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दाऊद और गोलियत

दाऊद परमेश्वर पर भरोसा करते हुए पलिश्ती दानव गोलियत से लड़ता है।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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पलिश्ती इस्राएल के विरूद्ध लड़ने के लिए एकत्र हुए। पलिश्ती एक पहाड़ी पर इकट्ठा हुए और इस्राएली दूसरी पहाड़ी पर उनके बीच में एक घाटी थी। – स्लाइड 1
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राजा शाऊल और इस्राएली एलाह नामक घाटी में छावनी ड़ाले हुए थे। गत नगर का रहने वाला एक पुरूष जिसका नाम गोलियत था, वह पलिश्तियों की छावनी में से निकलकर इस्राएलियों को चुनौती देने लगा। – स्लाइड 2
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गोलियत 7 फुट से अधिक लंबा था। और तांबे का कवच पहना करता था उसका वज़न लगभग 110 किलो था। उसने अपने पांवों की सुरक्षा के लिए भी तांबे का कवच पहना हुआ था और उसने तांबे का भाला उठाया हुआ था। उसके भाले पर जो लोहे की नोंक लगी थी उसका वजन लगभग 10 किलोग्राम था। और एक सैनिक उसकी ढ़ाल उठाए हुए उसके आगे-आगे चलता था। थाथा। – स्लाइड 3
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गोलियत ने इस्राएलियों से चिल्लाकर कहा, तुम लोग अपने में से किसी एक व्यक्ति को चुन लो ताकि वह मुझसे युद्ध करे और यदि वह जीत जाए और मुझे मार डाले तो हम तुम्हारे दास हो जाएंगे, लेकिन यदि मैं जीत जाऊँ और उसे मार दूँ, तो तुम हमारे दास हो जाना। मैं तुममे से किसी एक को मुझसे युद्ध करने के लिए ललकारता हूँ। यह सुनकर शाऊल और उसके सिपाहियो में अत्यंत भय छा गया। – स्लाइड 4
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दाऊद बैतलहम में अपने पिता की भेड़ों की रखवाली करता था। – स्लाइड 5
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उसने कई बार भेड़ों को भालुओं और शेरों के हमले से बचाया था। उसके तीन भाई एलियाब, अबिनादाब और शाम्मा सेना में थे और पलिश्तियों का सामना करने के लिए गये हुए थे। – स्लाइड 6
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गोलियत चालीस दिन तक प्रतिदिन सुबह और शाम के समय इस्राएलियों को चुनौती देता रहा। – स्लाइड 7
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दाऊद के पिता यिशै ने उससे कहा, जा जाकर ये दस रोटी और भुना हुआ अनाज अपने भाइयों को छावनी में दे आ। और ये दस पनीर के टुकड़े सेनापति को देना। और जाकर अपने भाइयों का कुशलक्षेम पता करना। – स्लाइड 8
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दाऊद ने भोजन सामग्री ले जाकर सेना के भोजन प्रबंधक को दी और युद्धस्थल पर अपने भाईयों को देखने के लिए चल पड़ा। और वह वह उनसे बातें कर ही रहा था, कि इतने में गोलियत सामने आया और इस्राएलियों को चुनौती देने लगा। जब इस्राएलियों ने गोलियत को देखा, तो वे ड़र के मारे वहाँ से भाग खड़े हुए। – स्लाइड 9
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दाऊद ने सैनिकों से पूछा, ये पलिश्ती कौन है, जो जीवित परमेश्वर की सेना को चुनौती दे रहा है? उन्होनें उससे कहा, यह गोलियत है जो कोई गोलियत का मार डा़लेगा उसे बहुत बड़ा ईनाम दिया जाएगा, और राजा अपनी बेटी का विवाह उसके साथ कर देगा और उसके पिता के परिवार को कर देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। – स्लाइड 10
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दाऊद को राजा शाऊल के पास ले जाया गया, दाऊद ने उससे कहा राजा की जय हो’, किसी को इन पलिश्तियों से नहीं ड़रना चाहिए! मैं जाकर उससे लड़ूँगा। शाऊल ने कहा नहीं तुम उससे कैसे लड़ोगे तुम तो एक लड़के हो, और वह अपने जीवन भर सैनिक रहा है। – स्लाइड 11
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दाऊद ने उत्तर दिया, मैनें मेरे पिता की भेड़ों के ऊपर हमला करने वाले भालुओं और शेरों को मारा है, और मैं इस पलिश्ती से वैसा ही करूंगा, जिस ने जीवित परमेश्वर की सेना को ललकारा है। यहोवा मुझे गोलियत से बचाएगा।” – स्लाइड 12
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शाऊल ने कहा ‘जा’ परमेश्वर तेरे संग रहे। उसने दाऊद को अपना कवच दे दिया, लेकिन जब दाऊद ने उसे पहन कर देखा तो उसने कहा मैं इन सब चीजों को पहन कर नहीं लड़ सकता, मुझे इसकी आदत नहीं है। – स्लाइड 13
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इसके बजाए, उसने अपनी चरवाहे की लाठी ली और नदी में से पांच चिकने पत्थर लेकर अपने झोले में ड़ाल लिए और अपनी गोफन को तैयार कर गोलियत का सामना करने के लिए चल पड़ा। गोलियत ने भी अपने ढ़ाल उठाने वाले के साथ दाऊद की तरफ चलना शुरू कर दिया। गोलियत ने चिल्लाकर दाऊद से कहा कि तू ये लाठी किस लिए लाया है? ‘‘क्या तू मुझे कुत्ता समझता है?’’ – स्लाइड 14
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गोलियत ने अपने देवताओं का नाम लेकर दाऊद को शाप देना शुरू कर दिया। गोलियत दाऊद से बोला आ मैं तेरी देह को आकाश के पक्षियों और जंगली जानवरों को खाने को दूंगा। दाऊद ने उत्तर दिया, तू मेरे विरूद्ध तलवार, भाले और बर्छी लेकर आता है मैं तेरे विरूध सर्वशक्तिमान परमेश्वर के नाम से आता हूँ। आज परमेश्वर तुझे मेरे हाथ में कर देगा और मैं तुझे हराकर तेरा सिर काट डालूँगा। – स्लाइड 15
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दाऊद ने अपने थैले से एक पत्थर निकाला और उसे गोफन पर रखकर गोलियत को मारा वो पत्थर गोलियत के माथे पर लगा और उसकी खोपड़ी तोड़ ड़ाली, गोलियत मुँह के बल भूमि पर गिर पड़ा। – स्लाइड 16
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दाऊद ने दौड़कर गोलियत की तलवार मयान से निकाली और उसका सिर काट दिया। – स्लाइड 17
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जब पलिश्तियों ने देखा की उनका नायक मर चुका है, तो वे सभी भय के मारे भाग खड़े हुए। – स्लाइड 18
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और इस्राएली लोग चिल्लाए और उनका पीछा करने लगे, और वे उनका पीछा करते हुए गत और एक्रोन में फिलिस्तीन की सीमा तक पहुंच गए। – स्लाइड 19
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दाऊद ने गोलियत के शस्त्र अपने पास रख लिए और एकनायक की तरह विजयी होकर लौट आया। – स्लाइड 20
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