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युसुफः रसोईये और पिलानेहारे के स्वप्न

यूसुफ और फिरौन के पकानेहारे और पिलानेहारे के स्वप्न।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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जब यूसुफ बन्दीगृह में था, तब यहोवा उसके साथ था। बंदीगृह का सरदार प्रभावित हुआ और उसने यूसुफ को अन्य कैदियों और जेल की दैनिक दिनचर्या का प्रभारी बना दिया। एक दिन फिरौन के पकानेहारे और पिलानेहारे दो नए बन्धुए आए, उन में से प्रत्येक ने फिरौन को क्रोध दिलाने के लिए कुछ ऐसा किया था। – स्लाइड 1
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एक दिन यूसुफ ने दो नए कैदियों को उदास देखा। 'आज तुम इतने उदास क्यों लग रहे हो?' उसने पूछा। उन्होंने उत्तर दिया, 'हम दोनों ने स्वप्न देखे हैं, परन्तु उनका फल बताने वाला कोई नहीं है।' 'मुझे अपने सपने बताओ,' यूसुफ ने उत्तर दिया। 'परमेश्वर उनकी व्याख्या कर सकते हैं।' – स्लाइड 2
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पिलानेहारे ने अपना स्वप्न पहले बताना शुरू किया। 'मैंने सपने में एक बेल देखी जिसमें तीन शाखाएँ थीं। जैसे ही उसमें कलियाँ लगीं, वह फूल गया, और उसके गुच्छों में दाख लगकर पक गया। फिरौन का प्याला मेरे हाथ में था। मैंने उन अंगूरों को लेकर फिरौन के प्याले में निचोड़ा और उसे दे दिया।' – स्लाइड 3
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तब परमेश्वर ने यूसुफ को स्वप्न समझाने में सहायता की। 'तीन शाखाएँ तीन दिन हैं। तीन दिन के भीतर फिरौन तुझे तेरा काम फिर से देगा, और तू फिर उसका पिलानेहार होगा। – स्लाइड 4
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तब यूसुफ ने पिलानेहारे से कहा, कि वह फिरौन से उसका जिक्र करे। 'मुझे इब्रानियों के देश से बलपूर्वक उठा कर ले जाया गया है और मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है जो जेल में डाले जाने के योग्य हो।' – स्लाइड 5
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तब रसोईए ने अपना स्वप्न बताया। 'मेरे सिर पर रोटी की तीन टोकरियाँ थीं। – स्लाइड 6
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ऊपर की टोकरी में फिरौन के लिये सब प्रकार का पका हुआ भोजन है, परन्तु पक्षी मेरे सिर पर की टोकरी में से उन वस्तुओं को खा रहे हैं। – स्लाइड 7
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यूसुफ के पास रसोईये के लिए भयानक खबर थी। 'तीन टोकरियाँ तीन दिन हैं। तीन दिन के भीतर फिरौन तेरा सिर को कटवाकर तेरी देह को खम्भे पर लटकाएगा; और पक्षी तुम्हारा मांस नोंच ड़ालेंगे।’ – स्लाइड 8
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तीन दिन के बाद फिरौन का जन्मदिन था, और उस ने अपके हाकिमों को जेवनार दी। फिरौन ने आदेश दिया कि उसका पकानेहार और पिलानेहार उसके सामने हाजिर हों। – स्लाइड 9
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फिरौन और जन्मदिन समारोह में भाग लेने वाले सभी लोगों का सामना करने के लिए दोनों व्यक्तियों को तुरंत जेल से रिहा कर दिया गया। – स्लाइड 10
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फिरौन ने पिलानेहारे को क्षमा किया, और उसको उसका काम फिर से दे दिया। फिर उसने बेकर को मार डालने का आदेश दिया - जैसा कि यूसुफ ने कहा था कि वह करेगा। – स्लाइड 11
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जब पिलानेहारा अपना काम करने लगा, तब वह यूसुफ को पूरी रीति से भूल गया, और फिरौन से अपनी दुर्दशा का कुछ भी जिक्र न किया। – स्लाइड 12
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