर खड़े हुए l जहां से राजा यारोबाम की शक्तिशाली और सामर्थी सेना को देख सखते थे l – स्लाइड 8
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हालाँकि अबिय्याह एक ऐसा व्यक्ति था जिसने अतीत में परमेश्वर पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया था, परन्तु जब उसे लड़ाई का सामना करना पड़ा तो उसने मदद के लिए परमेश्वर की ओर रुख किया। उसने राजा यारोबाम और उसकी शक्तिशाली सेना को सम्बोधित किया, जो उसके सामने इकट्ठी हुई थी। वह चिल्लाया हे यारोबाम, हे सब इस्राएलियो, मेरी सुनो। – स्लाइड 9
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‘क्या तुम को नहीं जानना चाहिए, कि इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने वाचा बान्ध कर दाऊद को और उसके वंश को इस्राएल का राज्य सदा के लिये दे दिया है। तौभी यारोबाम जो राजा दाऊद का वंशज नहीं है, अपने बदमाशों के साथ मिलकर बलवा किया और राज्य पर अधिकार कर लिया है। तुम वास्तव में एक शक्तिशाली सेना हो l तुम्हारे पास वे सोने के बछड़े भी हैं जिन्हें यारोबाम ने तुम्हारे देवता होने के लिये बनवाया।’ – स्लाइड 10
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‘क्या तुमने परमेश्वर के याजकों को लेवी के गोत्र में से निकाल कर अपने याजक नहीं बनाए? जो कोई एक बछड़ा और सात मेढ़े चढ़ाए, वह तेरे राज्य में याजक हो सकता है।’ – स्लाइड 11
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‘जहाँ तक यहूदा के लोगों का प्रश्न है, यहोवा हमारा परमेश्वर है, और हम ने उस से मुंह नहीं मोड़ा है। और वे नित्य सुबह और शाम को यहोवा के लिये होमबलि और सुगन्धद्रव्य का धूप जलाते हैं, सोने की दीवट और उसके दीपक हर शाम को जलाते हैं l’ – स्लाइड 12
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‘हम तो अपने परमेश्वर यहोवा की आराधना  कर रहे हैं जैसा उन्होंने हमें करने के लिए कहा था, लेकिन तुम नहीं कर रहे हो l हमारे संग हमारा प्रधान परमेश्वर है, और उसके याजक तुम्हारे विरुद्ध सांस बान्धकर फूंकने को तुरहियां लिये हुए भी हमारे साथ हैं। हे इस्राएलियो अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा से मत लड़ो, क्योंकि तुम कृतार्थ न होगे।’ – स्लाइड 13
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यारोबाम ने चालाकी से अपने कुछ सैनिकों को यहूदा की सेना के पीछे घात लगाने के लिए भेजा l राजा अबिय्याह और उसके सैनिक न केवल संख्या मे कम थे बल्कि फंस गए थे। वे आगे और पीछे से हमला करने वाले थे। – स्लाइड 14
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यहूदा की सेना ने सहायता के लिए यहोवा की दोहाई दी। – स्लाइड 15
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याजकों ने तुरही फूंकी और सिपाहियों ने युद्ध की बिगुल बजाई – स्लाइड 16
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युद्ध के शुरू होने पर, परमेश्वर ने इस्राएलियो को यहूदा के हाथ में कर दिया और यारोबाम और उसकी सेना यहूदा के साम्हने से भागे, और पांच लाख छंटे हुए पुरुष मारे गए। – स्लाइड 17
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यहूदी इस कारण प्रबल हुए क्योंकि उन्होंने अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा पर भरोसा रखा था। – स्लाइड 18
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तब अबिय्याह और उसकी सेना ने यारोबाम का पीछा कर के उस से बेतेल, यशाना और एप्रोन नगरों और उनके गांवों को ले लिया। <br/>और अबिय्याह के जीवन भर यारोबाम फिर सामथीं न हुआ l – स्लाइड 19
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अबिय्याह और भी सामथीं हो गया और तीन साल और शासन करके मर गया और उसका पुत्र आसा राजा बना। – स्लाइड 20
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