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योनातान और दाऊद की मित्रता की वाचा

वफादारी और दोस्ती का वादा।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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परमेश्वर द्वारा राजा के रूप में त्याग दिए जाने के बाद, परमेश्वर का आत्मा शाऊल को छोडकर चला गया और कई बार शाऊल को एक दुष्टात्मा तंग करता था उसके सेवकों ने उसे एक जवान संगीतकार दाऊद को बुलाने का सुझाव दिया ताकि वह आकर सारंगी बजाए जिससे राजा को आराम मिले। – स्लाइड 1
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जब भी दुष्टात्मा शाऊल को तंग करता दाऊद अपनी सारंगी बजाता और दुष्टात्मा शाऊल को छोडकर चला जाता। – स्लाइड 2
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दाऊद के गोलियत को मारने के बाद वह एक नायक की तरह लौटा, जिससे राजा शाऊल को बहुत क्रोध आया और वह दाऊद से ईर्ष्या करने लगा। – स्लाइड 3
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और अगले दिन जब दाऊद सारंगी बजा रहा था, तो शाऊल ने अपना भाला ये कहकर दाऊद की ओर फेंका की मैं तुझे दीवार में चिपका दूंगा परंतु दाऊद दो बार बच निकला । – स्लाइड 4
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शाऊल ने दाऊद को युद्ध में मरवा डालने की योजना से उसे एक हजार लोगों के ऊपर प्रधान ठहराया, परंतु परमेश्वर दाऊद के साथ था और वह युद्ध में विजयी होता रहा जिससे वह और भी प्रसिद्ध हो गया। – स्लाइड 5
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और अब शाऊल की पुत्री मीकल दाऊद से प्रेम करती थी, और जब उन्होंने ये बात शाऊल को बताई तो वह खुश हुआ। – स्लाइड 6
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शाऊल ने दाऊद से कहा कि यदि वह 200 पलिश्तियों को मार डाले तो वह मीकल का विवाह उससे कर देगा। दाऊद ने कभी भी राजा का दामाद बनने के बारे में नही सोचा था परंतु उसने चुनौती को स्वीकार किया। दाऊद पलिश्तियों के हाथो नहीं मारा गया जैसा कि शाऊल आशा कर रहा था, परन्तु वह विजयी होकर लौट आया और मीकल को अपनी पत्नी के रूप में ले लिया। शाऊल दाऊद से डरने लगा क्योंकि वह जानता था कि परमेश्वर उसके साथ था। – स्लाइड 7
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राजा शाऊल का बेटा योनातान और दाऊद पक्के मित्र बन गए और उसने अपना अंगरखा ,धनुष और कमरबंध दाऊद को दे दिया। उन्होंने आपस में सदा मित्र बने रहने कि वाचा बांधी। शाऊल ने योनातान को दाऊद को मार डालने कि आज्ञा दी पर योनातान ने अपनी वाचा याद रखते हुए दाऊद को चिता दिया कि उसका जीवन खतरे में है। इसके बाद उसने शाऊल के आगे दाऊद के बारे में अच्छी बातें की, और शाऊल से दाऊद की हत्या करने का वचन लिया। – स्लाइड 8
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पलिश्तियों के विरूद्ध एक और जीत के बाद दाऊद राजा शाऊल के लिए सारंगी बजा रहा था और शाऊल को दुष्टात्मा ने तंग किया और उसने अपना भाला दाऊद की ओर फेंका दाऊद सामने से हट गया और भाला दीवार में जाकर लगा और दाऊद अपने घर की ओर भाग गया । – स्लाइड 9
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शाऊल ने दाऊद के घर पर पर लोग भेजे ताकि वे उस पर नजर रखें और सुबह उसे मार डालें। – स्लाइड 10
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दाऊद की पत्नी मीकल ने उसे चेतावनी दी, यदि आज रात तू नही भागा, तो कल तक तुझे मार दिया जाएगा। उसने उसे खिड़की से नीचे उतार दिया ताकि वो वहाँ से भाग सके। मीकल ने एक मूर्ति लेकर उसे बिस्तर पर रख दिया और उसे कपडों से ढांप दिया और उसके सिर की जगह उसने बकरी के बाल रख दिए। – स्लाइड 11
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और अगली सुबह जब सैनिक पहुंचे तो मीकल ने दाऊद के बीमार होने का नाटक किया जब शाऊल ने दाऊद को अपने पास लाने का हुक्म दिया तो उन्हें पता लगा कि जो आकृति बिस्तर में थी वास्तव में वह एक मूर्ती थी – स्लाइड 12
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दाऊद रामाह को भाग गया और शमूएल के पास जाकर उसने वह सब कुछ शमूएल को बता दिया जो शाऊल ने उसके साथ किया था । – स्लाइड 13
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दाऊद ने योनातान के साथ गुप्त मुलाकात की, उन्हें एक दूसरे के प्रति और अपने परिवारों के प्रति दया दिखाने की वाचा बांधी। और अगले दिन नए चाँद का पर्व था और दाऊद को राजा के साथ भोजन करना था परन्तु वह इसके बजाए खेत में छिपने जा रहा था क्योंकि दाऊद जानता था की राजा शाऊल क्रोध में था और उसे मारने की योजना बना रहा था। उन्होंने गुप्त संकेत तैयार किया जिसमें एक तीर को छोड़ने के द्वारा दाऊद को पता चल सके की वह सुरक्षित है या उसे भागना पड़ेगा। – स्लाइड 14
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इसलिए दाऊद खेत में छिप गया। और जब नए चाँद का पर्व आया, तो राजा भोजन करने को बैठा, दाऊद का स्थान खाली था, शाऊल ने उस दिन दाऊद की अनुपस्तिथि पर कोई टिप्पणी नही की । – स्लाइड 15
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पर अगले दिन जब दाऊद का स्थान मेज पर फिर से खाली था तो शाऊल ने पूछा कि दाऊद यहाँ पर क्यों नहीं है ? – स्लाइड 16
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क्योंकि दाऊद और योनातान ने आपस में सहमति की थी इसलिए योनातान ने बहाना बनाया और कहा कि वह अपने परिवार के साथ बैतलहम में बलिदान चढा रहा है। – स्लाइड 17
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शाऊल का क्रोध योनातान पर भडक उठा। उसने योनातान से कहा कि तूने अपने ही अपमान के लिए दाऊद का पक्ष लिया है जब तक वह जीवित है तू राजा नही बन सकता इसलिए दाऊद को मेरे पास भेज ताकि मैं उसे मार डालूँ। – स्लाइड 18
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योनातान ने पूछा कि उसे क्यों मार डालना चाहिए? उसने क्या किया है? शाऊल ने क्रोध में आकर योनातान की तरफ अपना भाला फेंका अब इसमें कोई संदेह नही था कि दाऊद का जीवन खतरे में था। – स्लाइड 19
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और अगली सुबह योनातान उस मैदान में गया जहाँ दाऊद छिपा हुआ था। उसने अपने साथ आए छोटे लडके से कहा दौड और दौडकर मेरे छोड़े गए तीरों को उठा ले आ और जैसे ही वह लड़का दौड़ा उसने उसके आगे तीर छोड़ा और लड़का वहाँ पहुंचा जहाँ योनातान का तीर गिरा था, और योनातान ने गुप्त संकेत दिखाया जो उसने दाऊद को सावधान करने के लिए बनाया था। क्या तीर तेरे आगे नही पड़ा है? जल्दी! जल्दी जा! रुक मत !’ – स्लाइड 20
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और उस लडके ने तीर उठाया और अपने स्वामी के पास वापस लौट आया, योनातान ने उसे अपने सरे हथियार दे दिए और कहा जा इन्हें नगर में ले जा। – स्लाइड 21
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और जब वह लड़का चला गया तो दाऊद अपने छिपने के स्थान से बाहर आया और तीन बार योनातान के सामने जमीन की तरफ मुहं किये हुए झुककर अभिवादन किया। – स्लाइड 22
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दोनों ने एक दूसरे को चूमा और एक साथ रोने लगे और दाऊद अधिक रोया। योनातान ने दाऊद से कहा, शांति से चला जा, क्योंकि हमने परमेश्वर के नाम में मित्रता की शपथ खायी है। और तेरे और मेरे और हमारे वंशजों बीच में परमेश्वर ही साक्षी है। – स्लाइड 23
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और दोनों मित्र विदा हुए। दाऊद जाकर छिप गया और योनातान अपने घर पर वापस लौट आया। – स्लाइड 24
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