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पतरस का कुरनेलियस को यीशु के बारें में बताना

पतरस, अशुद्ध जानवरों का दर्शन और कुरनेलियुस।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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रोमियों ने इजरायल के तट पर कैसरिया नामक बंदरगाह का निर्माण किया। सैनिकों की इटालियन रेजीमेंट को यहां पर तैनात किया गया था। – स्लाइड 1
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कुरनेलियुस नाम का एक सूबेदार बंदरगाह में रहता था। हालांकि एक यहूदी नहीं, वह और उसका परिवार भक्त और ईश्वर से डरने वाला था। वह नियमित रूप से परमेश्वर से प्रार्थना करता था और जरूरतमंदों को उदारता से देता था। – स्लाइड 2
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आगे तट के नीचे पतरस याफा के बन्दरगाह में शमौन के घर में ठहरा हुआ था, जो जानवरों की खालें सिलने का काम करता था। चूंकि शमौन का काम मरे हुए जानवरों की खाल को रंगना था, इसलिए कई यहूदी चर्मकार को 'अशुद्ध' मानते थे। – स्लाइड 3
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एक दिन, दोपहर के लगभग तीन बजे, कुरनेलियुस को परमेश्वर के एक दूत का दर्शन हुआ। 'कुरनेलियुस!' दूत ने कहा। कुरनेलियुस ने डरते हुए उत्तर दिया, 'यह क्या है, परमेश्वर?' 'स्वर्गदूत ने कहा, तेरे कंगालो को दिए दान परमेश्वर के सामने एक भेंट है। पतरस को बुलवा जो समुद्र के किनारे रहनेवाले चर्मकार शमौन के यहाँ ठहरा हुआ है। – स्लाइड 4
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कुरनेलियुस ने तुरन्त अपने दो सेवकों और एक भक्त सिपाही को, जो उसके सेवकों में से एक था, याफा भेजा। – स्लाइड 5
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याफा तट से लगभग 30 मील (48 किलोमीटर) नीचे था। संदेशवाहक रात भर आराम करने के लिए रुके और अगले दिन अपनी यात्रा जारी रखी। इस बीच, पतरस दोपहर के समय शमौन के घर की छत पर आराम कर रहा था, जब वह बेसुध हो गया। – स्लाइड 6
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पतरस ने स्वर्ग को खुला हुआ और एक बड़ी चादर को उसके कोनों के पास भूमि पर गिरा हुआ देखा। चादर जानवरों, रेंगने वाले जंतुओं और पक्षियों से भरी हुई थी, जिन्हें यहूदी अशुद्ध मानते थे और नहीं खाते थे। एक आवाज ने उसे आज्ञा दी, 'उठो, पतरस। मारो और खाओ।' 'निश्चित रूप से नहीं!' पतरस ने उत्तर दिया। 'मैंने कभी कुछ भी अशुद्ध नहीं खाया।' – स्लाइड 7
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दूसरी बार उसे यह वाणी सुनाई दी, 'जो कुछ परमेश्वर ने शुद्ध किया है, उसे अशुद्ध मत कहो।' ऐसा तीन बार हुआ, और तुरन्त वह चादर आकाश पर उठा ली गई। – स्लाइड 8
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पतरस इस दर्शन का अर्थ समझ ही रहा था, कि कुरनेलियुस के दूत आ पहुंचे। पवित्र आत्मा ने पतरस से कहा कि जाओ और उनसे मिलो। 'हम कुरनेलियुस सूबेदार के यहाँ से आए हैं, जो धर्मी और परमेश्वर से डरने वाला मनुष्य है, और सब यहूदी लोग उसका आदर करते हैं। एक पवित्र स्वर्गदूत ने उससे कहा कि वह तुझे अपने घर आने को कहे ताकि वह सुन सके कि तुझे क्या कहना है।’ पतरस ने उन्हें घर में मेहमान के तौर पर रहने के लिए बुलाया। – स्लाइड 9
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अगले दिन पतरस और याफा के कई मसीहियों के साथ कैसरिया में कुरनेलियुस से मिलने गए। – स्लाइड 10
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कुरनेलियुस ने अपने सम्बन्धियों और घनिष्ठ मित्रों को इकट्ठा किया था। जब पतरस आया, तो कुरनेलियुस ने उसके साम्हने घुटने टेके, परन्तु पतरस ने कहा, 'खड़ा हो, मैं तो मनुष्य ही हूं।' – स्लाइड 11
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'किसी यहूदी का किसी अन्यजाति से भेंट करना हमारे नियम के विरुद्ध है। लेकिन परमेश्वर ने मुझे दिखाया है कि मुझे किसी को अशुद्ध या अशुद्ध नहीं कहना चाहिए। मैं इसीलिए यहां पर हूं। क्या मैं पूछ सकता हूँ कि आपने मुझे क्यों बुलाया?' – स्लाइड 12
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कुरनेलियुस ने बताया कि कैसे स्वर्गदूत ने उससे दर्शन में बातें कीं और उसे पतरस को बुलाने को कहा। 'हम सब कुछ सुनने के लिए परमेश्वर के सामने इकट्ठे हुए हैं जो यहोवा ने तुम्हें हमें बताने की आज्ञा दी है।' – स्लाइड 13
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पतरस कहने लगा, 'अब मैं जानता हूं कि परमेश्वर हर राष्ट्र के लोगों को स्वीकार करते हैं जो उनसे डरते हैं और उनका पालन करते हैं।' फिर उसने उन्हें यीशु और उसकी मृत्यु और पुनरुत्थान के बारे में बताया। 'हर कोई जो उस पर विश्वास करता है, उसके नाम के द्वारा पापों की क्षमा प्राप्त करता है।' – स्लाइड 14
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पतरस बोल ही रहा था कि अन्यजातियों पर पवित्र आत्मा उंडेला गया। वे परमेश्वर की स्तुति करने लगे और अन्य भाषाओं (अन्य भाषाओं) में बोलने लगे। – स्लाइड 15
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पतरस के साथ यहूदी मसीही चकित थे कि जो लोग यहूदी नहीं थे उन्होंने पवित्र आत्मा प्राप्त किया था। तब पतरस ने नए विश्वासियों को पानी से यीशु मसीह के नाम में बपतिस्मा दिया। उनके निमंत्रण पर वह उनकी मदद करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कुछ दिनों तक उनके साथ रहे। – स्लाइड 16
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