हम सामान्य आगंतुक आंकड़े एकत्र करने के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं लेकिन व्यक्तिगत जानकारी नहीं। गोपनीयता नीति

यरूशलेम में विजय प्रवेश

यीशु के के यरूशलेम पहुँचने पर भीड़ ने खजूर के पेड़ की डालियाँ हिलायी ।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
पर्सनल और टीचिंग इस्तेमाल की इजाज़त है व्यक्तिगत एवं शिक्षण उपयोगवाणिज्यिक उपयोग की अनुमति व्यावसायिक उपयोगव्युत्पन्न कार्यों की अनुमति है व्युत्पन्न कृतियाँA.I. अनुकूलन की अनुमति A.I. रूपांतरण
1
फसह का पर्व आने वाला था  यीशु अपने चेलों के साथ पहाडि़यों के मार्ग से होकर यरूशलेम जा रहा था। – स्लाइड 1
2
जब वह जैतून नाम पहाड़ पे  बैतफगे और बैतनियाह के पास  पहुंचे तो यीशु ने अपने चेलों मे  से दो को यह कहके भेजा  कि सामने के गांव में जाओ  और उस में पहुंचते ही एक गदही का बच्चा जिस पर कभी  कोई सवार नहीं हुआ, बन्ध  हुआ तुम्हें मिलेगा, उसे खोल कर लाओ। – स्लाइड 2
3
यदि कोई तुम से पूछे, की क्यों खोलते हो, तो यह कह देना, कि प्रभु को इस का प्रयोजन है। चेले तुरंत चल गए। – स्लाइड 3
4
बाहर गली में गधे को दरवाजे से बंधा पाया और उसे खोलना शुरू किया। जब वे ऐसा ही कर रहे थे, तब गधी के स्वामियों ने कहा, 'यह क्या कर रहे हो, उस गधी के बच्चे को खोल रहे हो?' – स्लाइड 4
5
उन्होंने कहा, प्रभु को इस का प्रयोजन है। गधे के स्वामियों न उसे जाने दिया। – स्लाइड 5
6
वे उस को यीशु के पास लेके आए और अपने कपड़े उस गधे पर डालकर यीशु को उस  पर सवार किया। – स्लाइड 6
7
बहुत से लोगों ने अपने लबादे या खजूर की शाखाओं को जमीन पर फैला दिया ताकि यीशु उस पर सवार हो सके जबकि अन्य लोग खजूर के पत्ते हिला रहे थे। – स्लाइड 7
8
लोग चिल्लाते हुए यीशु के आगे दौड़े, 'दाऊद के पुत्र को होशाना!' (होसन्ना का अर्थ है 'बचाओ')। अन्य चिल्लाए, 'धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है!' – स्लाइड 8
9
कुछ लोग पुकारने लगे, आसमानो के आसमान में होशाना। – स्लाइड 9
10
भीड़ में से कुछ फरीसियों ने यीशु से कहा, 'गुरु, अपने शिष्यों से कहो कि चिल्लाना बंद करें।' – स्लाइड 10
11
यीशु ने उत्तर दिया, कि तुम से कहता हूं, यदि ये चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे। – स्लाइड 11
12
Blank – स्लाइड 12