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पौलुस और सिलास बंदीगृह में

पौलुस और सीलास परमेश्वर की स्तुति करते हैं और भूकंप आता है।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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पौलुस, सिलास और तिमुथियुस फिलीप्पी में लीदीया के घर मेहमान के रूप में ठहरे हुए थे। एक दिन जब वे प्रार्थना करने के जगह पर जा रहे थे तो एक दुष्टात्मा से पीडि़त गुलाम लड़की ने उनका पीछा किया। इस दुष्टात्मा ने उसे भाग्य बताने की ताकत दे रखी थी और इस कारण वह अपने स्वामियों के लिए बहुत सारा धन कमा लेती थी। – स्लाइड 1
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वह पौलुस और अन्य लोगों के पीछे दौड़ते हुए चिल्लाने लगी ‘ये मनुष्य सर्वोच्च परमेश्वर के सेवक हैं, और यहाँ पर यह बताने आए हैं, कि किस रीति से उद्धार पाया जाता है।' – स्लाइड 2
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ये लगातार कई दिनों तक चलता रहा जब तक कि पौलुस इतना उत्तेजित नहीं हो गया कि उसने मुड़कर उसके भीतर के दुष्टात्मा से कहा ‘मै यीशु मसीह के नाम से तुझे बाहर निकलने की आज्ञा देता हूं, वह दुष्टात्मा तुंरत उसे छोड़कर चली गयी। – स्लाइड 3
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अब जबकि दासी ने भाग्य बताने की शक्ति खो दी है, तो उसके स्वामियों की पैसे कमाने की आशा धराशायी हो गई। अत: वे पौलुस और सीलास को पकड़कर चौक में अधिकारियों के सामने घसीट ले गए। 'इन यहूदियों के कारण सारे नगर में कोलाहल मच गया है!' वे नगर के अधिकारियों को चिल्लाकर कहने लगे। 'वे वे बातें सिखाते है जो हम रोमनों के लिए मानना अवैध हैं।' – स्लाइड 4
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पौलुस और सीलास के विरुद्ध भीड़ इकट्ठी हो गई, और नगर के अधिकारियों ने उन्हें निर्वस्त्र करने और लकड़ी के बेंतों से पीटने का आदेश दिया। एक गंभीर पिटाई के बाद, पौलुस और सिलास को जेल में डाल दिया गया। – स्लाइड 5
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जेलर को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया था कि वे भाग न जाएँ। इसलिए उस ने उन्हें भीतरी कोठरी में डाल दिया, और उनके पांव काठ में ठोंक दिए। आधी रात के आसपास पौलुस और सीलास प्रार्थना कर रहे थे और परमेश्वर के भजन गा रहे थे, और अन्य कैदी सुन रहे थे। – स्लाइड 6
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अचानक, एक बड़ा भूकंप आया, और जेल की नींव हिल गई। सभी दरवाजे तुरंत खुल गए, और हर कैदी की जंजीरें खुलकर गिर गईं! – स्लाइड 7
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जेलर की नींद खुली तो उसने जेल के दरवाजे खुले देखे। उसने समझा कि कैदी भाग गए हैं, इसलिए उसने खुद को मारने के लिए अपनी तलवार खींच ली। परन्तु पौलुस ने उस से कहा, रुक जा! अपने आप को मत मारो! हम सब यहीं हैं!’ दरोगा ने बत्तियाँ मंगवाईं और दौड़कर कालकोठरी में गया और काँपता हुआ पौलुस और सीलास के सामने गिरा। तब उस ने उन्हें बाहर लाकर कहा, हे साहिबो, उद्धार पाने के लिए मैं क्या करूं? – स्लाइड 8
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उन्हों ने उत्तर दिया, कि प्रभु यीशु पर विश्वास कर, तो तू, और तेरे घराने के सब लोग उद्धार पाएंगे। तब उन्होंने उसको और उसके घर के सब लोगों को यहोवा का वचन सुनाया। – स्लाइड 9
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जेलर ने उनकी देखभाल की और उनके घावों को धोया। फिर उसने और उसके घराने के सब लोगों ने तुरन्त बपतिस्मा लिया। उस ने अपने घर में उनको भोजन दिया, और उसके सारे घराने में आनन्द हुआ, क्योंकि वे सब परमेश्वर पर विश्वास रखते थे। – स्लाइड 10
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अगले दिन सवेरे नगर के हाकिमों ने दारोगा से कहा, ‘उन लोगों को जाने दो!’ जब उन्हें पता चला कि पौलुस और सीलास रोमी नागरिक हैं, तो वे बन्दीगृह में आए, और अपने इलाज के विषय मेंबुरे बर्ताव के लिए उन से क्षमा मांगी। पौलुस और सीलास बन्दीगृह से निकलकर लुदिया के घर लौट आए। वे विश्वासियों से मिले और शहर छोड़ने से पहले उन्हें प्रोत्साहित किया। – स्लाइड 11
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