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यहोवा का छोटे शमुएल से बात करना

युवा शमूएल, एली और रात में परमेश्वर की आवाज।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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छोटा शमुएल तम्बू में यहोवा की सेवा करते हुए बड़ा हो रहा था। – स्लाइड 1
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हर साल उसके माता-पिता हन्ना और एल्काना उससे मिलने रामा से आते और उसकी माता हर साल उसके लिए एक नया अंगरखा लेकर आती। एली ने एल्काना और उसकी पत्नी को आशीर्वाद दिया और यहोवा से उन्हें  शमुएल कि जगह अन्य सन्तान देने की प्रार्थना की। यहोवा ने हन्ना को तीन पुत्र और दो पुत्रियां और दीं। – स्लाइड 2
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एली अब बूढ़ा हो चुका था और अंधा होता जा रहा था। उसके दोनों पुत्र होफ्नी और पिनहास याजक थे। लेकिन वे न तो यहोवा का और न ही एली का आदर करते थे। – स्लाइड 3
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जब भी कोई बलिदान चढाता, एली के पुत्र एक सेवक को तीन दांत वाला कांटा लेकर भेजते। – स्लाइड 4
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यहोवा ने चढाये गए बलिदानों के इस निरादर को गम्भीरता से लिया। उन्होंने तम्बू के द्वार पर सेवा करने वाली महिलाओं से बदसूलकी भी की और अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। – स्लाइड 5
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एली ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा, मैं तुम दोनों के दुष्टता भरे कार्यों के बारे में बुरी सूचनाएं सुन रहा हूँ । – स्लाइड 6
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इस दौरान, शमुएल यहोवा और मनुष्यों के अनुग्रह में बढ़ता और शारीरिक रूप से भी बड़ा होता रहा, शमुएल तम्बू में यहोवा के सन्दूक के समीप सो रहा था और अचानक यहोवा ने पुकारा, ‘शमुएल!’ – स्लाइड 7
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शमुएल उठा और एली के पास दौडकर चला गया। उसने एली से कहा मैं यहाँ पर हूँ। ‘क्या अपने मुझे पुकारा?’ एली ने उत्तर दिया नही मैंने तुझे नहीं पुकारा जा बिस्तर में वापस चला जा और उसने ऐसा ही किया। – स्लाइड 8
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इसके बाद यहोवा ने उसे एक बार फिर पुकारा, ‘शमुएल!' – स्लाइड 9
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शमुएल दोबारा उठा और एली के पास जाकर बोला मैं यहाँ हूँ। ‘क्या अपने मुझे पुकारा?’<br/>एली ने कहा मेरे पुत्र मैंने तुझे नहीं बुलाया जा बिस्तर में वापस चला जा। – स्लाइड 10
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शमुएल नही जानता थी कि यहोवा परमेश्वर उसे पुकार रहा था क्योंकि यहोवा ने उससे पहले कभी बात नहीं कि थी। वह वापस बिस्तर में जाकर लेट गया और यहोवा ने उसे तीसरी बार पुकारा, और शमुएल एक बार फिर से उठकर एली के पास चला गया। – स्लाइड 11
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मैं यहाँ पर हूँ। क्या अपने मुझे बुलाया?<br/>एली जान गया कि यह यहोवा ही था जो शमुएल को पुकार रहा था। इसलिए उसने उससे कहा जा जाकर दोबारा लेट जा,और यदि तुझे कोई फिर से पुकारे, तो कहना “बोलिए, प्रभु आपका सेवक सुन रहा है”। – स्लाइड 12
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और यहोवा ने उसे फिर से पुकारा, ‘शमुएल!’ ‘शमुएल!’ – स्लाइड 13
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शमुएल ने उत्तर दिया, “बोलिए, प्रभु आपका सेवक सुन रहा है”। और प्रभु ने शमुएल से कहा, मैं एक चौंकाने वाली बात करने जा रहा हूँ मैं एली और उसके परिवार को दंड देने वाला हूँ । – स्लाइड 14
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‘और उसके परिवार के ऊपर हमेशा के लिए न्याय आने वाला है क्योंकि उसके पुत्रों ने यहोवा के नाम निंदा की है और उसने उन्हें अनुशासित नहीं किया।’ शमुएल सुबह होने तक बिस्तर में लेटा रहा, इसके बाद उसने उठकर तम्बू के द्वार को खोला। उसे एली को वो बात बताने में डर लग रहा था जो यहोवा ने उससे कही थी। – स्लाइड 15
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एली ने शमुएल को बुलाया और उससे विनती की और कहा कि वह उसे सब बातें बताए जो यहोवा ने उससे कही थी तो शमुएल ने उसे सारी बातें बता दी जो यहोवा ने उससे कही थी। एली ने उत्तर दिया, ये यहोवा की इच्छा है जैसा उसे अच्छा लगता है वह करे। – स्लाइड 16
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और उस समय पलिश्तियों कि सेना ने इस्राएलियों को युद्ध में हरा दिया। इसलिए उन्होंने शिलोह से वाचा के सन्दूक को लेने के लिए मनुष्यों को भेजा। होफ्नी और पिनहास वाचा के सन्दूक के साथ थे। और यह इसलिए नही था कि यहोवा ने उन्हें ऐसा करने कि आज्ञा दी थी। – स्लाइड 17
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और वे फिर से पलिश्तियों के विरूद्ध लड़ने को गए। उस दिन 30,000 इस्राएली सैनिक मारे गए। और जिन्दा बचे लोग मुड़कर अपने तम्बुओं कि ओर भागे। और वाचा का सन्दूक को शत्रुओं ने पकड़ लिया और एली के पुत्र होफ्नी और पिनहास भी मारे गए। – स्लाइड 18
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और एली सड़क के किनारे युद्ध के समाचार के लिए प्रतीक्षा कर रहा था। और एक संदेशवाहक ने आकर उसे बताया कि वे हार गए थे, और वाचा का सन्दूक पकड़ लिया गया था और एली के पुत्र मारे जा चुके थे। और ये समाचार सुनने के बाद  एली चौंककर अपनी गद्दी के पीछे गिर पड़ा और उसकी गर्दन टूटने के कारण उसकी मृत्यु हो गयी। – स्लाइड 19
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और पिनहास कि पत्नी गर्भवती थी। और जब उसने ये समाचार सुना कि उसका पति मर गया तो उसे जच्चा कि पीडाएं उठी, लेकिन बच्चे को जन्म देते हुए उसकी भी मृत्यु हो गयी। परन्तु बालक जीवित रहा और उसका नाम इकाबोद रखा गया {जिसका अर्थ है, महिमा कहाँ है?}, क्योंकि उस स्त्री ने कहा था कि इस्राएल कि महिमा चली गई  और यहोवा शिलोह में तम्बू के भीतर शमुएल को दर्शन और संदेश देता रहा। – स्लाइड 20
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