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यरदन को पार करना

यहोशू, वाचा का सन्दूक और यरदन को पार करना।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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भोर को यहोशू इस्राएलियों को यरदन नदी तक ले गया, जहां उन्होंने डेरे खड़े किए। – स्लाइड 1
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तीन दिन के बाद अधिकारियों ने आज्ञा दी, 'जब तुम वाचा के सन्दूक को याजक उठाए हुए देखो, तब उसके दूर पीछे पीछे चलना।' यहोशू ने सभी से कहा कि वे अपने जीवन को परमेश्वर के साथ ठीक करें क्योंकि अगले दिन वे उसे आश्चर्यजनक कार्य करते देखेंगे। – स्लाइड 2
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अगले दिन यहोशू ने याजकों से वाचा के सन्दूक को यरदन नदी की ओर ले जाने को कहा। नदी में बाढ़ आ गई थी और उसे पार करना खतरनाक था। परमेश्वर ने यहोशू से कहा कि जब वे नदी के तट पर पहुंचें तो याजकों से कह दें कि वे रुकें नहीं परन्तु जाकर नदी में खड़े हों। – स्लाइड 3
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ज्यों ही याजकों के पांव पानी पर पड़े, पानी बहना बंद हो गया। वह आदम नाम के एक नगर में कुछ दूर एक बड़े ढेर में खड़ा हो गया। याजक सूखी भूमि पर नदी तल के मध्य में खड़े हो गए जबकि लोग प्रतिज्ञा किए गए देश में पार हो गए। – स्लाइड 4
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यहोशू ने आज्ञा दी थी कि बारह पुरूष, एक एक गोत्र में से एक पुरूष चुना जाए। उसने इन आदमियों से कहा कि वे सूखी नदी के तल से एक-एक बड़ा पत्थर इकट्ठा करें और उसे उस जगह ले जाएँ जहाँ वे रात के लिए पड़ाव डालेंगे। – स्लाइड 5
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लड़ाई के लिए हथियारबंद लगभग 40,000 लोग यरदन नदी के उस पार पहुंचे और फिर दूर किनारे पर खड़े होकर देखते रहे। परमेश्वर ने यहोशू को निर्देश दिया, 'याजकों को पानी से बाहर आने की आज्ञा दो। जैसे ही उन्होंने ऐसा किया, पानी फिर से नीचे की ओर बहने लगा। – स्लाइड 6
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गिलगाल नामक स्थान पर यहोशू ने बारह आदमियों को उन बड़े पत्थरों को स्थापित करने का निर्देश दिया जो वे नदी के तल से एक स्मारक के रूप में लाए थे। – स्लाइड 7
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यहोशू ने घोषणा की, 'जब आने वाली पीढ़ियां तुमसे पूछें कि इन पत्थरों का क्या मतलब है,' तो उन्हें बताओ कि यहोवा ने यरदन नदी को वैसे ही सुखा दिया, जैसे उसने लाल समुद्र को सुखा दिया था, ताकि हम पार हो सकें। उसने ऐसा अपनी सामर्थ्य दिखाने के लिए किया कि तुम हमेशा उसके भय में रहोगे।' – स्लाइड 8
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इस्राएली अब अपनी पहली चुनौती का सामना करने के लिए तैयार थे। उनके आगे यरीहो का भारी सुरक्षा वाला शहर था। – स्लाइड 9
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