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पौलुस और सिलास की फिलिप्पी यात्रा

फिलिप्पी में पौलुस और सीलास लुदिया से मिलते हैं।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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जब पौलुस ने बरनाबास को सुजाव दिया कि उन्हे उन स्थानों पर फिर  से जाना चाहिए जहाँ पर व पहली यात्रा के दौरान गए थे बरनाबास सहमत हो गया लेकिन  वह अपने साथ यूहन्ना मरकुस को  ले जाना चाहता था। लेकिन  पौलुस यूहन्ना मरकुस को इसलिए नहीं ले जाना चाहता था क्योंक उसने उन्हें पहली यात्रा पर छोड दिया था । उनके बीच की असहमति  इतनी बढ़ गई के वे एक दूसरे स अलग हो गए। – स्लाइड 1
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बरनाबास और यूहन्ना मरकुस एक साथ निकल पड़े। – स्लाइड 2
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वे जहाज पर चढ़कर साइप्रस मे रह रहे मसीहियों से मिलने और उनका उत्साह बढ़ाने चले गए। – स्लाइड 3
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पौलुस ने सीलास और अन्ताकिया की कलीसिया के साथ मिलकर उन्हें परमेश्वर की देखभाल के लिए सौंप दिया जब वे रवाना हुए। – स्लाइड 4
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वे सीरिया से होकर सिसीलिया की ओर चल पड़े। सिलास ने यरूशलेम  के अगुओं के द्वारा लिखे पत्र को  अन्यजाती मसीहियों का उत्साह  बढ़ाने के लिए पढ़कर सुनाया। दोनो ने कलीसिया को विश्वास मे मजबूती से बढ़ने के लिए सहायता करने के लिए उन्हें परमेश्वर का  वचन सिखाया। – स्लाइड 5
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इसके बाद वे पास के क्षेत्र दर्बे मे चले गए यहाँ पर पौलुस अपनी पहली यात्रा के दौरान आया था। – स्लाइड 6
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लुस्त्रा में वे एक जवान मसीह तिमुथियुस से मिले। उसका पिता यूनानी था लेकिन उसक माता एक यहूदी विश्वासी थी । वह सारे विश्वासियों में सुनाम था  और  पौलुस ने तिमुथियुस को भी यात्रा  में शामिल होने के लिए आमंत्रित  किया। – स्लाइड 7
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पौलुस, सीलास और तीमुथियुस एक नगर से दूसरे नगर गए, और विश्वासियों को यरूशलेम में प्रेरितों और पुरनियों के द्वारा दिए गए निर्णयों का पालन करने का निर्देश दिया।कलीसिया अपने विश्वास में मजबूत हुए और हर दिन बड़े होते गए। – स्लाइड 8
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इसके बाद पौलुस और सीलास ने फ्रूगिया और गलातिया के इलाकों से होते हुए यात्रा की। उन्होंने दक्षिण में एशिया जाने का विचार किया परन्तु पवित्र आत्मा ने उन्हें रोका। इसलिए  वे उत्तर की ओर बितूनिया प्रान्त की ओर चल दिए, परन्तु फिर यीशु के आत्मा ने उन्हें वहां जाने न दिया। – स्लाइड 9
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इसलिए इसके बजाए वे मिसिया से  होकर त्रोआस के बंदरगाह पर चल  गए। – स्लाइड 10
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उस रात पौलुस ने एक दर्शन देखा। एक पुरूष जो दक्षिण यूनानी के मकिदुनिया का था। वह उससे  प्रार्थना कर रहा था कि व मकिदुनिया आकर उनकी सहायत करे। – स्लाइड 11
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जब पौलुस ने यह बात सिलास  और तिमुथियुस को बताई तो उन्होने कहा कि परेमश्वर  हमें यूनानी न के मकिदुनिया मे सुसमाचार सुनाने के लिए कह रहे  है। उन्होंने एक साथ सामान बांध  लिया। – स्लाइड 12
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वे त्रोआस में एक नाव पर चढ़े और सीधे समोथ्रेस द्वीप के लिए रवाना हुए, और अगले दिन नेपोलिस में उतरे। – स्लाइड 13
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वे वहाँ से फिलिप्पी पहुंचे, जो  मकिदुनिया जिले का सबसे बड़ शहर था और एक रोमी बस्ती भी था। – स्लाइड 14
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सबत के दिन वे एक नदी के क किनारे पर गये, क्योंकि उन्होंन सोचा  कि लोग वहाँ पर प्रार्थना के लिए मिलेंगे। वे वहाँ बैठके वहाँ पर एकत्र हुई स्त्रियों से बाते करने लगे। – स्लाइड 15
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उनमें एक थुआतिरा की लौदिय थी  जो बैंजनी वस्त्र की व्यापारी थी, वह परमेश्वर की आराधना किया करती थी। और जैसे ही उसने पौलुस से यीशु का सुसमाचार को सुना तो परमेश्वर ने उसके दिल को खोल दिया और वह एक मसीही बन गई। – स्लाइड 16
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उसने अपने सारे परिवारजनों के  साथ बपतिस्मा लिया। उसने पौलुस सिलास और तिमुथियुस को जब  तक वे फिलिप्पी में थे तब त उन्हें अपने घर में मेहमानों की तरह ठहरने को कहा। – स्लाइड 17
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